Saturday, September 26, 2026
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MP News: 21 साल का इंतजार खत्म! भोपाल का मास्टरप्लान 2047 जारी, भोपाल में अब कहां होगा विकास और कितनी बढ़ेगी हरियाली?

Bhopal Masterplan 2047: निशानेबाज न्यूज़ डेस्क- मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के विकास को नई दिशा देने के लिए भोपाल विकास योजना-2047 का प्रारूप जारी कर दिया गया है। करीब 21 साल के लंबे इंतजार के बाद सामने आए इस मास्टरप्लान में शहर के विस्तार, बेहतर परिवहन, रोजगार, आवास और पर्यावरण संरक्षण पर जोर दिया गया है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इसकी जानकारी साझा की।

मुख्यमंत्री ने बताया कि गणेश अनंत चतुर्दशी के अवसर पर भोपाल विकास योजना-2047 के प्रारूप का प्रकाशन किया गया है। इस योजना में शहर की प्राकृतिक धरोहरों, भोजताल, वन क्षेत्रों और बाघों के विचरण वाले इलाकों को सुरक्षित रखने के साथ नागरिकों को बेहतर सुविधाएं देने की बात कही गई है।

21 साल बाद सामने आया भोपाल के विकास का नया खाका
भोपाल मास्टरप्लान 2047 को शहर के आने वाले वर्षों के विकास की योजना के रूप में तैयार किया गया है। इसका उद्देश्य बढ़ती आबादी और शहरी जरूरतों को ध्यान में रखते हुए विकास के लिए व्यवस्थित ढांचा तैयार करना है।योजना में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने, रोजगार के नए अवसर तैयार करने और शहर के अलग-अलग हिस्सों को बेहतर तरीके से जोड़ने के प्रस्ताव शामिल हैं। इसके साथ ही महानगरीय विकास की अवधारणा के अनुरूप शहर के विस्तार की दिशा तय करने की बात कही गई है।

हरित क्षेत्र 16% से बढ़ाकर 27% करने का प्रस्ताव
मास्टरप्लान की प्रमुख विशेषताओं में हरित क्षेत्र का विस्तार शामिल है। प्रारूप के अनुसार, भोपाल में हरित क्षेत्र को मौजूदा 16 प्रतिशत से बढ़ाकर 27 प्रतिशत करने का प्रस्ताव रखा गया है।

योजना में भोजताल, वन क्षेत्रों और बाघों के विचरण वाले इलाकों के संरक्षण पर भी ध्यान दिया गया है। प्राकृतिक संसाधनों को सुरक्षित रखते हुए शहर के विकास को आगे बढ़ाने की बात कही गई है।इसके अलावा हरित क्षेत्र में आने वाली जमीन के मालिकों को राहत देने के लिए ग्रीन TDR का प्रावधान शामिल किया गया है। इसके तहत संबंधित भूमि स्वामियों को क्षतिपूर्ति देने और विकासकर्ताओं को TDR के जरिए अतिरिक्त निर्माण की सुविधा उपलब्ध कराने की व्यवस्था प्रस्तावित है।

ग्रोथ कॉरिडोर से आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने की तैयारी
भोपाल मास्टरप्लान 2047 में ग्रोथ कॉरिडोर के माध्यम से आर्थिक विकास को गति देने का प्रस्ताव है। इसके तहत शहर के विकास और आर्थिक गतिविधियों को एक व्यवस्थित दिशा देने की योजना बनाई गई है।प्रारूप में रोजगार सृजन, आर्थिक विकास और महानगरीय अवधारणा के अनुरूप विकास संबंधी प्रस्ताव शामिल किए गए हैं। इसके साथ ही मिश्रित भूमि उपयोग को बढ़ावा देने की बात कही गई है, ताकि अलग-अलग जरूरतों के लिए शहर में बेहतर सुविधाएं विकसित की जा सकें।

असीमित FAR और भवन ऊंचाई का प्रस्ताव
मास्टरप्लान में निर्माण से जुड़े नियमों को सरल बनाने और विकास मापदंडों को अधिक व्यवस्थित करने के प्रस्ताव भी शामिल हैं। इनमें असीमित FAR और भवन की ऊंचाई से जुड़े प्रावधानों का उल्लेख किया गया है।FAR यानी फ्लोर एरिया रेशियो यह तय करता है कि किसी भूखंड पर कुल कितने क्षेत्र में निर्माण किया जा सकता है। हालांकि, इन प्रस्तावों का वास्तविक स्वरूप और लागू होने की शर्तें संबंधित नियमों और अंतिम योजना के आधार पर स्पष्ट होंगी।

किफायती आवास और पुनर्विकास पर भी जोर
योजना में आम लोगों के लिए किफायती आवास यानी अफोर्डेबल हाउसिंग को प्रोत्साहित करने का प्रस्ताव है। इसके साथ ही शहर के पुराने या विकसित क्षेत्रों में क्रिएटिव री-डेवलपमेंट के जरिए पुनर्विकास की बात कही गई है।पार्किंग सुविधाओं को बढ़ावा देने और विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में निजी विकासकर्ताओं की भागीदारी से जुड़े प्रावधान भी प्रारूप में शामिल हैं। योजना के लिए पूंजी जुटाने और उसके क्रियान्वयन की निगरानी को प्रभावी बनाने पर भी ध्यान दिया गया है।

AI सिटी और सुरक्षित शहर की भी परिकल्पना
भोपाल विकास योजना-2047 में एजुकेशन, नॉलेज और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी EKAI सिटी का प्रस्ताव भी शामिल है। इसके अलावा सेफ सिटी से जुड़े प्रावधानों को भी योजना का हिस्सा बनाया गया है।इन प्रस्तावों का उद्देश्य शहर में शिक्षा, ज्ञान आधारित गतिविधियों और तकनीक से जुड़े विकास को बढ़ावा देना है। हालांकि, इन योजनाओं को किस तरह और कितने चरणों में लागू किया जाएगा, इसकी जानकारी आगे सामने आ सकती है।

नागरिक दे सकेंगे आपत्ति और सुझाव
भोपाल मास्टरप्लान 2047 फिलहाल प्रारूप के रूप में प्रकाशित किया गया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि इस पर नागरिक अपनी आपत्तियां और सुझाव प्रस्तुत कर सकते हैं।इस प्रक्रिया के बाद योजना में जरूरी बदलावों और आगे की कार्रवाई को लेकर जानकारी सामने आ सकती है। अंतिम योजना में कौन-कौन से प्रस्ताव शामिल होंगे और उनका क्रियान्वयन किस तरह होगा, यह आगे की प्रक्रिया से स्पष्ट होगा।

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