Thursday, September 3, 2026
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MP News: इंदौर में 10 साल की बच्ची की मौत, जिस क्लिनिक में हुआ इलाज वो पहले से था सील! खुलासा होते ही मचा हड़कंप

Indore Death

Indore Sealed Clinic Treatment: निशानेबाज न्यूज़ डेस्क-  मध्य प्रदेश के इंदौर में एक 10 वर्षीय बच्ची की इलाज के दौरान मौत का मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई से कई सवाल खड़े हो गए हैं। खातिवाला टैंक स्थित ‘हर्ष क्लिनिक’ में गणेश नगर निवासी दिव्यांशी सोलंकी का इलाज किया गया था। बच्ची पिछले करीब 10 दिनों से पेट दर्द की शिकायत से परेशान थी।परिजनों के मुताबिक, 31 अगस्त को बच्ची की तबीयत खराब होने पर उसे हर्ष क्लिनिक ले जाया गया। परिवार का आरोप है कि वहां इलाज के बाद बच्ची की हालत और बिगड़ गई। बाद में उसे अस्पताल ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया।

दिव्यांशी की मौत के बाद मामले की जानकारी स्वास्थ्य विभाग तक पहुंची। इसके बाद विभाग की टीम ने हर्ष क्लिनिक पहुंचकर जांच की।जांच के दौरान जो जानकारी सामने आई, उसने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, इंदौर सील क्लिनिक में इलाज का मामला सामने आया है, क्योंकि जिस क्लिनिक में बच्ची का उपचार किया गया था, उसे विभाग पहले ही सील कर चुका था।इसके बावजूद क्लिनिक में मरीजों का इलाज किए जाने की बात सामने आई है।

पहले ही सील किया जा चुका था हर्ष क्लिनिक
स्वास्थ्य विभाग की जांच में पता चला कि खातिवाला टैंक स्थित हर्ष क्लिनिक के खिलाफ पहले कार्रवाई की जा चुकी थी और क्लिनिक को सील किया गया था।इसके बाद भी वहां कथित तौर पर इलाज जारी रहने की जानकारी सामने आई। बच्ची की मौत के बाद हुई जांच में इस बात का खुलासा होने से स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई पर भी सवाल उठ रहे हैं कि सील किए गए परिसर में दोबारा इलाज कैसे शुरू हुआ।इंदौर सील क्लिनिक में इलाज से जुड़े इस मामले में अब स्वास्थ्य विभाग ने क्लिनिक को दोबारा सील कर दिया है।
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परिजनों ने लगाया गलत इलाज का आरोप
बच्ची के परिजनों ने आरोप लगाया है कि इलाज में लापरवाही या गलत उपचार के कारण दिव्यांशी की हालत बिगड़ी। परिवार के मुताबिक, बच्ची को पहले से पेट दर्द की शिकायत थी और इसी परेशानी के चलते उसे 31 अगस्त को क्लिनिक ले जाया गया था।इलाज के बाद जब बच्ची की स्थिति बिगड़ी तो परिजन उसे अस्पताल लेकर जाने लगे। इसी दौरान रास्ते में उसकी मौत हो गई।हालांकि, बच्ची की मौत की वास्तविक वजह क्या थी, यह अभी स्पष्ट नहीं है। स्वास्थ्य विभाग और संबंधित अधिकारियों की जांच के बाद ही इस संबंध में स्थिति साफ हो सकेगी।

मेडिकल रिपोर्ट से सामने आएगी मौत की असल वजह
फिलहाल बच्ची की मौत के कारण को लेकर अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से भी मेडिकल रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।मेडिकल रिपोर्ट से यह पता चल सकेगा कि बच्ची की मौत किस वजह से हुई और क्या इलाज से इसका कोई संबंध था। इसलिए फिलहाल परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों को जांच का हिस्सा माना जा रहा है।

अवैध रूप से क्लिनिक चलाने पर कार्रवाई के निर्देश
स्वास्थ्य विभाग ने हर्ष क्लिनिक को दोबारा सील कर दिया है। इसके साथ ही थाना प्रभारी को बिना अनुमति क्लिनिक संचालित करने के आरोप में संबंधित धाराओं के तहत कठोर दंडात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।इंदौर सील क्लिनिक में इलाज का यह मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग अब यह भी देख रहा है कि सील किए जाने के बावजूद क्लिनिक में मरीजों का इलाज किस तरह जारी रहा।

जांच के बाद साफ होगी पूरी तस्वीर
इस मामले में फिलहाल कई सवालों के जवाब जांच के बाद ही मिल सकेंगे। बच्ची का इलाज किसने किया, इलाज के दौरान कौन-कौन सी दवाएं या प्रक्रियाएं अपनाई गईं और उसकी हालत बिगड़ने की वास्तविक वजह क्या थी, इन सभी बिंदुओं की जांच जरूरी है।दिव्यांशी सोलंकी की मौत से परिवार में मातम का माहौल है। वहीं, स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई के बाद अब इस मामले में आगे की जांच और मेडिकल रिपोर्ट पर नजर बनी हुई है। रिपोर्ट सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि बच्ची की मौत की असल वजह क्या थी और इसके लिए किसी की जिम्मेदारी तय होती है या नहीं।

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