फकरे आलम खान/बचेली [Nishanebaaz News]Bacheli Hareli Tihar Celebration News। लौह नगरी बचेली स्थित ‘छत्तीसगढ़ सांस्कृतिक एवं क्रीड़ा समिति’ भवन में राज्य के पहले लोक तिहार हरेली पर्व को बेहद पारंपरिक और हर्षोल्लासपूर्ण वातावरण में मनाया गया। इस अवसर पर समिति के सदस्यों एवं छत्तीसगढ़ महिला समिति की मातृशक्ति की गरिमामयी उपस्थिति में कई सांस्कृतिक और पारंपरिक गतिविधियां आयोजित की गईं।
सावन माह की अमावस्या पर मनाए जाने वाले इस लोक पर्व के दौरान महिलाओं द्वारा घर-घर से गुड़ चीला, गुलगुल भजिया, सोहारी रोटी और विविध पारंपरिक छत्तीसगढ़ी व्यंजन बनाकर लाए गए, जिसका सभी सदस्यों ने आनंद लिया। आयोजन स्थल पर पारंपरिक बांस की गेड़ी बनाई गई, जिस पर चढ़कर युवाओं और बच्चों ने जमकर लुत्फ उठाया।
कृषि उपकरणों का पूजन और पर्यावरण संरक्षण का संदेश
छत्तीसगढ़ी संस्कृति और लोक परंपरा के अनुरूप कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों ने सामूहिक रूप से नागर (हल), कुदाली, फावड़ा, गैंती सहित विभिन्न कृषि उपकरणों की साफ-सफाई कर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की तथा आगामी फसल की अच्छी पैदावार और क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना की।
उल्लेखनीय है कि ‘हरेली’ शब्द सीधा हरियाली से जुड़ा हुआ है, जो प्रकृति के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का प्रतीक है। बचेली में आयोजित यह पर्व न केवल धार्मिक व सांस्कृतिक पहचान का गवाह बना, बल्कि इसके माध्यम से पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए परिसर में वृक्षारोपण भी किया गया। छत्तीसगढ़ सांस्कृतिक एवं क्रीड़ा समिति तथा महिला समिति के सभी पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं के सक्रिय सहयोग से यह कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

