Bilaspur Railway Maintenance Hub: निशानेबाज न्यूज़ डेस्क- दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (SECR) के बिलासपुर मंडल में ट्रेनों के रखरखाव की सुविधाओं को अब बड़े स्तर पर आधुनिक बनाने की तैयारी है। बिलासपुर कोचिंग डिपो को हाईटेक मेंटेनेंस हब के रूप में विकसित करने के लिए रेलवे ने 96.18 करोड़ रुपये का ओपन EPC टेंडर जारी किया है। इस परियोजना से आधुनिक और हाई-स्पीड ट्रेनों की बड़ी मरम्मत के लिए डिपो की क्षमता बढ़ेगी।रेलवे की इस योजना में खास तौर पर वंदे भारत और अमृत भारत जैसी ट्रेनों के लिए जरूरी हेवी रिपेयर सुविधा तैयार की जाएगी। इससे ट्रेनों की तकनीकी जांच और बड़े रखरखाव के काम के लिए दूसरे स्थानों पर निर्भरता कम करने में मदद मिल सकती है।
Bilaspur Railway Development के तहत कोचिंग डिपो में एक विशेष हेवी रिपेयर बे बनाया जाएगा। यहां ट्रेनों के बड़े और जटिल मरम्मत कार्य किए जा सकेंगे। रेलवे ने इस काम के लिए 96 करोड़ 18 लाख रुपये का बजट तय किया है।टेंडर की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है। जानकारी के अनुसार निविदा 7 अक्टूबर 2026 को खुलेगी, जबकि इसमें आवेदन करने की अंतिम तारीख 21 अक्टूबर 2026 तय की गई है। ठेका जारी होने के बाद काम पूरा करने के लिए 12 महीने की समयसीमा रखी गई है।
Vande Bharat और अमृत भारत पर रहेगा फोकस
बिलासपुर डिपो में बनने वाला नया Vande Bharat Maintenance Hub आधुनिक ट्रेनों की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया जाएगा। इन ट्रेनों में सामान्य ट्रेनों की तुलना में ज्यादा आधुनिक तकनीक और उपकरण होते हैं। ऐसे में इनके रखरखाव के लिए भी अलग तरह की सुविधाओं की जरूरत होती है।नए हेवी रिपेयर बे में बड़े स्तर की मरम्मत और तकनीकी जांच की सुविधा मिलने से Modern Train Maintenance को मजबूती मिलेगी। इससे ट्रेनों के रखरखाव का काम ज्यादा व्यवस्थित तरीके से किया जा सकेगा।
सर्विस-कम-स्टोर बिल्डिंग भी बनेगी
परियोजना में सिर्फ हेवी रिपेयर बे ही शामिल नहीं है। बिलासपुर कोचिंग डिपो में सर्विस-कम-स्टोर बिल्डिंग भी बनाई जाएगी। इसमें ट्रेनों के रखरखाव में इस्तेमाल होने वाले स्पेयर पार्ट्स, तकनीकी सामान और दूसरे जरूरी उपकरण रखे जा सकेंगे।Bilaspur Coaching Depot के विस्तार से रखरखाव के लिए जरूरी सामान को एक व्यवस्थित जगह पर रखने की सुविधा मिलेगी। इससे जरूरत के समय तकनीकी टीम को सामान उपलब्ध कराने में भी आसानी हो सकती है।
Read More: Onion-Sugar Price: प्याज-चीनी के बढ़े दाम तो सरकार उठाएगी बड़ा कदम! जानें क्या है पूरा प्लान
पहले से चल रहे काम में भी तेजी
बिलासपुर डिपो में इंफ्रास्ट्रक्चर को बेहतर बनाने का काम पहले से चल रहा है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक 6 अगस्त 2026 तक करीब 65 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं।इस परियोजना की वित्तीय प्रगति करीब 60 प्रतिशत और भौतिक प्रगति करीब 70 प्रतिशत बताई गई है। पहले तय लक्ष्य के अनुसार इस काम को 31 अगस्त 2026 तक पूरा किया जाना था।
अब दुर्ग डिपो की भी बदलेगी तस्वीर?
बिलासपुर के बाद दुर्ग कोचिंग डिपो के लिए भी बड़ी योजना तैयार की गई है। Durg Railway Depot के इंफ्रास्ट्रक्चर को विकसित करने के लिए करीब 50 करोड़ रुपये का प्रस्ताव तैयार किया गया है।प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद दुर्ग डिपो में भी आधुनिक ट्रेनों के रखरखाव से जुड़ी सुविधाएं बढ़ाई जा सकती हैं। इससे SECR क्षेत्र में वंदे भारत और अमृत भारत जैसी ट्रेनों के लिए मेंटेनेंस नेटवर्क और मजबूत होने की उम्मीद है।
SECR में आधुनिक ट्रेनों के रखरखाव को मिलेगा नया आधार
SECR Railway Development के लिहाज से बिलासपुर और दुर्ग में होने वाले ये काम काफी अहम माने जा रहे हैं। आधुनिक ट्रेनों की संख्या बढ़ने के साथ उनके रखरखाव के लिए मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर की जरूरत भी बढ़ रही है।बिलासपुर में 96.18 करोड़ रुपये की परियोजना पूरी होने के बाद कोचिंग डिपो में बड़े रिपेयर कार्यों की क्षमता बढ़ेगी। वहीं दुर्ग के प्रस्ताव को मंजूरी मिलने पर दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के इस क्षेत्र में आधुनिक ट्रेनों के रखरखाव का ढांचा और मजबूत हो सकता है।





