गॉल का मैदान भारतीय टीम के लिए इस मुकाबले से पहले एक लंबे इंतजार की कहानी बन चुका था। भारत ने इससे पहले 2017 में यहां टेस्ट मैच जीता था। इसके बाद अब 9 साल के अंतराल के बाद टीम इंडिया ने एक बार फिर गॉल में जीत का स्वाद चखा।गॉल में भारत का यह छठा टेस्ट मैच था। इन छह मुकाबलों में भारतीय टीम ने अब तीन मैच जीते हैं और तीन मुकाबलों में उसे हार मिली है। इस जीत के बाद गॉल में भारत का जीत और हार का रिकॉर्ड बराबरी पर आ गया। गॉल टेस्ट में भारत की जीत ने इस मैदान पर टीम के रिकॉर्ड को भी एक नया मोड़ दिया है।
372 रन के लक्ष्य के सामने श्रीलंका हुआ ढेर
मुकाबले की चौथी पारी में श्रीलंका के सामने 372 रन का चुनौतीपूर्ण लक्ष्य था। भारतीय गेंदबाजों ने लगातार दबाव बनाया और मेजबान टीम को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया।श्रीलंका की पूरी टीम लक्ष्य से काफी दूर रह गई और 206 रन पर सिमट गई। इस तरह भारत को 165 रन की बड़ी जीत मिली। गॉल टेस्ट में भारत की जीत में भारतीय गेंदबाजों की सटीक रणनीति और बल्लेबाजों की मजबूत नींव दोनों का बड़ा योगदान रहा।
मानव सुथार ने गेंद से मचाया तहलका
भारत की जीत के सबसे बड़े सितारों में मानव सुथार का नाम सबसे आगे रहा। उन्होंने पूरे मुकाबले में गेंद से शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 10 विकेट अपने नाम किए।पहली पारी में मानव सुथार ने चार विकेट झटके, जबकि दूसरी पारी में उन्होंने छह श्रीलंकाई बल्लेबाजों को अपना शिकार बनाया। दूसरी पारी में उनके छह विकेटों ने श्रीलंका की रन चेज को पूरी तरह पटरी से उतार दिया। गॉल टेस्ट में भारत की जीत में मानव सुथार का यह प्रदर्शन सबसे निर्णायक फैक्टर में से एक रहा।
देवदत्त पडिक्कल ने बल्ले से मचाया धमाल
जहां गेंद से मानव सुथार ने श्रीलंका पर दबाव बनाया, वहीं बल्ले से देवदत्त पडिक्कल ने टीम इंडिया के लिए शानदार योगदान दिया। उन्होंने पूरे टेस्ट मैच में एक शतक की मदद से कुल 211 रन बनाए।पडिक्कल की बल्लेबाजी ने भारतीय पारी को मजबूती दी और टीम को ऐसा स्कोर खड़ा करने में मदद मिली, जिससे श्रीलंका पर लक्ष्य का दबाव बना रहा। गॉल टेस्ट में भारत की जीत में पडिक्कल की बल्लेबाजी को भी मैच का बड़ा टर्निंग पॉइंट माना जा सकता है।
15 अगस्त से शुरू हुए टेस्ट में पहली बार भारत जीता
गॉल टेस्ट भारत के लिए एक और वजह से खास रहा। यह मुकाबला 15 अगस्त से शुरू हुआ था। भारतीय क्रिकेट इतिहास में यह केवल दूसरा टेस्ट मैच था, जिसका आगाज 15 अगस्त को हुआ।इससे पहले 2014 में इंग्लैंड के खिलाफ 15 अगस्त से शुरू हुए टेस्ट मैच में भारत को पारी और 244 रन से हार का सामना करना पड़ा था। लेकिन इस बार कहानी पूरी तरह बदल गई। टीम इंडिया ने 15 अगस्त से शुरू हुए टेस्ट में पहली बार जीत दर्ज की। गॉल टेस्ट में भारत की जीत ने इस रिकॉर्ड को भी भारतीय क्रिकेट के पक्ष में कर दिया।
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600वां टेस्ट बना यादगार
गॉल में खेला गया यह मुकाबला भारतीय टीम के लिए 600वें टेस्ट से जुड़ा होने के कारण भी खास बताया गया। इतने लंबे टेस्ट इतिहास के पड़ाव पर मिली जीत ने इस मैच को और यादगार बना दिया।टीम इंडिया ने न सिर्फ श्रीलंका को हराया, बल्कि कई अहम रिकॉर्ड और उपलब्धियों के साथ इस मुकाबले को अपने नाम किया। गॉल टेस्ट में भारत की जीत भारतीय टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में एक खास अध्याय के तौर पर दर्ज हो गई है।
सीरीज में भारत ने बनाई 1-0 की बढ़त
दो टेस्ट मैचों की सीरीज में अब भारत 1-0 से आगे है। गॉल में मिली जीत के बाद टीम इंडिया के पास सीरीज अपने नाम करने का शानदार मौका है।श्रीलंका के लिए अगले मुकाबले में वापसी करना बड़ी चुनौती होगी। वहीं भारतीय टीम अपने बल्लेबाजों और गेंदबाजों के प्रदर्शन से उत्साहित होगी। गॉल टेस्ट में भारत की जीत ने सीरीज का रुख फिलहाल भारत की ओर कर दिया है और अब श्रीलंका पर अगले मुकाबले में वापसी का दबाव रहेगा।