Raipur Giraud News: रायपुर।धरसींवा विकासखंड की ग्राम पंचायत गिरौद में कथित फर्जी NOC, जाली हस्ताक्षर, पंचायत निधि के उपयोग और शासकीय भूमि से जुड़े मामलों को लेकर प्रेस वार्ता आयोजित की गई। प्रेस नोट के माध्यम से उपलब्ध दस्तावेजों और पूर्व में की गई शिकायतों के आधार पर इन मामलों की निष्पक्ष जांच की मांग प्रशासन से की गई है।
Raipur Giraud News: प्रेस नोट के अनुसार, निजी उद्योगों की स्थापना के लिए ग्राम पंचायत गिरौद के नाम से जारी दो NOC की प्रमाणिकता पर सवाल उठाए गए हैं। इनमें एक NOC केके पॉलीमर्स और दूसरी श्री शिव कुमार अग्रवाल/प्लेटफैब इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड से संबंधित बताई गई है। इन दस्तावेजों में ग्राम पंचायत की बैठकों और तारीखों का उल्लेख होने की बात कही गई है।
Raipur Giraud News: पूर्व सरपंच के जाली हस्ताक्षर का आरोप
Raipur Giraud News: शिकायत में दावा किया गया है कि उक्त NOC पर पूर्व सरपंच श्रीमती शांति वर्मा के हस्ताक्षर दर्ज हैं, जबकि उन्होंने इन हस्ताक्षरों को अपना होने से इनकार किया है। शिकायतकर्ता के अनुसार, NOC के लेटरहेड, हस्ताक्षर और लिखावट में भी अंतर दिखाई देता है। इस संबंध में घोषणा-पत्र और अन्य दस्तावेज प्रशासन के समक्ष प्रस्तुत किए जाने की बात कही गई है।
Raipur Giraud News: 7 मार्च 2025 के NOC पर भी उठे सवाल
प्रेस नोट में 7 मार्च 2025 को पुष्पलता जगवाल के नाम जारी बताए जा रहे एक NOC का भी उल्लेख है। इसमें खसरा नंबर 472/42 और 0.237 हेक्टेयर रकबे का उल्लेख होने की बात कही गई है। दस्तावेज में ग्राम पंचायत की बैठक की तारीख 6 फरवरी 2025 बताई गई है। इस NOC पर भी पूर्व सरपंच के कथित हस्ताक्षर को फर्जी बताते हुए जांच की मांग की गई है।
पंचायत निधि के इस्तेमाल की जांच की मांग
ग्राम पंचायत निधि का कथित रूप से बिना पंचायत प्रस्ताव और अनुमति के उपयोग किए जाने का आरोप भी लगाया गया है। शिकायतकर्ताओं ने इस मामले में भी दस्तावेजों की जांच कर जिम्मेदारी तय करने की मांग की है।
NH-30 से लगी शासकीय घास भूमि का मामला
गिरौद में NH-30 से लगी शासकीय घास भूमि को कथित तौर पर अवैध तरीके से स्वीकृत किए जाने का आरोप भी सामने आया है। इसके साथ ही संबंधित अभिलेखों में कथित कूटरचना और ओवरराइटिंग की जांच की मांग की गई है।
बिना सूचना ग्राम सभा कराने का आरोप
प्रेस नोट में बिना सूचना ग्राम सभा आयोजित किए जाने और उससे जुड़े अभिलेखों में कथित अनियमितता का मुद्दा भी उठाया गया है। शिकायत में सरपंच के हस्ताक्षरों के कार्यवाही पंजी और अनुपस्थिति पंजी में अलग-अलग होने का दावा करते हुए अभिलेखों की प्रमाणिकता पर सवाल उठाए गए हैं।
निष्पक्ष जांच की मांग
प्रेस नोट जारीकर्ता ने स्पष्ट किया है कि किसी व्यक्ति विशेष को दोषी ठहराना उद्देश्य नहीं है। उपलब्ध दस्तावेजों और शिकायतों की स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच कर वास्तविक तथ्यों को सामने लाने की मांग की गई है। यदि जांच में किसी प्रकार की अनियमितता या कूटरचना प्रमाणित होती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की मांग की गई है।





