Sagar Sharab Kand: निशानेबाज न्यूज़ डेस्क- मध्यप्रदेश के सागर जिले में जहरीली शराब मामले को लेकर स्थिति गंभीर बनी हुई है। 6 सितंबर से शुरू हुआ मौतों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। अब इस मामले में एक और चौंकाने वाली घटना सामने आई है। जहरीली शराब मामले में आरोपी बनाए गए राम सिंह लोधी की भी इलाज के दौरान मौत हो गई।बताया जा रहा है कि राम सिंह लोधी पर गांव में अवैध शराब बेचने का आरोप था। पुलिस ने उसके खिलाफ मामला दर्ज किया था। इसी बीच जानकारी सामने आई कि उसने भी वही शराब पी थी, जिसे कथित तौर पर वह लोगों को बेच रहा था।
सागर जहरीली शराब कांड में आरोपी राम सिंह लोधी की तबीयत शराब पीने के बाद बिगड़ने की बात सामने आई है। हालत खराब होने पर उसे जल्द ही बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया।अस्पताल में डॉक्टरों की निगरानी में उसका इलाज चल रहा था, लेकिन उसकी हालत में सुधार नहीं हो सका। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।इस घटनाक्रम ने मामले को और गंभीर बना दिया है, क्योंकि जिस व्यक्ति पर अवैध शराब बेचने का आरोप था, वही कथित तौर पर उस शराब का सेवन करने के बाद खुद भी इसकी चपेट में आ गया।
आरोपी के खिलाफ इन धाराओं में दर्ज था केस
Sagar Sharab Death Case में पुलिस ने राम सिंह लोधी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 105, 3(5), 123 और आबकारी कानून की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था।पुलिस के अनुसार राम सिंह लोधी गांव में अवैध शराब बेचने का काम करता था। उसके अलावा मामले में कई अन्य लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई की गई है।उपलब्ध जानकारी के मुताबिक पुलिस ने मामले में 14 अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है। अब जांच का फोकस इस बात पर भी है कि जहरीली शराब कहां से आई और इसके पीछे कौन-कौन लोग जुड़े हुए थे।
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सरकार और पुलिस की कार्रवाई लगातार तेज
सागर शराब कांड सामने आने के बाद पुलिस और प्रशासन के स्तर पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। मामले में जिम्मेदार माने जा रहे कई अधिकारियों को उनके पदों से हटाया जा चुका है।इस कार्रवाई में थाना प्रभारी, SDM, SDOP और आबकारी विभाग से जुड़े अधिकारी भी शामिल हैं। प्रशासन की ओर से अवैध शराब के कारोबार पर रोक लगाने और लापरवाही मिलने पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही गई है।मामले की गंभीरता को देखते हुए आने वाले दिनों में भी प्रशासनिक स्तर पर कुछ और फैसले हो सकते हैं।
जांच में सामने आ सकते हैं और नाम
सागर जहरीली शराब कांड की जांच अभी जारी है। पुलिस अवैध शराब के कारोबार से जुड़े नेटवर्क की जानकारी जुटा रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि शराब बनाने, उसे रखने और लोगों तक पहुंचाने में कौन-कौन लोग शामिल थे।राम सिंह लोधी की मौत के बाद मामले का एक नया पहलू सामने आया है। हालांकि जहरीली शराब पीने से उसकी मौत और उससे जुड़े अन्य तथ्यों की अंतिम पुष्टि जांच और मेडिकल रिपोर्ट से ही होगी।
आगे और अधिकारियों पर हो सकती है कार्रवाई
सागर में हुई इस घटना के बाद सरकार ने साफ संकेत दिए हैं कि लापरवाही मिलने पर कार्रवाई जारी रहेगी। पहले ही कई अधिकारियों को हटाया जा चुका है।Sagar Liquor Case में अब जांच आगे बढ़ने के साथ यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि पुलिस अवैध शराब के पूरे नेटवर्क तक कितनी जल्दी पहुंचती है और प्रशासनिक जांच में किन लोगों की जिम्मेदारी तय होती है।फिलहाल पुलिस की कार्रवाई, अस्पताल में प्रभावित लोगों का इलाज और पूरे मामले की जांच एक साथ जारी है। राम सिंह लोधी की मौत ने इस जहरीली शराब मामले की गंभीरता को और बढ़ा दिया है।






