Omkareshwar Devotee Car Window Broken- निशानेबाज न्यूज़ डेस्क- मध्य प्रदेश के प्रसिद्ध तीर्थ स्थल ओंकारेश्वर में बाहर से दर्शन करने आए एक श्रद्धालु की कार का शीशा टूटने का मामला सामने आया है। ओंकारेश्वर श्रद्धालु कार का शीशा टूटा मिलने की घटना के बाद पार्किंग व्यवस्था और बाहर से आने वाले पर्यटकों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगे हैं।जानकारी के अनुसार उत्तर प्रदेश से मनीष शर्मा ओंकारेश्वर दर्शन और घूमने के लिए पहुंचे थे। यहां पहुंचने के बाद एक व्यक्ति ने कथित तौर पर खुद को गाइड बताया और उनकी कार बालानाड़ी बाजार स्थित पार्किंग में खड़ी करवाई।
मनीष शर्मा के अनुसार, दर्शन के साथ नाव से परिक्रमा, नागर घाट और आसपास के दूसरे स्थानों पर घूमने के लिए एक व्यक्ति से बातचीत हुई थी। इसके लिए करीब 2200 रुपए में बात तय होने की जानकारी सामने आई है।हालांकि, आरोप है कि तय किए गए सभी स्थानों पर उन्हें नहीं ले जाया गया। भ्रमण पूरा करने के बाद जब मनीष शर्मा वापस पार्किंग की ओर पहुंचे तो अपनी कार की हालत देखकर हैरान रह गए।
पार्किंग में टूटा मिला कार का शीशा
पार्किंग में खड़ी कार का एक शीशा टूटा हुआ था। ओंकारेश्वर श्रद्धालु कार का शीशा टूटा मिलने के बाद उन्होंने घटना की जानकारी संबंधित लोगों और पुलिस को दी।मामले को लेकर कुछ समय तक स्थिति को लेकर हड़कंप की स्थिति बनी रही। इसके बाद कार के शीशे को हुए नुकसान की भरपाई के तौर पर मनीष शर्मा को 5 हजार रुपए दिए जाने की बात सामने आई।
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पैसे मिलने के बाद पुलिस कार्रवाई से किया इनकार
घटना के बाद मनीष शर्मा थाने पहुंचे। यहां उन्होंने पुलिस को बताया कि कार के शीशे के नुकसान के बदले उन्हें 5 हजार रुपए मिल चुके हैं और वह इस मामले में कोई कानूनी कार्रवाई नहीं चाहते हैं।थाना प्रभारी अनोकचंद सिंद्रिया ने भी मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि वाहन मालिक को कांच टूटने के एवज में 5 हजार रुपए दिए गए थे। इसके बाद उन्होंने थाने आकर कार्रवाई नहीं करने की बात कही।
पार्किंग और श्रद्धालुओं की सुरक्षा पर सवाल
फिलहाल इस मामले में कोई औपचारिक कानूनी कार्रवाई नहीं की गई है। हालांकि, ओंकारेश्वर श्रद्धालु कार का शीशा टूटा मिलने की घटना ने तीर्थ नगरी में पार्किंग व्यवस्था को लेकर सवाल जरूर खड़े कर दिए हैं।ओंकारेश्वर में देश के अलग-अलग हिस्सों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में उनकी गाड़ियों को सुरक्षित रखने के लिए पार्किंग स्थलों पर पर्याप्त निगरानी, व्यवस्था और जिम्मेदारी तय होना जरूरी है।
इस घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि पार्किंग में खड़ी श्रद्धालुओं की गाड़ियों की सुरक्षा की जिम्मेदारी किसकी है? साथ ही, बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं को गाइड बनकर सेवाएं देने वाले लोगों की पहचान और व्यवस्था पर भी ध्यान देने की जरूरत सामने आती है।फिलहाल मनीष शर्मा की ओर से कार्रवाई नहीं कराने की बात कहे जाने के बाद मामला शांत हो गया है, लेकिन ओंकारेश्वर श्रद्धालु कार का शीशा टूटा मिलने की यह घटना पार्किंग और पर्यटक सुरक्षा व्यवस्था के लिए एक अहम सवाल जरूर छोड़ गई है।





