Tuesday, September 1, 2026
Home Madhya Pradesh Bhopal MP Pension News: पेंशन के लिए अब नहीं करना होगा लंबा इंतजार,...

MP Pension News: पेंशन के लिए अब नहीं करना होगा लंबा इंतजार, 15 दिन में निपटेंगे ऑनलाइन प्रकरण

[nishaanebaz.com] MP Pension News: भोपाल। मध्य प्रदेश के सेवानिवृत्त सरकारी कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत की खबर है। अब पेंशन प्रकरणों को लंबे समय तक लंबित रखना अधिकारियों को महंगा पड़ सकता है। राज्य सरकार ने ऑनलाइन पेंशन मामलों के निराकरण के लिए सख्त समय-सीमा तय कर दी है। सामान्य नए पेंशन प्रकरणों का निपटारा अब हर हाल में 15 कार्य दिवस के भीतर करना होगा।

वित्त विभाग ने राज्य केंद्रीयकृत पेंशन प्रोसेसिंग सेल के तहत ऑनलाइन पेंशन प्रकरणों की प्रक्रिया को समयबद्ध बनाने के लिए क्रियेटर, वेरिफायर और एप्रूवर स्तर पर जिम्मेदारी तय की है। निर्धारित समय में काम पूरा नहीं होने पर संबंधित अधिकारी को जवाबदेह माना जाएगा।

नए पेंशन केस के लिए 15 दिन की डेडलाइन

नई व्यवस्था के अनुसार सामान्य नवीन पेंशन प्रकरण को तीन चरणों में पूरा किया जाएगा। प्रत्येक स्तर के लिए पांच-पांच कार्य दिवस निर्धारित किए गए हैं।

  • क्रियेटर को: 5 कार्य दिवस
  • वेरिफायर को: 5 कार्य दिवस
  • एप्रूवर को: 5 कार्य दिवस

इस तरह पूरा पेंशन प्रकरण अधिकतम 15 कार्य दिवस में निपटाना अनिवार्य होगा।

Indore Auto Theft: 8 लाख के 4 चोरी के ऑटो बरामद, कर्ज और नशे के लिए चोरी करता था फरीद

पुनरीक्षित पेंशन केस 10 दिन में निपटेंगे

पुनरीक्षित पेंशन प्रकरणों के लिए सरकार ने इससे भी कम समय तय किया है। ऐसे मामलों को कुल 10 कार्य दिवस में पूरा करना होगा।क्रियेटर को 4 दिन, जबकि वेरिफायर और एप्रूवर को 3-3 कार्य दिवस में अपनी प्रक्रिया पूरी करनी होगी।

वेतन निर्धारण के लिए 11 कार्य दिवस

वेतन निर्धारण से जुड़े मामलों के लिए भी स्पष्ट समय-सीमा तय कर दी गई है। इन प्रकरणों का निराकरण 11 कार्य दिवस में करना होगा।इसमें क्रियेटर को 5 दिन, वेरिफायर को 3 दिन और एप्रूवर को 3 दिन का समय दिया गया है।

लंबित पेंशन मामलों के बाद सरकार सख्त

सरकारी समीक्षा के दौरान कई कार्यालयों में पेंशन प्रकरण लंबे समय से लंबित पाए गए थे। इसके बाद सरकार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए समयबद्ध व्यवस्था लागू करने का फैसला किया।सरकार का स्पष्ट संदेश है कि सेवानिवृत्त कर्मचारी को पेंशन शुरू कराने के लिए अनावश्यक देरी और कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ने चाहिए।

Chitrakoot Flood: कीचड़ में उतरे CM मोहन यादव, पैदल पहुंचकर देखा बाढ़ का मंजर

देरी हुई तो अधिकारी होंगे जवाबदेह

नई व्यवस्था में प्रत्येक स्तर पर अधिकारियों की जिम्मेदारी तय कर दी गई है। यदि कोई पेंशन प्रकरण निर्धारित समय-सीमा से ज्यादा समय तक लंबित रहता है, तो संबंधित अधिकारी से जवाब मांगा जा सकता है और नियमानुसार कार्रवाई भी हो सकती है।

इस फैसले से प्रदेश के हजारों रिटायर्ड कर्मचारियों को राहत मिलने की उम्मीद है। सरकार का उद्देश्य पेंशन प्रक्रिया को तेज, पारदर्शी और पूरी तरह समयबद्ध बनाना है, ताकि कर्मचारियों को रिटायरमेंट के बाद अपनी पेंशन के लिए लंबे समय तक इंतजार न करना पड़े।

Share The News

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here