Vocational Education Scam: रायपुर। छत्तीसगढ़ के सरकारी स्कूलों में व्यावसायिक शिक्षा लागू करने की योजना भर्ती विवाद और विभागीय देरी के कारण प्रभावित हो रही है। करीब ढाई साल पहले प्रदेश के 652 सरकारी स्कूलों में नए व्यावसायिक ट्रेड शुरू किए गए थे। योजना के तहत प्रत्येक स्कूल में दो व्यावसायिक प्रशिक्षकों की नियुक्ति होनी थी, लेकिन भर्ती प्रक्रिया में भ्रष्टाचार और लेन-देन के आरोपों के बाद इसे रोक दिया गया था।
वर्तमान में 499 हाई और हायर सेकेंडरी स्कूलों में प्रशिक्षकों की नियुक्ति नहीं हो सकी है। स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने जल्द भर्ती प्रक्रिया पूरी करने की बात कही है। विभाग अब पुरानी भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ाने के बजाय नए सिरे से री-टेंडरिंग की तैयारी कर रहा है।
भर्ती विवाद के बाद 13 सितंबर 2025 को एफआईआर की प्रक्रिया शुरू हुई थी। पुलिस जांच के दौरान शिकायतकर्ताओं के शिकायत वापस लेने के बाद मामले में क्लीन चिट दिए जाने की बात सामने आई। इसके बाद भी भर्ती प्रक्रिया दोबारा शुरू नहीं हो सकी।
वहीं, योजना के तहत 652 स्कूलों में लैब, लाइब्रेरी और शिक्षण सामग्री के लिए करीब 40 करोड़ रुपए के उपकरण भेजे गए थे। प्रशिक्षकों की अनुपलब्धता के कारण इनका उपयोग नहीं हो पा रहा है।
Vocational Education Scam: पुराने वोकेशनल ट्रेनर्स भी री-टेंडरिंग को लेकर चिंतित हैं। उनका कहना है कि VTP बदलने पर लंबे समय से काम कर रहे प्रशिक्षकों की नौकरी प्रभावित हो सकती है। इसके अलावा दो महीने के वेतन का भुगतान भी लंबित बताया गया है। मंत्री गजेंद्र यादव के मुताबिक, स्कूलों में व्यावसायिक पाठ्यक्रम के लिए प्रशिक्षण उपलब्ध कराने की प्रक्रिया जारी है और जल्द ही प्रशिक्षकों की नियुक्ति कर दी जाएगी।






