Tuesday, August 18, 2026
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Indore News: इंदौर में फर्जी जॉब कंसल्टेंसी का भंडाफोड़ नौकरी का झांसा देकर छात्रों से ठगी का आरोप

Indore News: इंदौर। रोजगार की तलाश कर रहे बेरोजगार युवाओं को अच्छी नौकरी दिलाने का झांसा देकर कथित तौर पर ठगी करने वाली एक फर्जी कंसल्टेंसी कंपनी के खिलाफ इंदौर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। विजयनगर थाना पुलिस ने ऑर्बिट मॉल में संचालित अल्फा जॉब्स कंसल्टेंसी के मामले में कार्रवाई करते हुए 313 छात्रों के ओरिजिनल दस्तावेज और मार्कशीट बरामद किए हैं।

इस मामले में कंपनी के संचालक और मुख्य आरोपी मयंक सराफ को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। अब जांच के दौरान पैसों के लेन-देन से जुड़े तथ्यों के सामने आने के बाद आरोपी की पत्नी पूजा सराफ को भी पुलिस ने मामले में सह-आरोपी बनाया है।

पत्नी के बैंक खाते में जाते थे ठगी के रुपये

एडिशनल डीसीपी अमरेंद्र सिंह के अनुसार, विजयनगर पुलिस ने धोखाधड़ी सहित विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज कर मामले की जांच शुरू की थी। जांच के दौरान सामने आया कि कंसल्टेंसी के कामकाज और ऑनलाइन पैसों के लेन-देन में मुख्य आरोपी की पत्नी पूजा सराफ का बैंक खाता भी इस्तेमाल किया जा रहा था।

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पुलिस जांच में मिले तथ्यों के आधार पर पूजा सराफ को मामले में सह-आरोपी बनाया गया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि कथित ठगी के जरिए कितनी रकम वसूली गई और इस पूरे मामले में अन्य लोगों की भूमिका क्या रही।

नौकरी का झांसा, फिर जमा करवा लेते थे ओरिजिनल दस्तावेज

पुलिस के अनुसार, कंसल्टेंसी के माध्यम से युवाओं को अच्छी नौकरी दिलाने का भरोसा दिलाया जाता था। इसके बाद उनसे उनके ओरिजिनल डॉक्यूमेंट्स और मार्कशीट जमा करवाई जाती थी।आरोप है कि जब छात्र अपने दस्तावेज वापस मांगते थे तो उन्हें लौटाने के बदले पैसे की मांग की जाती थी। इस मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए कंपनी के पास से 313 छात्रों के मूल दस्तावेज बरामद किए हैं।

डॉक्यूमेंट्स वापस देने के नाम पर ब्लैकमेलिंग का आरोप

जांच में सामने आया कि दस्तावेज जमा कराने के बाद कई छात्र उन्हें वापस लेने के लिए परेशान होते रहे। आरोप है कि मूल दस्तावेज लौटाने के बदले उनसे रुपये मांगे जाते थे।पीड़ित छात्रों की शिकायतों के आधार पर विजयनगर थाने में प्रकरण दर्ज किया गया था। पुलिस ने मामले की जांच के बाद कंपनी संचालक के खिलाफ कार्रवाई की और अब पैसों के लेन-देन की जांच के आधार पर उसकी पत्नी को भी सह-आरोपी बनाया गया है।

पीड़ित छात्रों की मदद के लिए पुलिस ने बनाया सोशल मीडिया ग्रुप

जिन छात्रों के ओरिजिनल दस्तावेज कंसल्टेंसी के पास फंसे हुए थे, उन्हें राहत देने के लिए विजयनगर पुलिस ने एक सोशल मीडिया ग्रुप भी बनाया है। इस ग्रुप के माध्यम से पीड़ित छात्रों को जोड़ा जा रहा है।पुलिस का उद्देश्य न्यायालय के आदेश के बाद आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर छात्रों को उनके मूल दस्तावेज जल्द और व्यवस्थित तरीके से वापस दिलाना है।

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जांच जारी, अन्य लोगों की भूमिका की भी होगी पड़ताल

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है। जांच के दौरान यदि इस कथित फर्जीवाड़े में किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।फिलहाल 313 छात्रों के मूल दस्तावेज मिलने के बाद यह मामला इंदौर में नौकरी के नाम पर कथित ठगी के बड़े मामलों में शामिल हो गया है। पुलिस अब पैसों के लेन-देन और इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।

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