Wednesday, September 9, 2026
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MP News: भिंड स्कूल बस हादसा! सीमेंट से भरे ट्राले से टकराई बच्चों की बस, 7 मासूम घायल

Bhind School Bus Accident: निशानेबाज न्यूज़ डेस्क- भिंड जिले के रौन थाना क्षेत्र में बुधवार सुबह स्कूली बच्चों को लेकर जा रही बस दुर्घटना का शिकार हो गई। गौरई मोड़ के पास बच्चों से भरी स्कूल बस की सीमेंट से लदे ट्राले से टक्कर हो गई। टक्कर इतनी अचानक हुई कि बस में बैठे बच्चों के बीच चीख-पुकार मच गई।हादसे में सात बच्चे घायल हुए हैं। राहत की बात यह है कि सभी बच्चों की हालत सामान्य बताई गई है और किसी को गंभीर चोट नहीं आई है। हादसे के बाद घायल बच्चों को इलाज के लिए रौन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया।

जानकारी के अनुसार, अमर ज्योति पब्लिक स्कूल की बस सुबह बच्चों को लेकर जा रही थी। बस नेशनल हाईवे-552 से होते हुए गौरई कस्बे की तरफ पहुंची थी। इसी दौरान बस की सीमेंट से भरे ट्राले से टक्कर हो गई।हादसे के बाद बस के अंदर बच्चों में घबराहट फैल गई। आसपास मौजूद लोगों ने आवाज सुनकर मौके पर पहुंचकर बच्चों को संभाला और पुलिस तथा एंबुलेंस को सूचना दी।बस की गति अधिक होने और चालक के नियंत्रण खोने की बात सामने आ रही है, हालांकि इस संबंध में पुलिस की जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।

ग्रामीणों ने संभाला मोर्चा, एंबुलेंस से अस्पताल पहुंचे बच्चे
हादसे के तुरंत बाद स्थानीय ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंच गए। लोगों ने बस में फंसे और घबराए बच्चों को बाहर निकालने में मदद की।सूचना मिलने के बाद 108 एंबुलेंस, पुलिस और प्रशासन की टीम भी मौके पर पहुंची। घायल बच्चों को रौन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उनकी जांच कर प्राथमिक उपचार किया।घायलों में 12 वर्षीय अल्पेश राजावत, 11 वर्षीय ऋषभ राजावत, 6 वर्षीय सार्थक राजावत, 8 वर्षीय अप्रांश, 7 वर्षीय प्रद्युम्न, 6 वर्षीय देव राजावत और 12 वर्षीय कीर्ति राजावत शामिल हैं।
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सभी घायल बच्चे खतरे से बाहर
अस्पताल में जांच के बाद डॉक्टरों ने बच्चों को प्राथमिक उपचार दिया। बताया गया कि किसी भी बच्चे को गंभीर चोट नहीं लगी है और सभी की स्थिति सामान्य है।हादसे की खबर मिलते ही बच्चों के परिजन भी अस्पताल पहुंच गए। बच्चों को सुरक्षित देखकर परिवारों ने राहत की सांस ली, हालांकि कुछ समय तक अस्पताल परिसर में चिंता और अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।

पुलिस ने शुरू की हादसे की जांच
घटना की सूचना मिलने के बाद रौन थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने मामले को दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।हादसा किस वजह से हुआ, इसमें बस चालक की क्या भूमिका रही और बस तथा ट्राले की गति कितनी थी, इन सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। जांच के बाद ही हादसे की सही वजह सामने आएगी।

हादसे ने स्कूल बसों की सुरक्षा पर फिर खड़े किए सवाल
यह दुर्घटना बच्चों को स्कूल ले जाने वाली बसों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े करती है। खासकर यह जांचना जरूरी है कि स्कूल बस निर्धारित गति सीमा के भीतर चल रही थी या नहीं।इसके साथ ही बस चालक के प्रशिक्षण, उसके नियमित सत्यापन और वाहन की फिटनेस की भी जांच महत्वपूर्ण हो जाती है।स्कूल बसों में गति नियंत्रक, आपातकालीन बटन, आपातकालीन निकास, आग बुझाने का यंत्र और प्रशिक्षित चालक जैसे सुरक्षा इंतजाम बेहद जरूरी होते हैं। ऐसे में हादसे के बाद यह देखना अहम होगा कि संबंधित बस में सभी जरूरी सुरक्षा इंतजाम मौजूद थे या नहीं।

सात बच्चे घायल हुए, अब पूरे जिले की बसों की जांच की जरूरत
रौन का यह हादसा भले ही बड़ी जनहानि में बदलने से बच गया, लेकिन इसने स्कूल बसों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल जरूर खड़े कर दिए हैं।प्रशासन के सामने अब यह चुनौती है कि केवल हादसे के बाद कार्रवाई तक सीमित न रहते हुए जिले में चल रही स्कूल बसों की नियमित जांच सुनिश्चित की जाए। बसों की फिटनेस, चालकों का प्रशिक्षण, गति नियंत्रण और दूसरे सुरक्षा इंतजामों की जांच समय-समय पर होना जरूरी है।क्योंकि स्कूल बस में बैठा हर बच्चा केवल एक यात्री नहीं होता। उसके सुरक्षित स्कूल पहुंचने की जिम्मेदारी उसके परिवार के साथ-साथ बस संचालक और प्रशासन की भी होती है।

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