रायपुर। विधानसभा चुनाव लड़ने के बाद चुनावी खर्च का पूरा हिसाब समय पर जमा नहीं करना छत्तीसगढ़ के 40 नेताओं को भारी पड़ गया है। भारत निर्वाचन आयोग ने लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 10ए के तहत इन उम्मीदवारों को तीन साल के लिए चुनाव लड़ने से अयोग्य घोषित कर दिया है।
चार नए नेताओं पर कार्रवाई
निर्वाचन आयोग के हालिया आदेश में 2023 का विधानसभा चुनाव लड़ चुके चार और उम्मीदवारों को अयोग्य घोषित किया गया है। इनमें सरायपाली से अजीत डोलचंद चौहान, महासमुंद से अशोक कश्यप, चंचल वाणी और बृजलाल ठाकुर शामिल हैं।
इससे पहले मार्च तक 36 अन्य उम्मीदवारों पर भी इसी तरह की कार्रवाई हो चुकी थी। इस तरह छत्तीसगढ़ में कुल 40 उम्मीदवारों पर तीन साल का प्रतिबंध लगाया गया है।
क्या है चुनावी खर्च जमा करने का नियम?
नियम के मुताबिक, चुनाव परिणाम घोषित होने के 30 दिन के भीतर हर उम्मीदवार को अपने चुनावी खर्च का पूरा और सही ब्योरा जिला निर्वाचन अधिकारी के पास जमा करना होता है। तय समय में खर्च का हिसाब जमा नहीं करने या देरी का उचित कारण नहीं बताने पर निर्वाचन आयोग कार्रवाई कर सकता है।
तीन साल तक नहीं लड़ सकेंगे लोकसभा-विधानसभा चुनाव
अयोग्य घोषित किए गए उम्मीदवार अगले तीन साल तक लोकसभा और विधानसभा चुनाव नहीं लड़ सकेंगे। हालांकि, यह रोक पंचायत और स्थानीय निकाय चुनावों पर अपने आप लागू नहीं होती।
निर्वाचन आयोग के पास अयोग्यता की अवधि को कम करने या इसे खत्म करने का अधिकार भी है।
फैक्ट फाइल
छत्तीसगढ़ में अयोग्य उम्मीदवार: 40
पहले अयोग्य घोषित: 36
हाल में कार्रवाई: 4
देशभर में अयोग्य उम्मीदवार: 529
प्रतिबंध की अवधि: 3 साल
रोक: लोकसभा और विधानसभा चुनाव






