Tips and Tricks: घर में मच्छरों की भनभनाहट शुरू होते ही लोग अक्सर कॉइल, स्प्रे या दूसरे रिपेलेंट का सहारा लेते हैं। कई बार नींबू के छिलके, नीम की सूखी पत्तियों या दूसरे घरेलू तरीकों का भी इस्तेमाल किया जाता है। इनसे कुछ समय के लिए मच्छर कम हो सकते है, लेकिन इन्हें डेंगू से बचाव का पक्का तरीका नहीं माना जा सकता। खासकर डेंगू फैलाने वाले मच्छरों से बचने के लिए घर और आसपास साफ-सफाई रखना सबसे जरूरी है।
नींबू के छिलके का ऐसे कर सकते हैं इस्तेमाल
घर में नींबू इस्तेमाल करने के बाद उसके छिलकों को फेंकने के बजाय साफ करके छोटे टुकड़ों में काट सकते हैं। इन्हें उन जगहों के आसपास रखा जा सकता है, जहां छोटे कीड़े या मच्छर ज्यादा नजर आते हैं। नींबू की गंध कुछ कीड़ों को दूर रखने में मदद कर सकती है, लेकिन इसका असर हर तरह के मच्छर या कीड़े पर एक जैसा हो, यह जरूरी नहीं है। इसलिए इसे सिर्फ एक अतिरिक्त घरेलू उपाय के तौर पर ही देखें।
नीम का धुआं करते समय रहें सावधान
मच्छरों को दूर रखने के लिए कई जगहों पर नीम की सूखी पत्तियों का धुआं करने की परंपरा भी है। हालांकि, धुआं आंखों और सांस की नली में जलन पैदा कर सकता है। इसलिए बंद कमरे में ज्यादा धुआं करने से बचना चाहिए। बच्चों, बुजुर्गों और सांस से जुड़ी परेशानी वाले लोगों को इससे दूर रखना बेहतर है। धुआं करने के बाद कमरे में पर्याप्त वेंटिलेशन होने दें।
डेंगू वाले मच्छरों के लिए यह काम ज्यादा जरूरी
डेंगू से बचाव के लिए सिर्फ धुआं या खुशबू वाले घरेलू उपायों पर निर्भर रहना पर्याप्त नहीं है। मच्छरों की संख्या कम करने का सबसे जरूरी तरीका उनके पनपने की जगह खत्म करना है। कूलर, गमलों की ट्रे, बाल्टी, पुराने टायर, पानी के डिब्बे और छत पर रखे सामान में पानी जमा न होने दें। पानी की टंकी को ढककर रखें और कूलर का पानी नियमित रूप से बदलते रहें।
जरूरत पड़े तो दूसरे उपाय भी अपनाएं
अगर घर में मच्छर ज्यादा हैं तो मच्छरदानी, दरवाजे-खिड़कियों पर जाली और उचित मच्छर रिपेलेंट का इस्तेमाल किया जा सकता है। इसलिए नींबू के छिलके या नीम का धुआं अतिरिक्त उपाय हो सकते हैं, लेकिन डेंगू से बचाव में सबसे अहम है कि घर के आसपास कहीं भी पानी जमा न होने दें और मच्छरों के पनपने की जगह को खत्म करें।






