जगदलपुर/रायपुर। Nishaanebaz.com-Jhiram Ghati Case Special NIA Court Verdict: छत्तीसगढ़ के इतिहास में दर्ज बहुचर्चित और वीभत्स झीरम घाटी नक्सली हमले के मामले में स्पेशल एनआईए (NIA) कोर्ट आज, 5 सितंबर को अपना ऐतिहासिक फैसला सुना सकती है। दोनों पक्षों की विस्तृत सुनवाई, गवाहियों और अंतिम बहस के बाद न्यायालय ने फैसला सुरक्षित रख लिया था।
इस बहुप्रतीक्षित फैसले के बीच प्रदेश के पूर्व उप मुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव का बड़ा बयान सामने आया है, जिसमें उन्होंने घटना के समय बरती गई सुरक्षा लापरवाही पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
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पूर्व उप मुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव ने झीरम कांड के अपने भयावह अनुभव को साझा करते हुए कहा, “मौके पर ब्लास्ट होने से महज 5 मिनट पहले मेरी गाड़ी वहां से निकली थी। मैंने देखा था कि वहां एक महिला लाल साड़ी पहनकर बैठी थी, एक पिकअप वाहन खड़ा था और आगे रुमाल बांधकर मोटरसाइकिल से लोग आ रहे थे। यह सारी जानकारी मैंने कोर्ट में भी दर्ज कराई है।”
सिंहदेव ने सुरक्षा पर सवाल उठाते हुए कहा कि कांग्रेस काफिले की रवानगी को लेकर डीजीपी से लेकर एसपी तक को सूचित किया गया था। आईबी (IB) ने भी लिखित में क्षेत्र में नक्सलियों की मौजूदगी की सूचना दी थी, इसके बावजूद प्रभावित क्षेत्र में एक भी सुरक्षाकर्मी क्यों तैनात नहीं था?
| विवरण (Key Details) | जानकारी / स्थिति (Information / Status) |
| मामला (Case Name) | झीरम घाटी नक्सली हमला (वर्ष 2013) |
| अदालत (Court) | विशेष एनआईए न्यायालय (Special NIA Court) |
| अभियोजन पक्ष (Prosecution Status) | कुल 11 आरोपी (1 की मौत, 10 पर केस संचालित) |
| दर्ज बयान (Witnesses Statement) | अदालत में 101 गवाहों के बयान दर्ज किए गए |
| पूर्व डिप्टी सीएम का बयान | सुरक्षा लापरवाही, आईबी अलर्ट के बावजूद बल न तैनात करने पर सवाल |
नक्सलवाद और पुनर्वास नीति पर टिप्पणी करते हुए टीएस सिंहदेव ने कहा कि हथियार डालने वाले कई लोगों ने खुद मीडिया के सामने स्वीकार किया है कि वे विचारधारा से जुड़े रहेंगे और केवल हथियार छोड़ रहे हैं। सरकार को यह सुनिश्चित करना होगा कि ऐसे लोग दोबारा हिंसक न हों।
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उल्लेखनीय है कि इस चर्चित मामले में कुल 11 आरोपियों के विरुद्ध अभियोजन की कार्रवाई चलाई गई थी। सुनवाई के दौरान एक आरोपी की मृत्यु हो चुकी है, जबकि शेष 10 आरोपियों पर फैसला आना है। अभियोजन पक्ष ने मामले को साबित करने के लिए अदालत में 101 गवाहों के बयान दर्ज कराए हैं। अब पूरे प्रदेश की नजरें स्पेशल कोर्ट के आने वाले फैसले पर टिकी हुई हैं।






