Chhattisgarh Dam Water Level Update: धमतरी में झमाझम बारिश से लबालब हुए जलाशय, एशिया के एकमात्र माडमसिल्ली सायफन डैम के अपने-आप खुले गेट

VIKASH KHALKHO

धमतरी। Nishaanebaz.com-Madamsilli Dam Siphon Gate Open: छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में बीते 24 घंटे से हो रही अनवरत मूसलाधार बारिश के चलते क्षेत्र के सभी प्रमुख बांधों और जलाशयों का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है। एशिया के एकमात्र सायफन सिस्टम वाले माडमसिल्ली (मुरूमसिल्ली) बांध में 98 प्रतिशत तक जलभराव होने के बाद एअर प्रेशर (हवा के दबाव) की तकनीक से उसके गेट स्वतः ही खुल गए हैं। इसके साथ ही प्रदेश की सबसे बड़ी जल परियोजनाओं में शामिल रविशंकर सागर (गंगरेल) बांध में भी 90 प्रतिशत से अधिक जलभराव दर्ज किया जा चुका है, जिसके बाद बांध के स्पिलवे गेट खोलने की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।

माडमसिल्ली बांध में अंग्रेजों के शासनकाल के दौरान विकसित किया गया ऐतिहासिक और अनूठा सायफन सिस्टम स्थापित है, जिसमें एक निश्चित स्तर तक पानी भरने पर हवा के दबाव से गेट खुद-ब-खुद खुल जाते हैं। जल स्तर 98 प्रतिशत पहुंचते ही इस स्वचालित प्रणाली के चालू होने से बांध से अत्यधिक मात्रा में जल निकासी शुरू हो गई है। वहीं दूसरी ओर, मुख्य गंगरेल बांध में पानी की भारी आवक दर्ज की जा रही है, जहां समाचार लिखे जाने तक 3548 क्यूसेक पानी का प्रवेश हो चुका है और कुल जलभराव क्षमता 90.72 प्रतिशत तक पहुंच गई है।

Read More : Janjgir Champa Bhojli Festival: कटघरी में निकली भव्य भोजली शोभायात्रा, दिखी छत्तीसगढ़ी संस्कृति की खूबसूरत तस्वीर

लगातार हो रही बारिश के कारण धमतरी जिले में इस सीजन का औसत बारिश का कोटा लगभग पूर्णता की ओर अग्रसर है। बांधों के बढ़ते जलस्तर और जल निकासी को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन और जल संसाधन विभाग पूरी तरह से सतर्क मोड पर आ गए हैं। गंगरेल और माडमसिल्ली बांध के निचले इलाकों तथा नदी तटीय क्षेत्रों में बसे गांवों में संभावित जलभराव की स्थिति से निपटने के लिए चौबीसों घंटे निगरानी और निगरानी व्यवस्था की जा रही है।

Read More : JK And Ladakh Voter List Revision News: जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में इस साल नहीं होगा SSR, जनगणना पूरी होने के बाद अगले साल शुरू हो सकती है SIR प्रक्रिया

प्रशासनिक अधिकारियों ने तटीय ग्रामीण इलाकों में मुनादी और अलर्ट जारी करते हुए ग्रामीणों को सतर्क रहने तथा नदी-नालों के करीब न जाने की सख्त सलाह दी है। फिलहाल जिले में बारिश की स्थिति और प्रमुख जलाशयों में पानी की आवक पर कंट्रोल रूम द्वारा पल-पल की नजर रखी जा रही है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, यदि पानी की आवक इसी तरह बनी रहती है तो गंगरेल बांध के गेट खोलकर पानी की नियंत्रित निकासी की जाएगी, ताकि जल स्तर को सुरक्षित सीमा के भीतर बनाए रखा जा सके।

Share The News
Share This Article
विकास कुमार खलखो एक डिजिटल पत्रकार, समाचार संपादक और SEO कंटेंट क्रिएटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में एक दशक से अधिक का अनुभव है। उन्होंने BJMC, Master of Journalism (MJ) और M.Phil. (मीडिया स्टडीज़) की डिग्री हासिल की है और दबंग दुनिया, हमर छत्तीसगढ़ योजना, हरिभूमि, सन स्टार डेली न्यूज़ और छत्तीसगढ़ की आवाज़ जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है। उन्हें हिंदी पत्रकारिता, ब्रेकिंग न्यूज़ कवरेज, SEO-फ्रेंडली कंटेंट राइटिंग, डिजिटल पब्लिशिंग, कंटेंट स्ट्रैटेजी, थंबनेल डिज़ाइन और सोशल मीडिया मैनेजमेंट में विशेष महारत हासिल है। उनका उद्देश्य सटीक, निष्पक्ष और विश्वसनीय पत्रकारिता के माध्यम से पाठकों तक प्रभावशाली समाचार पहुँचाना और साथ ही उच्च गुणवत्ता वाला डिजिटल कंटेंट तैयार करना है।
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *