Nishaanebaz News Desk-Raipur Child Accident: राजधानी रायपुर के राजेंद्र नगर थाना क्षेत्र में रायपुर मासूम हादसा सामने आया है। सोमवार शाम गली में भरे बारिश के पानी में बच्चों के साथ खेल रहे 4 साल के काव्यांश की नाले में डूबने से मौत हो गई। हादसे की खबर सामने आते ही परिवार और आसपास के लोगों में हड़कंप मच गया।बताया जा रहा है कि काव्यांश करीब 4 से 5 अन्य बच्चों के साथ गली में जमा पानी में खेल रहा था। इसी दौरान वह अचानक खुले नाले या गड्ढे में जा गिरा। पानी भरा होने के कारण नाला दिखाई नहीं दे रहा था और बच्चा उसमें डूब गया।
रायपुर मासूम हादसा उस समय हुआ जब परिवार को अंदाजा भी नहीं था कि गली में जमा पानी के बीच इतना बड़ा खतरा मौजूद है। बच्चे के नाले में गिरने के बाद आसपास मौजूद लोगों ने उसे तलाशने की कोशिश की। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।स्थानीय लोगों के मुताबिक, बारिश के दौरान गली और आसपास के हिस्सों में पानी भर जाता है। ऐसे में खुले नाले और गड्ढे नजर नहीं आते। यही स्थिति बच्चों और राहगीरों के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकती है।
जन्मदिन से पहले परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
काव्यांश की मौत ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। बताया जा रहा है कि इसी महीने उसका जन्मदिन आने वाला था। परिवार बच्चे के जन्मदिन की तैयारी और खुशियों का इंतजार कर रहा था, लेकिन उससे पहले ही घर में मातम छा गया।रायपुर मासूम हादसा ने स्थानीय लोगों को भी झकझोर दिया है। मासूम की मौत के बाद आसपास के लोगों में गम का माहौल है और लोग खुले नालों तथा गड्ढों को लेकर चिंता जता रहे हैं।
Read more: CG Weather Today: आज छत्तीसगढ़ में कहां बरसेगी आफत? इन जिलों में बहुत भारी बारिश का अलर्ट
बारिश में क्यों बढ़ जाता है खुले नालों का खतरा?
बारिश के दौरान सड़क और गलियों में पानी भर जाने से खुले नाले, गड्ढे और टूटे हिस्से दिखाई नहीं देते। रायपुर मासूम हादसा भी इसी तरह के खतरे की ओर ध्यान खींच रहा है। खासकर छोटे बच्चों के लिए जलभराव वाली जगहों पर खतरा और ज्यादा बढ़ जाता है।स्थानीय लोगों का कहना है कि खुले नालों और गड्ढों को सुरक्षित तरीके से ढंकने या उनके आसपास बैरिकेडिंग करने की जरूरत है। उनका कहना है कि समय रहते सुरक्षा के इंतजाम किए जाएं तो ऐसे हादसों को रोका जा सकता है।
खुले नाले और जलभराव पर उठे सवाल
इस घटना के बाद इलाके की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। बारिश के मौसम में जलभराव वाले स्थानों की निगरानी और खुले नालों की पहचान जरूरी है। रायपुर मासूम हादसा ने नगर व्यवस्था के सामने भी यह सवाल रखा है कि जलभराव वाले इलाकों में बच्चों और राहगीरों की सुरक्षा के लिए पर्याप्त इंतजाम क्यों नहीं हैं।स्थानीय लोगों का कहना है कि पानी भरने से पहले खुले नालों और गड्ढों को चिन्हित कर सुरक्षा घेरा बनाया जाना चाहिए। इससे लोगों को खतरे वाली जगहों से दूर रखा जा सकता है।
राजेंद्र नगर थाना पुलिस कर रही जांच
घटना की जानकारी मिलने के बाद राजेंद्र नगर थाना पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस हादसे से जुड़े सभी पहलुओं की जानकारी जुटा रही है। रायपुर मासूम हादसा के बाद घटना के कारणों और मौके की स्थिति को लेकर भी जांच की जा रही है।मासूम काव्यांश की मौत ने एक परिवार की खुशियां छीन लीं। साथ ही बारिश के दौरान खुले नाले और जलभराव से पैदा होने वाले खतरे को एक बार फिर सामने ला दिया है।





