Monday, September 28, 2026
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Betul Illegal Recovery: बैतूल में बंद बैरियरों से कथित वसूली का आरोप, ड्राइवरों से 200 से 1000 रुपये लेने के दावे; जिम्मेदारों पर उठे सवाल

[Nishaanebaz News] Betul Illegal Recovery:शशांक सोनकपुरिया\बैतूल। मध्यप्रदेश के बैतूल जिले में बंद पड़े ससुन्दरा और हनुमानढाना बैरियर को लेकर कथित अवैध वसूली के आरोप सामने आए हैं। आरोप है कि इन स्थानों पर कुछ लोग वर्दी पहनकर ट्रक और अन्य भारी वाहनों को रोकते हैं और चालकों से बिना किसी रसीद के 200 से लेकर 1000 रुपये तक की रकम वसूलते हैं। मामले को लेकर जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका और कार्रवाई को लेकर भी सवाल खड़े किए जा रहे हैं।

बंद बैरियरों पर वाहनों को रोकने का आरोप

स्थानीय स्तर पर सामने आई शिकायतों के मुताबिक, ससुन्दरा और हनुमानढाना के बंद पड़े बैरियरों के आसपास ट्रक चालकों को रोककर उनसे कथित तौर पर पैसे लिए जा रहे हैं। आरोप है कि वसूली के दौरान किसी तरह की रसीद नहीं दी जाती और रकम नकद ली जाती है।ड्राइवरों का दावा है कि उनसे वाहन के हिसाब से 200, 500 और कभी-कभी 1000 रुपये तक मांगे जाते हैं। पैसे नहीं देने पर कथित तौर पर उन्हें धमकाने या परेशान करने की बात भी सामने आई है।

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RTO लिखी गाड़ियों और बैरियरों को लेकर सवाल

मामले में सबसे गंभीर सवाल उन वाहनों और बैरियरों को लेकर उठाए जा रहे हैं, जिन पर RTO लिखा होने का दावा किया जा रहा है। आरोप लगाने वालों का कहना है कि मौके पर रखे कुछ बैरिकेड्स पर भी RTO लिखा हुआ है।ऐसे में सवाल उठ रहा है कि इन स्थानों पर तैनात लोगों को किस विभाग ने अधिकृत किया है और यदि वे अधिकृत नहीं हैं तो बंद बैरियर के नाम पर वाहनों को रोककर वसूली कैसे की जा रही है।

बिना रसीद वसूली के आरोप से बढ़ी चिंता

Betul Illegal Recovery: ट्रक चालकों से कथित तौर पर बिना रसीद पैसे लिए जाने की शिकायत ने पूरे मामले को गंभीर बना दिया है। यदि ये आरोप सही पाए जाते हैं तो यह सरकारी व्यवस्था और परिवहन नियमों के नाम पर अवैध वसूली का मामला हो सकता है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि लंबे समय से इस तरह की शिकायतें सामने आने के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से सवाल उठ रहे हैं कि आखिर इस गतिविधि पर जिम्मेदार अधिकारियों की नजर क्यों नहीं पड़ रही है।

मीडिया के सवालों पर धमकाने के भी आरोप

मामले को सामने लाने और सवाल पूछने वालों को कथित तौर पर धमकाने के आरोप भी लगाए गए हैं। इससे पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग और तेज हो गई है। स्थानीय स्तर पर यह सवाल भी उठ रहा है कि यदि बैरियर बंद हैं तो वहां वाहनों को रोकने और उनसे पैसे लेने वालों को किसका संरक्षण प्राप्त है।हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है और किसी अधिकारी या जनप्रतिनिधि की संलिप्तता भी फिलहाल साबित नहीं हुई है। इसलिए मामले में आधिकारिक जांच और तथ्यों का सामने आना जरूरी है।

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कलेक्टर और एसपी की कार्रवाई पर नजर

Betul Illegal Recovery: अब पूरे मामले में बैतूल जिला प्रशासन और पुलिस विभाग की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। सवाल यह है कि क्या प्रशासन बंद पड़े दोनों बैरियरों पर जांच कराएगा? क्या वहां मौजूद लोगों की पहचान और उनकी वर्दी व वाहनों की जांच होगी? साथ ही, क्या यह पता लगाया जाएगा कि ड्राइवरों से कथित तौर पर ली जा रही रकम किसके निर्देश पर वसूली जा रही थी?यदि शिकायतों में तथ्य पाए जाते हैं तो संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। फिलहाल मामला जांच और प्रशासनिक कार्रवाई की मांग के बीच चर्चा में है।

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