Indore Fake IAS Officer: निशानेबाज न्यूज़ डेस्क- मध्य प्रदेश के इंदौर में पुलिस ने एक ऐसे युवक को गिरफ्तार किया है, जो कथित तौर पर खुद को IAS अधिकारी और इंदौर का जिला कलेक्टर बताकर लोगों के बीच अपनी अलग पहचान बना रहा था। इंदौर फर्जी IAS अधिकारी का मामला तब सामने आया, जब होटल में खाना खाने के बाद बिल भुगतान को लेकर युवक ने खुद को कलेक्टर बताया और कहा कि उसका PA कुछ देर में आकर भुगतान कर देगा।पुलिस की जांच आगे बढ़ी तो युवक की असली पहचान सामने आई। इतना ही नहीं, जिस किराए के मकान में वह रह रहा था, उसके बाहर भी ‘IAS राज सोनी, जिला कलेक्टर’ लिखी नेमप्लेट लगी मिली।
पुलिस के अनुसार, मामला उस समय खुला जब हिमांशु पांचाल नाम का युवक इंदौर के एक होटल में खाना खाने पहुंचा। खाना खाने के बाद जब बिल भुगतान करने की बात आई तो उसने तत्काल पैसे नहीं होने की बात कही।इसके बाद उसने होटल की सर्विस बुक में ‘राज सोनी’ नाम दर्ज किया। युवक ने होटल कर्मचारियों से कथित तौर पर कहा कि उसका PA करीब दो घंटे में वहां पहुंच जाएगा और वही बिल का भुगतान करेगा।युवक की बातों और व्यवहार पर होटल प्रबंधन को संदेह हुआ। इसके बाद मामले की जानकारी पुलिस को दी गई। पुलिस के पहुंचने के बाद उससे पूछताछ की गई।
पूछताछ में IAS होने का प्रमाण नहीं दे सका
पुलिस ने जब युवक से उसकी पोस्टिंग, पद और पहचान से जुड़ी जानकारी मांगी तो वह संतोषजनक जवाब नहीं दे सका। वह खुद को IAS अधिकारी और इंदौर का जिला कलेक्टर बता रहा था, लेकिन पुलिस के मुताबिक वह अपने दावे के समर्थन में कोई प्रमाण प्रस्तुत नहीं कर पाया।जांच में उसकी पहचान हिमांशु पांचाल के रूप में हुई। पुलिस के मुताबिक उसकी उम्र 28 साल है और वह मूल रूप से गुजरात के अहमदाबाद के साबरमती इलाके का रहने वाला है।इंदौर फर्जी IAS अधिकारी मामले की जांच आगे बढ़ने पर पुलिस उसके किराए के मकान तक भी पहुंची।
घर के बाहर लगी थी ‘IAS जिला कलेक्टर’ की नेमप्लेट
पुलिस जब ओमैक्स सिटी-1 स्थित शुभ आंगन प्रीमियम कॉलोनी के मकान नंबर 1565-A पहुंची तो वहां भी युवक की फर्जी पहचान से जुड़ी चीजें मिलीं।मकान के बाहर काले रंग की एक नेमप्लेट लगी थी, जिस पर ‘IAS राज सोनी, जिला कलेक्टर’ लिखा हुआ था। घर के अंदर भी अधिकारी जैसी छवि बनाने के लिए ‘सत्यमेव जयते’ लिखा फोटो फ्रेम लगाया गया था।पुलिस के अनुसार, आरोपी पिछले करीब एक महीने से इस मकान में किराए पर रह रहा था। बताया गया है कि उसने करीब 15 दिन पहले घर के बाहर यह नेमप्लेट लगाई थी।
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अहमदाबाद की IT कंपनी में कर चुका है नौकरी
जांच में पुलिस को पता चला कि हिमांशु करीब एक महीने पहले इंदौर आया था। इससे पहले वह अहमदाबाद की एक IT कंपनी में काम कर चुका है। पुलिस के मुताबिक उसके परिवार में उसकी मां हैं।फिलहाल पुलिस उसके इंदौर आने, किराए का मकान लेने और खुद को IAS अधिकारी बताने के पीछे की वजहों की जांच कर रही है।इंदौर फर्जी IAS अधिकारी मामले में पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि उसने अपनी कथित फर्जी पहचान का इस्तेमाल केवल लोगों पर प्रभाव जमाने के लिए किया था या इसके पीछे कोई आर्थिक या दूसरा मकसद भी था।
गुजरात में भी दर्ज है धोखाधड़ी का केस
पुलिस के अनुसार, हिमांशु पांचाल के खिलाफ गुजरात के गांधीनगर जिले के अडालज थाने में भी धोखाधड़ी का मामला दर्ज है। यह केस 23 मई 2026 को दर्ज किया गया था। पुलिस ने FIR नंबर 441/2026 बताया है।अब मध्य प्रदेश पुलिस गुजरात में दर्ज इस मामले से जुड़े तथ्यों की भी जांच कर सकती है, ताकि आरोपी की गतिविधियों और कथित फर्जी पहचान के बारे में ज्यादा जानकारी जुटाई जा सके।
फर्जी IAS बनकर क्या हासिल करना चाहता था?
फिलहाल पुलिस इस पूरे मामले की जांच कर रही है। सबसे बड़ा सवाल यही है कि युवक ने खुद को IAS अधिकारी और जिला कलेक्टर बताकर अपनी पहचान क्यों बनाई।पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि उसने इस पहचान के जरिए किन-किन लोगों से संपर्क किया था। क्या उसने कभी किसी व्यक्ति से पैसे या कोई अन्य लाभ लेने की कोशिश की, इसकी भी जांच की जा रही है।इसके अलावा पुलिस यह जानकारी जुटा रही है कि इंदौर या अन्य शहरों में आरोपी ने खुद को IAS अधिकारी बताकर कितने लोगों को प्रभावित किया और इस कथित फर्जी पहचान का इस्तेमाल कहां-कहां किया।लसूडिया थाना पुलिस ने होटल प्रबंधन की शिकायत और शुरुआती जांच के आधार पर मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार किया है। उसके खिलाफ BNS की धारा 204 के तहत कार्रवाई की गई है। आगे की जांच में ही पूरे मामले से जुड़े अन्य तथ्य सामने आ सकेंगे।





