CG News: छत्तीसगढ़ में डॉक्टरों ने खोला मोर्चा, 21 सितंबर से नियमित सेवाओं से अलग रहने का ऐलान

Rahul Goshwami

Chhattisgarh Junior Doctors Strike 2026: निशानेबाज न्यूज़ डेस्क- छत्तीसगढ़ के सरकारी मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों में 21 सितंबर 2026 से जूनियर डॉक्टरों का आंदोलन शुरू होने जा रहा है। जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन छत्तीसगढ़ ने 17 सूत्रीय मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार का ऐलान किया है। एसोसिएशन के अनुसार, 21 सितंबर की सुबह 8 बजे से जूनियर डॉक्टर नियमित सेवाओं से अलग रहेंगे।एसोसिएशन ने आंदोलन की जानकारी चिकित्सा प्रशासन और संबंधित अधिकारियों को पहले ही दे दी है। ऐसे में 21 सितंबर से सरकारी मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों में मरीजों को मिलने वाली नियमित चिकित्सा सेवाओं पर असर पड़ने की स्थिति बन सकती है।

जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन का कहना है कि उनकी कुल 17 मांगें हैं। इन मांगों को लेकर संगठन की ओर से पहले भी संबंधित अधिकारियों के सामने अपनी बात रखी गई थी।एसोसिएशन के मुताबिक, मांगों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने के बाद अब कार्य बहिष्कार का फैसला लिया गया है। संगठन ने इसे अनिश्चितकालीन आंदोलन बताया है, यानी मांगों पर समाधान होने तक विरोध जारी रखने की बात कही गई है।

21 सितंबर सुबह 8 बजे से सेवाओं से अलग होंगे
जूनियर डॉक्टरों के अनुसार, आंदोलन की शुरुआत 21 सितंबर को सुबह 8 बजे से होगी। इस दौरान जूनियर डॉक्टर नियमित सेवाओं से अलग रहेंगे।कार्य बहिष्कार का असर सरकारी मेडिकल कॉलेजों से जुड़े अस्पतालों की नियमित स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ सकता है। हालांकि, आपातकालीन सेवाओं और मरीजों के इलाज की व्यवस्था को लेकर इस इनपुट में अलग से कोई जानकारी नहीं दी गई है।
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इन डॉक्टरों के भी शामिल होने का दावा
इस आंदोलन में केवल जूनियर डॉक्टर ही शामिल नहीं होंगे। एसोसिएशन की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक पीजी रेजिडेंट डॉक्टर, सीनियर रेजिडेंट, बॉन्डेड इन-सर्विस डॉक्टर और कॉन्ट्रैक्ट डॉक्टर भी आंदोलन में शामिल होंगे।अगर ये सभी वर्ग कार्य बहिष्कार में शामिल होते हैं, तो सरकारी मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों में डॉक्टरों की उपलब्धता पर असर पड़ सकता है। इससे नियमित ओपीडी और अन्य गैर-आपातकालीन सेवाओं में मरीजों को परेशानी होने की आशंका है।

पहले अधिकारियों के सामने रखी थी मांग
एसोसिएशन का कहना है कि 17 सूत्रीय मांगों को लेकर पहले संबंधित अधिकारियों से बातचीत की गई थी। संगठन ने अपनी मांगों पर कार्रवाई की उम्मीद जताई थी, लेकिन अपेक्षित कदम नहीं उठाए जाने के बाद आंदोलन का रास्ता चुना गया।अब 21 सितंबर से शुरू होने वाले कार्य बहिष्कार के जरिए डॉक्टर अपनी मांगों को लेकर दबाव बनाने की तैयारी में हैं। आंदोलन कितने समय तक चलता है और सरकार या चिकित्सा प्रशासन की ओर से क्या कदम उठाए जाते हैं, यह आगे स्पष्ट होगा।

सरकारी अस्पतालों की सेवाओं पर नजर
छत्तीसगढ़ के सरकारी मेडिकल कॉलेज और उनसे जुड़े अस्पताल बड़ी संख्या में मरीजों को स्वास्थ्य सेवाएं देते हैं। ऐसे में डॉक्टरों के कार्य बहिष्कार के ऐलान के बाद इन अस्पतालों की व्यवस्था पर नजर रहेगी।फिलहाल जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन ने 21 सितंबर सुबह 8 बजे से अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार की घोषणा की है। आंदोलन के दौरान अस्पतालों में मरीजों की सेवाओं को लेकर प्रशासन की ओर से क्या वैकल्पिक व्यवस्था की जाती है, इसकी जानकारी सामने आना बाकी है।

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