[Nishaanebaz News] Rewa News: रीवा। मध्य प्रदेश में लंबे समय से छात्रसंघ चुनाव नहीं होने को लेकर छात्रों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। इसी मुद्दे को लेकर रीवा में एनएसयूआई ने प्रदेश सरकार के खिलाफ आवाज बुलंद की। एनएसयूआई के प्रदेश अध्यक्ष आशुतोष चौकसे के नेतृत्व में छात्र नेताओं और कार्यकर्ताओं ने एसडीएम कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा। संगठन ने प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में जल्द छात्रसंघ चुनाव कराने की मांग की है।
प्रत्यक्ष प्रणाली से चुनाव कराने की मांग
एनएसयूआई ने ज्ञापन के माध्यम से मांग की कि छात्रसंघ चुनाव प्रत्यक्ष निर्वाचन प्रणाली के तहत कराए जाएं। संगठन का कहना है कि प्रत्यक्ष चुनाव होने से प्रत्येक छात्र को अपने प्रतिनिधि का चुनाव करने के लिए सीधे मतदान करने का अधिकार मिलेगा। इससे छात्र अपनी समस्याओं को मजबूती से प्रशासन के सामने रखने के लिए सक्षम प्रतिनिधि चुन सकेंगे।
रीवा में छात्रसंघ चुनाव की मांग तेज, NSUI ने ज्ञापन सौंपकर प्रत्यक्ष मतदान की उठाई मांग #RewaNSUI #StudentUnionElection #RewaNews #MPStudentPolitics pic.twitter.com/nCfJ6TnDTA
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लंबे समय से चुनाव नहीं होने पर सवाल
एनएसयूआई नेताओं ने कहा कि मध्य प्रदेश में लंबे समय से छात्रसंघ चुनाव नहीं हुए हैं। इसके चलते प्रदेश के लाखों छात्र-छात्राएं अपने प्रतिनिधि चुनने के लोकतांत्रिक अधिकार से वंचित हैं। संगठन का कहना है कि छात्रसंघ चुनाव केवल प्रतिनिधि चुनने की प्रक्रिया नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को लोकतांत्रिक व्यवस्था और नेतृत्व का अनुभव देने का महत्वपूर्ण माध्यम भी है।
चुनाव प्रक्रिया पारदर्शी बनाने की मांग
ज्ञापन में सभी विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में छात्रसंघ चुनाव की स्पष्ट, पारदर्शी और समान प्रक्रिया जल्द घोषित करने की मांग की गई। एनएसयूआई ने यह भी कहा कि चुनाव में सभी छात्र संगठनों को समान अवसर मिलना चाहिए, ताकि विद्यार्थी स्वतंत्र रूप से अपने प्रतिनिधियों का चयन कर सकें।संगठन ने मांग की कि चुनाव के बाद निर्वाचित छात्र प्रतिनिधियों को विद्यार्थियों की समस्याएं कॉलेज और विश्वविद्यालय प्रशासन के सामने रखने का अधिकार भी सुनिश्चित किया जाए।
छात्र राजनीति को बताया लोकतंत्र की पहली पाठशाला
एनएसयूआई प्रदेश अध्यक्ष आशुतोष चौकसे ने कहा कि छात्र राजनीति लोकतांत्रिक व्यवस्था की पहली पाठशाला है। कॉलेज और विश्वविद्यालय स्तर पर छात्र अपने प्रतिनिधियों का चुनाव करके अपनी समस्याओं और मांगों को संस्थान के सामने रखते हैं। ऐसे में लंबे समय तक चुनाव नहीं होना छात्रों की लोकतांत्रिक भागीदारी को प्रभावित करता है।उन्होंने कहा कि सरकार को छात्रों की मांगों को गंभीरता से लेते हुए जल्द चुनाव की घोषणा करनी चाहिए। एनएसयूआई का कहना है कि छात्रसंघ चुनाव होने से विद्यार्थियों को अपनी आवाज उठाने के लिए लोकतांत्रिक मंच मिलेगा।
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हाईकोर्ट के फैसले का भी दिया हवाला
ज्ञापन में एनएसयूआई ने जबलपुर हाईकोर्ट के छात्रसंघ चुनाव से जुड़े निर्णयों का भी हवाला दिया। संगठन का कहना है कि न्यायालय के निर्णयों का सम्मान करते हुए सरकार को छात्रसंघ चुनाव की प्रक्रिया शुरू करने की दिशा में आवश्यक कदम उठाने चाहिए।एनएसयूआई ने सरकार से मांग की कि प्रदेश के विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में चुनाव कार्यक्रम जल्द घोषित किया जाए और छात्रों को अपने प्रतिनिधि चुनने का अवसर दिया जाए।
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सरकार के फैसले पर टिकी नजर
रीवा में ज्ञापन सौंपने के बाद अब छात्रसंघ चुनाव का मुद्दा एक बार फिर प्रदेश की छात्र राजनीति में चर्चा का विषय बन गया है। एनएसयूआई ने स्पष्ट किया है कि यदि सरकार जल्द निर्णय नहीं लेती है तो संगठन इस मांग को लेकर आंदोलन को आगे बढ़ा सकता है। अब देखना होगा कि सरकार छात्रसंघ चुनाव को लेकर क्या कदम उठाती है।





