[nishaanebaz.com] Gwalior Cyber Fraud: ग्वालियर। मध्य प्रदेश के ग्वालियर से साइबर ठगी का एक बड़ा मामला सामने आया है। पुलिस ने फर्जी तरीके से जारी की गई 110 सिम कार्ड के जरिए देश के 12 राज्यों में करीब 180 लोगों से 14 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी किए जाने का खुलासा किया है। जांच में सामने आया कि साइबर ठगों ने ग्वालियर के अलग-अलग सिम वेंडरों से जारी कराई गई इन सिम का इस्तेमाल लंबे समय तक ठगी के लिए किया।
मामला सामने आने के बाद पुलिस ने फर्जी सिम जारी करने वाले वेंडरों और उनसे जुड़े नेटवर्क की जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब इन सिम के जरिए देशभर में साइबर ठगी करने वाले मुख्य आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।
ग्वालियर से जारी सिम, देशभर में फैला ठगी का नेटवर्क
पुलिस जांच में सामने आया कि साइबर ठगी में इस्तेमाल की गई सिम कार्ड ग्वालियर के अलग-अलग वेंडरों के माध्यम से जारी की गई थीं। ठगों ने इन सिम का इस्तेमाल अलग-अलग राज्यों में लोगों को निशाना बनाने और उनसे रकम ऐंठने के लिए किया।इस नेटवर्क का खुलासा नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) से मिले डेटा की जांच के दौरान हुआ। डेटा में एक ही तरह की सिम और मोबाइल कनेक्शनों का अलग-अलग राज्यों में दर्ज साइबर अपराधों से संबंध सामने आया।
‘ऑपरेशन फास्ट’ से शुरू हुई कार्रवाई
फर्जी सिम के जरिए चल रहे इस नेटवर्क का पता चलने के बाद ग्वालियर पुलिस ने ‘ऑपरेशन फास्ट’ शुरू किया। इसके तहत उन सिम वेंडरों की जानकारी जुटाई जा रही है, जिनके माध्यम से संदिग्ध तरीके से सिम कार्ड जारी किए गए थे।पुलिस अब वेंडरों से सिम जारी करने की प्रक्रिया, इस्तेमाल किए गए दस्तावेज और बायोमेट्रिक रिकॉर्ड की जांच कर रही है। इसके आधार पर फर्जी सिम नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी खंगाली जा रही है।
दस्तावेज और बायोमेट्रिक का गलत इस्तेमाल
जांच में यह भी सामने आया कि दिसंबर 2025 के आसपास कुछ लोगों के दस्तावेज और बायोमेट्रिक जानकारी का इस्तेमाल कर उनकी जानकारी के बिना सिम कार्ड जारी किए गए थे।इन सिम का इस्तेमाल कथित तौर पर दिसंबर 2025 से अगस्त 2026 के बीच साइबर ठगी की अलग-अलग वारदातों में किया गया। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि जिन लोगों के दस्तावेज पर सिम जारी हुईं, उन्हें इसकी जानकारी थी या उनके दस्तावेजों का गलत इस्तेमाल किया गया।
12 राज्यों तक पहुंचा साइबर ठगी का नेटवर्क
पुलिस के अनुसार, इस नेटवर्क के तार मध्य प्रदेश के अलावा कई राज्यों से जुड़े पाए गए हैं। इनमें—
- उत्तर प्रदेश
- राजस्थान
- कर्नाटक
- महाराष्ट्र
- दिल्ली
- तेलंगाना
- आंध्र प्रदेश
- बिहार
- केरल
- चंडीगढ़
- हरियाणा
समेत अन्य क्षेत्र शामिल हैं। इन राज्यों में ग्वालियर से जारी संदिग्ध सिम के जरिए साइबर ठगी के मामले सामने आने की जानकारी पुलिस को मिली है।
180 लोगों से 14 करोड़ से ज्यादा की ठगी
प्रारंभिक जांच के मुताबिक फर्जी सिम का इस्तेमाल कर साइबर ठगों ने करीब 180 लोगों को निशाना बनाया और उनसे 14 करोड़ रुपये से अधिक की रकम की ठगी की।पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि ठगी की रकम किन बैंक खातों में पहुंची और इस पूरे नेटवर्क में कितने लोग शामिल हैं। रकम के लेन-देन से जुड़े बैंक खातों और डिजिटल ट्रांजेक्शन की भी जांच की जा रही है।
वेंडरों से ठगों तक पहुंचने की कोशिश
फिलहाल पुलिस की जांच का फोकस फर्जी सिम उपलब्ध कराने वाले वेंडरों और बिचौलियों पर है। पुलिस का मानना है कि इन्हीं के जरिए उन साइबर ठगों तक पहुंचा जा सकता है, जिन्होंने फर्जी सिम का इस्तेमाल कर देश के अलग-अलग हिस्सों में करोड़ों रुपये की ठगी की।मामले में आगे की जांच के साथ फर्जी सिम जारी करने की पूरी प्रक्रिया और इसमें शामिल लोगों की भूमिका सामने आने की उम्मीद है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि इस नेटवर्क ने अब तक कितने लोगों को अपना शिकार बनाया है और ठगी की कुल रकम कितनी है।





