[Nishaanebaz News] MP News: भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में मंगलवार को तृतीय वर्ग कर्मचारी संगठन ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। मंत्रालय के पास बड़ी संख्या में एकत्र हुए कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी पांच सूत्रीय मांगों को जल्द पूरा करने की मांग उठाई।
कर्मचारियों का प्रमुख मुद्दा CPCT की अनिवार्यता समाप्त करने का रहा। संगठन का कहना है कि कर्मचारियों से जुड़ी कई लंबित समस्याओं पर सरकार को जल्द फैसला लेना चाहिए। प्रदर्शन के दौरान कर्मचारी नेताओं ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों का समय रहते निराकरण नहीं किया गया, तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।
CPCT की अनिवार्यता खत्म करने की प्रमुख मांग
तृतीय वर्ग कर्मचारी संगठन के पदाधिकारियों ने प्रदर्शन के दौरान कहा कि CPCT की अनिवार्यता सहित पांच प्रमुख मांगों को लेकर लंबे समय से सरकार के समक्ष अपनी बात रखी जा रही है।कर्मचारियों ने मांगों के शीघ्र निराकरण की अपील करते हुए कहा कि सरकार को कर्मचारी हितों से जुड़े मामलों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। उनका कहना है कि लंबित मांगों को लेकर कर्मचारियों में लगातार नाराजगी बढ़ रही है।
मंत्रालय के पास जुटे कर्मचारी, सरकार तक पहुंचाई आवाज
अपनी मांगों को लेकर संगठन से जुड़े कर्मचारी भोपाल में मंत्रालय के पास एकत्र हुए और प्रदर्शन किया। इस दौरान कर्मचारियों ने सरकार का ध्यान अपनी समस्याओं की ओर आकर्षित करने का प्रयास किया।प्रदर्शनकारियों का कहना है कि कर्मचारियों की मांगों को अब और लंबे समय तक टाला नहीं जाना चाहिए। संगठन ने सरकार से जल्द बातचीत कर समस्याओं का समाधान निकालने की मांग की है।
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मांगें नहीं मानीं तो होगा बड़ा आंदोलन
कर्मचारी नेताओं ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि उनकी पांच सूत्रीय मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को प्रदेश स्तर पर और व्यापक किया जाएगा।संगठन का कहना है कि फिलहाल कर्मचारियों ने प्रदर्शन के माध्यम से सरकार तक अपनी मांग पहुंचाई है, लेकिन यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो आगे की रणनीति बनाकर बड़ा आंदोलन किया जाएगा।भोपाल में हुए इस प्रदर्शन के बाद अब नजर सरकार के अगले कदम पर है। कर्मचारी संगठन को उम्मीद है कि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा, वहीं मांगें लंबित रहने की स्थिति में प्रदेश में कर्मचारी आंदोलन और तेज होने की संभावना जताई जा रही है।





