अजय यादव/जांजगीर-चांपा [Nishanebaaz News]। Janjgir Collector Janmejay Mahobe Revenue Review के तहत जांजगीर-चांपा जिले के प्रशासनिक गलियारे में हलचल तेज हो गई है। कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने अनुविभाग अकलतरा के समस्त राजस्व अधिकारियों, राजस्व निरीक्षकों (RI) और पटवारियों की एक मैराथन समीक्षा बैठक ली। बैठक में नक्शा बटांकन और भू-अभिलेख अद्यतनीकरण के कार्यों की धीमी गति देखकर कलेक्टर ने गहरा असंतोष व्यक्त किया और अधिकारियों की जमकर क्लास ली।
इस महत्वपूर्ण बैठक में संयुक्त कलेक्टर संदीप सिंह ठाकुर, एसडीएम अकलतरा सुमित बघेल, डिप्टी कलेक्टर शशि चौधरी सहित तहसीलदार, नायब तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक और पटवारी बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
नक्शा बटांकन की धीमी प्रगति पर सख्त तेवर, मांगी दैनिक रिपोर्ट
बैठक में कलेक्टर श्री महोबे ने नक्शा बटांकन के लंबित मामलों पर कड़ी नाराजगी जताते हुए स्पष्ट किया कि अब कागजी बातों के बजाय धरातल पर परिणाम दिखने चाहिए। उन्होंने निर्देश दिए कि:
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नियमित मॉनिटरिंग: नक्शा बटांकन और सीमांकन के कार्यों की ब्लॉक स्तर पर प्रतिदिन मॉनिटरिंग की जाए।
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दैनिक प्रगति प्रतिवेदन: अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे प्रतिदिन किए गए कार्यों की दैनिक रिपोर्ट (Daily Progress Report) प्रस्तुत करें।
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खुद करेंगे फील्ड इंस्पेक्शन: कलेक्टर ने चेतावनी दी कि वे स्वयं फील्ड में जाकर नामांतरण, बंटवारा और नक्शा बटांकन के प्रकरणों के निराकरण की वस्तुस्थिति का निरीक्षण करेंगे।
भू-अर्जन के बाद रिकॉर्ड तुरंत अपडेट करने के निर्देश
कलेक्टर ने कहा कि आम नागरिकों के हित में राजस्व अभिलेखों को दुरुस्त और अद्यतन (Updated) रखना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शासकीय परियोजनाओं के लिए किए जाने वाले भू-अर्जन (Land Acquisition) के तुरंत बाद संबंधित भूमि के रिकॉर्ड को अद्यतन किया जाए।
इसके साथ ही नक्शा, खसरा और बी-1 (B-1) के अभिलेखों को तत्काल प्रभाव से दुरुस्त रखने के निर्देश दिए गए, ताकि भू-स्वामियों को भविष्य में किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
एग्रीस्टैक, स्वामित्व योजना और डिजिटल सर्वे की व्यापक समीक्षा
समीक्षा बैठक के दौरान कलेक्टर ने पटवारियों और राजस्व निरीक्षकों से मैदानी स्तर पर काम करने के दौरान आने वाली व्यावहारिक और तकनीकी चुनौतियों की भी जानकारी ली।
बैठक में एग्रीस्टैक फार्मर रजिस्ट्री, बकेट क्लेम अभियान, अविवादित व विवादित नामांतरण-बंटवारा, सीमांकन, अभिलेख सुधार, स्वामित्व योजना के तहत स्वामित्व कार्ड वितरण, डिजिटल हस्ताक्षरित खसरों की अद्यतन स्थिति, आधार सीडिंग, डिजिटल क्रॉप सर्वे, जियो-रेफरेंसिंग और असर्वेक्षित गांवों के सर्वे-रिसर्वे की बिंदुवार प्रगति जांची गई। कलेक्टर ने सभी राजस्व अमले को समय-सीमा के भीतर मामलों का शत-प्रतिशत निराकरण सुनिश्चित करने का अंतिम अल्टीमेटम दिया।





