गरियाबंद। Nishaanebaz.com-Interstate Teak Smuggling Racket Busted: छत्तीसगढ़ के उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व (USTR) की टीम ने ओडिशा पुलिस और नबरंगपुर वन विभाग के साथ मिलकर सीमा पार चल रहे एक बड़े अंतर्राज्यीय इमारती लकड़ी तस्करी नेटवर्क पर करारा प्रहार किया है। संयुक्त टीम ने 24 अगस्त को ओडिशा के नबरंगपुर जिले अंतर्गत रायघर रेंज के दसपुर गांव में एक विशेष क्रॉस-बॉर्डर एंटी-स्मगलिंग ऑपरेशन चलाकर भारी मात्रा में अवैध सागौन लकड़ी बरामद की है। इस कार्रवाई के दौरान एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां छापेमारी में मिली लगभग 3 घन मीटर चिरान लकड़ी वही बताई जा रही है जिसे अभयारण्य प्रशासन द्वारा दो साल पहले भी जब्त किया गया था। इस नए मोड़ के बाद USTR प्रशासन ने पूरे मामले की गहराई से जांच शुरू कर दी है।
उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व के उपनिदेशक वरुण जैन ने घटनाक्रम का ब्योरा देते हुए बताया कि रायघर फॉरेस्ट रेंज के दसपुर गांव में अवैध सागौन के भंडारण और अंतर्राज्यीय तस्करी की सटीक खुफिया जानकारी मिली थी। इसी सर्विलांस इनपुट के आधार पर USTR की टीम ने सर्च ऑपरेशन की रूपरेखा तैयार की। टीम सुबह करीब 10 बजे ऑपरेशनल एरिया में पहुंची और ओडिशा के वन अधिकारियों द्वारा सर्च वारंट की कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद दोपहर 12:30 बजे से व्यवस्थित ढंग से तलाशी अभियान शुरू किया गया। संदिग्ध इलाकों में सीधे घुसने से पहले टीम ने थर्मल इमेजिंग ड्रोन के जरिए पूरे गांव का हवाई सर्वेक्षण किया और लकड़ी के संभावित भंडारण स्थलों की सटीक मैपिंग की, जिसके बाद USTR के खोजी कुत्ते (डॉग स्क्वायड) ‘टीना’ की मदद से छिपाई गई अवैध लकड़ी को ढूंढ निकाला गया।
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खुफिया और तकनीक आधारित इनपुट के आधार पर टीम ने क्षेत्र के तीन प्रमुख संदिग्धों के ठिकानों पर एक साथ दबिश दी। कार्रवाई के दौरान कृष्णकांत हल्दार उर्फ किशनो हल्दार (पिता महेंद्र हल्दार) और अखिल सरकार (पिता अश्वनी सरकार, जो बिजली विभाग में लाइनमैन के पद पर कार्यरत है) मौके से फरार हो गए, जिनके परिसरों में 35(3) बीएनएसएस (BNSS) का कानूनी नोटिस चस्पा किया गया है। वहीं तीसरे संदिग्ध नागेन तालुकदार (पिता चित्तरंजन तालुकदार) को मौके पर ही 35(3) बीएनएसएस के तहत नोटिस तामील कराया गया है। तीनों संदिग्धों के ठिकानों से बड़ी मात्रा में अवैध इमारती सागौन लकड़ी जब्त की गई है, जिससे रायघर रेंज में चल रही गंभीर अनियमितताओं और तस्करों के साथ स्थानीय तंत्र के तारों के जुड़े होने के मजबूत संकेत मिले हैं।
मामले में सबसे गंभीर बात यह सामने आई है कि दसपुर गांव में पिछले डेढ़ वर्षों के भीतर USTR द्वारा दो बड़े ऑपरेशन चलाकर 30 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पूर्व में जब्त की गई सभी सामग्रियां रायघर रेंज के सुपुर्द की गई थीं, लेकिन बार-बार पत्राचार किए जाने के बावजूद वहां के वन अधिकारियों द्वारा USTR को आधिकारिक सीज़र रिपोर्ट नहीं सौंपी गई। 24 अगस्त की कार्रवाई के दौरान अपुष्ट सूचना मिली है कि वर्तमान में जब्त लकड़ी पूर्व में जब्त की जा चुकी सामग्री ही है। इस तथ्य की आधिकारिक पुष्टि के लिए रायघर के वन अधिकारियों को पत्र लिखकर जवाब मांगा गया है। अभयारण्य प्रशासन का कहना है कि सीज़र रिपोर्ट के मिलान और जांच पूरी होने के बाद ही इसमें शामिल दोषियों के खिलाफ आगे की कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।





