MP Fertilizer Distribution System: निशानेबाज न्यूज़ डेस्क- मध्य प्रदेश में किसानों के लिए खाद खरीदने की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए सरकार ने वितरण व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया है। अब किसान MP खाद वितरण व्यवस्था के तहत यूरिया, डीएपी समेत किसी भी खाद को अपनी जरूरत के अनुसार खरीद सकेंगे। एक खाद के साथ दूसरी खाद खरीदने की अनिवार्यता खत्म कर दी गई है। नई व्यवस्था में तय सीमा के भीतर अतिरिक्त खाद लेने की सुविधा भी दी गई है।
अब किसानों को खाद खरीदते समय किसी दूसरी खाद को साथ लेने के लिए मजबूर नहीं किया जाएगा। यानी अगर किसान को सिर्फ यूरिया की जरूरत है तो वह केवल यूरिया ही खरीद सकेगा। MP खाद वितरण व्यवस्था में यह बदलाव किसानों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है।सरकार ने यह फैसला खाद वितरण को जरूरत के मुताबिक बनाने और किसानों की परेशानी कम करने के लिए लिया है। इससे उन किसानों को खास फायदा मिल सकता है जिन्हें किसी एक खास खाद की अधिक जरूरत होती है।
पहली बार 25 फीसदी तक ज्यादा खाद
नई व्यवस्था में किसान निर्धारित मात्रा से पहली बार में 25 प्रतिशत तक अतिरिक्त खाद ले सकेंगे। अगर इसके बाद भी खाद की जरूरत बनी रहती है तो सात दिन बाद फिर 25 प्रतिशत अतिरिक्त खाद लेने की सुविधा होगी। इस तरह तय सीमा के अनुसार किसान कुल 50 प्रतिशत तक अतिरिक्त खाद ले सकते हैं।खास बात यह है कि अतिरिक्त खाद लेने के लिए पहले कारण बताने की जो बाध्यता थी, उसे खत्म कर दिया गया है। MP खाद वितरण व्यवस्था में यह बदलाव ई-विकास प्रणाली 2.0 के तहत किया गया है।
टोकन के बाद 24 घंटे में मिलेगा खाद
ई-विकास 2.0 में खाद के टोकन की व्यवस्था को भी सरल बनाया गया है। किसान के टोकन जनरेट करने के बाद 24 घंटे के भीतर खाद उपलब्ध कराने का प्रावधान किया गया है। मार्कफेड के डबल लॉक केंद्रों पर उपलब्ध स्टॉक और वास्तविक मांग को ध्यान में रखकर टोकन जारी किए जाएंगे।इससे किसानों को खाद के लिए बार-बार केंद्रों के चक्कर लगाने से राहत मिलने की उम्मीद है। MP खाद वितरण व्यवस्था में ऑनलाइन प्रक्रिया बढ़ने से स्टॉक और मांग की जानकारी को भी बेहतर तरीके से संभालने में मदद मिल सकती है।
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फसल खराब होने पर ऑनलाइन मांग सकेंगे अतिरिक्त खाद
अगर फसल खराब होने या किसी दूसरी विशेष परिस्थिति के कारण किसान को निर्धारित मात्रा से ज्यादा खाद की जरूरत पड़ती है तो वह ऑनलाइन आवेदन कर सकेगा। ऐसे मामलों में तहसीलदार या अनुविभागीय अधिकारी राजस्व स्तर से 48 घंटे के भीतर मंजूरी देने का प्रावधान किया गया है।इस व्यवस्था का मकसद अचानक बढ़ी खाद की जरूरत वाले किसानों को जल्द राहत देना है। MP खाद वितरण व्यवस्था के तहत विशेष परिस्थिति में अतिरिक्त खाद लेने की प्रक्रिया पहले की तुलना में आसान करने की कोशिश की गई है।
WhatsApp से भी बनेगा खाद का टोकन
सरकार किसानों के लिए WhatsApp Bot के जरिए खाद का टोकन जनरेट करने की सुविधा भी शुरू करने की तैयारी कर रही है। यह सुविधा 21 और 22 अगस्त से शुरू किए जाने की तैयारी है।टोकन बनने के बाद किसान को SMS के जरिए टोकन नंबर, रिटेलर का नाम, खाद का प्रकार, खाद उठाने की तारीख और टोकन की वैधता की जानकारी मिलेगी। इससे मोबाइल के जरिए खाद की बुकिंग और जानकारी हासिल करना आसान होगा।
20 अगस्त से शुरू हुआ विशेष अभियान
किसानों की Farmer ID बनाने, अग्रिम खाद उठाव और पैक्स सदस्यता के लिए 20 अगस्त 2026 से अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं। सहकारी संस्थाओं को ई-विकास पोर्टल से व्यवस्था को जोड़ने और POS मशीन के जरिए खाद वितरण को आसान बनाने के निर्देश दिए गए हैं।विभाग के अनुसार प्रदेश में सहकारी समितियों, एमपी एग्रो और निजी विक्रेताओं के पास खाद का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। MP खाद वितरण व्यवस्था में किए गए बदलाव ऐसे समय में हुए हैं, जब खाद की परेशानी को लेकर हाल ही में भोपाल में किसानों ने प्रदर्शन किया था।





