Sunday, August 16, 2026
Home Madhya Pradesh Morena News: चंबल में अवैध रेत खनन पर बड़ा एक्शन! 102 वनरक्षकों...

Morena News: चंबल में अवैध रेत खनन पर बड़ा एक्शन! 102 वनरक्षकों के कंधों पर बंदूकें, अब घाटों पर होगी कड़ी निगरानी

Nishaanebaz News Desk-Illegal Sand Mining in Chambal: चंबल में अवैध रेत खनन को रोकने के लिए वन विभाग ने निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की तैयारी शुरू कर दी है। सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के बाद प्रशासन की नजर अब चंबल नदी के घाटों से लेकर उन रास्तों तक रहेगी, जहां से अवैध रेत का परिवहन होने की शिकायतें सामने आती रही हैं।रिपोर्ट के मुताबिक वन विभाग ने 102 वनरक्षकों को बंदूकों के साथ तैनात करने का फैसला किया है। ये वनरक्षक चंबल के घाटों और रेत परिवहन वाले रास्तों पर निगरानी रखेंगे।

चंबल के करीब 30 घाटों पर रहेगी नजर
चंबल में अवैध रेत खनन की शिकायतें करीब 30 घाटों से जुड़ी बताई जाती हैं। ऐसे में इन घाटों की निगरानी को सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण माना जा रहा है। वन विभाग की टीम यहां होने वाली गतिविधियों पर नजर रखेगी।अवैध रेत खनन के साथ-साथ रेत से भरे वाहनों की आवाजाही पर भी नजर रखी जाएगी। प्रशासन का लक्ष्य घाटों से लेकर परिवहन मार्गों तक निगरानी व्यवस्था को मजबूत करना है।

तीन स्तर पर बनाई गई निगरानी व्यवस्था
चंबल में अवैध रेत खनन और परिवहन रोकने के लिए तीन स्तर पर निगरानी टीमें बनाई गई हैं। पहली टीम मुरैना, सबलगढ़, अंबाह और जौरा क्षेत्र में सक्रिय रहेगी।इन टीमों में राजस्व, पुलिस, खनिज और वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी शामिल होंगे। टीमों को हर घाट का निरीक्षण करने के साथ वहां की स्थिति का रिकॉर्ड तैयार करना होगा।

GPS और 360 डिग्री वीडियो से होगी निगरानी
चंबल में अवैध रेत खनन की निगरानी के दौरान टीमों को घाटों की GPS लोकेशन दर्ज करनी होगी। इसके साथ ही मौके की तस्वीरें और 360 डिग्री एंगल का वीडियो भी तैयार किया जाएगा।तैयार की गई रिपोर्ट सप्ताह में दो बार एसडीएम के पास भेजी जाएगी। इसके बाद एसडीएम महीने में दो बार रिपोर्ट जिला स्तर की टीम को सौंपेंगे। इससे घाटों की स्थिति और वहां होने वाली गतिविधियों का नियमित रिकॉर्ड तैयार किया जा सकेगा।
Read more: MP Weather Today: मध्य प्रदेश में आज मौसम लेगा करवट! इन जिलों में भारी बारिश का बड़ा अलर्ट

पहले से तैनात हैं SAF के जवान
चंबल में अवैध रेत खनन को रोकने के लिए राजघाट, बरवासिन घाट और हाईवे क्षेत्र में पहले से ही एसएएफ के जवान तैनात बताए गए हैं। अब वन विभाग की ओर से अतिरिक्त वनरक्षकों और बंदूकधारियों की तैनाती की तैयारी की जा रही है।इसके अलावा घड़ियाल अभयारण्य क्षेत्र में भी निगरानी बढ़ाई जा रही है। चंबल का यह क्षेत्र वन्यजीवों के लिहाज से भी बेहद महत्वपूर्ण है, इसलिए अवैध गतिविधियों पर नियंत्रण को लेकर विभाग सक्रिय है।

रेत की कीमत बढ़ने से माफिया पर सवाल
चंबल में अवैध रेत खनन पर रोक होने के प्रशासनिक दावे के बावजूद जमीनी स्तर पर कई बार रेत से भरे ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की आवाजाही को लेकर सवाल उठते रहे हैं।रेत की कीमत बढ़ने के कारण अवैध कारोबार से जुड़े लोगों के फिर सक्रिय होने की आशंका भी जताई जा रही है। इसी वजह से प्रशासन अब घाटों के साथ-साथ रेत परिवहन के रास्तों पर भी निगरानी बढ़ा रहा है।

कलेक्टर से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचेगी रिपोर्ट
चंबल में अवैध रेत खनन की स्थिति पर अब नियमित रिपोर्टिंग की व्यवस्था की जा रही है। प्रशासन की टीमें क्षेत्र का निरीक्षण कर रिपोर्ट तैयार करेंगी और निगरानी के जरिए सामने आने वाली स्थिति को उच्च स्तर तक पहुंचाया जाएगा।मुरैना के साथ श्योपुर और भिंड जिलों में भी निगरानी व्यवस्था मजबूत करने की तैयारी है। आने वाले समय में घाटों, परिवहन मार्गों और संवेदनशील क्षेत्रों में टीमों की सक्रियता बढ़ सकती है।

अब घाटों से लेकर रास्तों तक प्रशासन की नजर
चंबल में अवैध रेत खनन रोकने के लिए बनाई गई नई व्यवस्था में हथियारबंद वनरक्षकों की तैनाती, तीन स्तर की टीमें, GPS लोकेशन, फोटो और 360 डिग्री वीडियो जैसी व्यवस्थाएं शामिल हैं।अब देखना होगा कि निगरानी की यह नई व्यवस्था चंबल के घाटों पर अवैध रेत उत्खनन और परिवहन को रोकने में कितनी प्रभावी साबित होती है।

Share The News

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here