Rewa Hospital Death: रीवा अस्पताल में जच्चा-बच्चा की मौत पर बड़ी कार्रवाई, दो नर्सों के बाद 2 डॉक्टर निलंबित; जांच में लापरवाही सामने आने पर गिरी गाज

Anuj Nirala
Rewa Hospital Death

[nishaanebaz.com] Rewa Hospital Death: रीवा। रीवा के शासकीय गांधी मेमोरियल हॉस्पिटल में जच्चा-बच्चा की मौत के मामले में अस्पताल प्रबंधन ने बड़ी कार्रवाई की है। घटना के बाद जांच में सामने आई कथित लापरवाही के आधार पर अब ड्यूटी डॉक्टर, गाइनेकोलॉजिस्ट और एनेस्थीसियोलॉजिस्ट के खिलाफ भी निलंबन की कार्रवाई की गई है। इससे पहले मामले में ड्यूटी पर तैनात दो नर्सों को निलंबित किया जा चुका है।

मामले में ड्यूटी डॉक्टर डॉ. सोनल अग्रवाल तथा गाइनेकोलॉजिस्ट और एनेस्थीसियोलॉजिस्ट डॉ. निधि पांडे को निलंबित किया गया है। अधिकारियों के मुताबिक जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर यह कार्रवाई की गई है।

प्रसव के दौरान जच्चा-बच्चा की मौत के बाद मचा था हंगामा

दरअसल, गांधी मेमोरियल हॉस्पिटल में एक महिला को प्रसव के लिए भर्ती कराया गया था। ऑपरेशन के दौरान महिला और उसके नवजात बच्चे की मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही परिजन आक्रोशित हो गए और उन्होंने अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा किया।

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परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन और इलाज में शामिल चिकित्सकीय स्टाफ पर लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए थे। परिजनों ने मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की थी।

मामले की जांच के लिए गठित की गई थी कमेटी

घटना को गंभीरता से लेते हुए मामले की जांच के लिए एक समिति गठित की गई थी। वहीं प्रदेश के उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने भी मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए थे।जांच कमेटी ने घटना से जुड़े चिकित्सकीय और प्रशासनिक पहलुओं की जांच की। जांच के बाद प्रथम चरण में ड्यूटी पर मौजूद दो नर्सों को निलंबित किया गया था। अब जांच के आधार पर डॉक्टरों के खिलाफ भी कार्रवाई की गई है।

ड्यूटी डॉक्टर और विशेषज्ञों पर भी हुई कार्रवाई

जांच के दौरान ड्यूटी डॉक्टर डॉ. सोनल अग्रवाल और डॉ. निधि पांडे की भूमिका से जुड़े तथ्यों की भी समीक्षा की गई। इसके बाद दोनों को निलंबित करने का निर्णय लिया गया।डॉ. निधि पांडे की भूमिका गाइनेकोलॉजिस्ट और एनेस्थीसियोलॉजिस्ट के तौर पर बताई गई है। अस्पताल प्रबंधन की इस कार्रवाई के बाद मामले में जिम्मेदारी तय करने की प्रक्रिया आगे बढ़ गई है।

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अस्पताल की कार्यप्रणाली पर फिर उठे सवाल

जच्चा-बच्चा की मौत और उसके बाद लगातार सामने आ रही कार्रवाई ने अस्पताल की कार्यप्रणाली और मरीजों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। खास तौर पर प्रसव और ऑपरेशन जैसी संवेदनशील परिस्थितियों में चिकित्सकीय निगरानी और आपातकालीन व्यवस्था को लेकर चर्चा शुरू हो गई है।फिलहाल जांच की प्रक्रिया जारी है। अधिकारियों का कहना है कि जांच में यदि अन्य किसी कर्मचारी या अधिकारी की भूमिका सामने आती है, तो उसके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।मामले में आगे होने वाली जांच और कार्रवाई के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि घटना के लिए वास्तविक रूप से कौन-कौन जिम्मेदार था और अस्पताल की व्यवस्था में किन स्तरों पर चूक हुई।

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