MP CM Sugam Parivahan Sewa: निशानेबाज न्यूज़ डेस्क- मध्य प्रदेश में करीब 21 साल बाद सरकारी बस सेवा नए रूप में लौटने जा रही है। शुक्रवार, 25 सितंबर से ‘मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा’ की शुरुआत होगी। भोपाल के बीएचईएल दशहरा मैदान में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी सेवा का शुभारंभ करेंगे।पहले चरण में प्रदेश के 7 शहरों से 351 इंटरसिटी और इंट्रासिटी बसों का संचालन शुरू किया जाएगा। सरकार का लक्ष्य सिर्फ शहरों के बीच कनेक्टिविटी बढ़ाना नहीं, बल्कि आने वाले वर्षों में ग्रामीण इलाकों तक सार्वजनिक परिवहन का नेटवर्क पहुंचाना भी है।
2005 में बंद हुई थी सरकारी बस सेवा
मध्य प्रदेश में पहले राज्य परिवहन निगम के जरिए सरकारी बसें चलती थीं। लेकिन वर्ष 2005 में यह व्यवस्था बंद हो गई थी। इसके बाद प्रदेश में सार्वजनिक बस परिवहन का बड़ा हिस्सा निजी ऑपरेटरों पर निर्भर रहा।अब सरकार नए मॉडल के जरिए बस सेवा को फिर से विस्तार देने की तैयारी कर रही है। नई व्यवस्था में इंटरसिटी बसें अलग-अलग शहरों के बीच चलेंगी, जबकि इंट्रासिटी बसों से शहर के भीतर यात्रियों को परिवहन सुविधा मिलेगी।
7 शहरों से 351 बसों की शुरुआत
मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के पहले चरण में इंदौर, भोपाल, जबलपुर, रीवा, देवास, कटनी और भिंड को शामिल किया गया है।
शहरवार बसों का प्रस्तावित संचालन इस प्रकार है:
| शहर | इंटरसिटी बसें | इंट्रासिटी बसें | कुल |
|---|---|---|---|
| इंदौर | 50 | 95 | 145 |
| भोपाल | 23 | 83 | 106 |
| जबलपुर | 14 | 53 | 67 |
| रीवा | 18 | — | 18 |
| देवास | 10 | — | 10 |
| कटनी | 3 | — | 3 |
| भिंड | 2 | — | 2 |
| कुल | 120 | 231 | 351 |
इस तरह पहले चरण में शहरों के भीतर और शहरों के बीच कुल 351 बसों का संचालन प्रस्तावित है।
पहले साल 1,500 बसों का लक्ष्य
सरकार ने इस सेवा को सीमित संख्या तक रखने के बजाय आने वाले वर्षों में बड़े स्तर पर विस्तार देने की योजना बनाई है। पहले वर्ष करीब 1,500 बसों को सेवा में शामिल करने का लक्ष्य रखा गया है।इसके बाद हर साल करीब 2,500 से 3,000 बसें जोड़ने की योजना है। सरकार के दीर्घकालीन लक्ष्य के अनुसार वर्ष 2031 तक प्रदेश में 15 हजार बसें संचालित करने की तैयारी है।
गांवों तक पहुंचाने की तैयारी
इस योजना का एक बड़ा उद्देश्य ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच परिवहन सुविधा को मजबूत करना है। सरकार ने आगे चलकर प्रदेश की करीब 75 प्रतिशत ग्राम पंचायतों तक परिवहन सेवा पहुंचाने का लक्ष्य रखा है।इससे उन क्षेत्रों में सार्वजनिक परिवहन की सुविधा बढ़ाने की कोशिश होगी, जहां नियमित बस कनेक्टिविटी सीमित है। हालांकि, गांवों तक सेवा किस चरण और किस रूट से पहुंचेगी, इसका विस्तार आगे की योजना के अनुसार किया जाएगा।
PPP मॉडल पर चलेगी बस सेवा
मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा को पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप यानी PPP मॉडल पर आगे बढ़ाया जाएगा। इसके तहत निजी बस ऑपरेटरों को सेवा में शामिल करने की व्यवस्था होगी।ऑपरेटरों को सिर्फ यात्रियों से मिलने वाले किराये पर निर्भर न रहने के लिए विज्ञापन और कार्गो जैसे दूसरे माध्यमों से आय के अवसर देने की योजना भी बताई गई है।
GPS-CCTV से होगी निगरानी
नई बस सेवा में तकनीक पर भी जोर दिया गया है। बसों में CCTV कैमरे, पैनिक बटन और व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस लगाए जाने की योजना है।इसके अलावा इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम के जरिए बसों की लोकेशन, संचालन और समय की निगरानी रियल टाइम में की जाएगी। यात्रियों को बस और यात्रा से जुड़ी जानकारी देने के लिए पैसेंजर इंफॉर्मेशन सिस्टम भी उपलब्ध कराया जाएगा।चालकों को सुरक्षित यातायात और आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल के अनुसार प्रशिक्षण देने की भी योजना है।
सीएम ने तैयारियों का लिया जायजा
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार शाम बीएचईएल दशहरा मैदान पहुंचकर कार्यक्रम की तैयारियों का निरीक्षण किया। उन्होंने मंच, सभा स्थल और बसों में उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली।शुक्रवार को इसी स्थान से मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा की औपचारिक शुरुआत की जाएगी। MP CM Sugam Parivahan Sewa के विस्तार के साथ आने वाले वर्षों में प्रदेश के सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क को और बड़ा करने की योजना है।







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