बिलासपुर तंत्र-मंत्र केस में श्मशान घाट पर तंत्र क्रिया के दौरान चीफ जस्टिस की तस्वीर रखे जाने की बात सामने आने के बाद मामला बेहद संवेदनशील हो गया था। तस्वीर के कारण आशंका जताई गई कि कहीं किसी बड़े व्यक्ति को निशाना बनाने के लिए तो यह गतिविधि नहीं की गई।हालांकि पुलिस की अब तक की जांच के अनुसार तस्वीर का इस्तेमाल कथित तौर पर पीड़ित परिवार पर दबाव बनाने और उन्हें डराने के लिए किया गया था। पुलिस ने जांच के आधार पर मामले की दूसरी कड़ी सामने रखी है।
1 लाख रुपये के विवाद से जुड़ी है पूरी कहानी
बिलासपुर तंत्र-मंत्र केस की जांच में पुलिस को चाकूबाजी के एक मामले से जुड़ा विवाद सामने आया है। आरोप है कि चाकूबाजी के केस में जेल में बंद एक आरोपी की जमानत में खर्च हुए करीब 1 लाख रुपये पीड़ित परिवार से मांगे गए थे।बताया जा रहा है कि जब परिवार ने कथित तौर पर यह रकम देने से इनकार किया तो उन्हें डराने के लिए तंत्र-मंत्र का सहारा लिया गया। पुलिस के मुताबिक, इसी दौरान पीड़ित परिवार को कथित तौर पर जान से मारने की धमकी भी दी गई।
तांत्रिक ने जमानत को लेकर भी किया था दावा
बिलासपुर तंत्र-मंत्र केस में पुलिस जांच के मुताबिक तांत्रिक ने आरोपियों से यह भी कहा था कि उसकी साधना से जेल में बंद आरोपी को जमानत मिलने में मदद मिलेगी।यानी पुलिस के सामने आई कहानी में तंत्र क्रिया का इस्तेमाल एक तरफ पीड़ित परिवार में डर पैदा करने और दूसरी तरफ जेल में बंद आरोपी की जमानत से जुड़ी उम्मीद के तौर पर किए जाने का आरोप है।
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नागपुर से पकड़े गए तीन आरोपी
बिलासपुर तंत्र-मंत्र केस में पुलिस ने फरार चल रहे तीन आरोपियों को महाराष्ट्र के नागपुर से गिरफ्तार किया है। पुलिस की कार्रवाई के बाद मामले की जांच में शामिल आरोपियों की संख्या और उनकी भूमिका को लेकर आगे पूछताछ की जा रही है।वहीं, एक अन्य आरोपी को ग्रामीणों ने कथित तौर पर श्मशान घाट में ही पकड़ लिया था। पुलिस के अनुसार, मौके से पकड़ा गया युवक ही वहां तंत्र क्रिया कर रहा था।
Instagram से तांत्रिक तक पहुंचे आरोपी?
बिलासपुर तंत्र-मंत्र केस की जांच में सोशल मीडिया का कनेक्शन भी सामने आया है। पुलिस के अनुसार आरोपियों ने Instagram के जरिए तांत्रिक से संपर्क किया था।इसके बाद कथित तौर पर तांत्रिक क्रिया के लिए श्मशान घाट का इस्तेमाल किया गया। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आरोपियों और तांत्रिक के बीच किस तरह बातचीत हुई थी और इस पूरी गतिविधि की योजना कैसे बनाई गई।
धमकी और टोनही प्रताड़ना का केस दर्ज
बिलासपुर तंत्र-मंत्र केस में पुलिस ने तोरवा थाने में आरोपियों के खिलाफ धमकी देने और टोनही प्रताड़ना से जुड़े प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस की जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर आरोपियों की भूमिका की पड़ताल की जा रही है।मामले में गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के जरिए यह पता लगाने की कोशिश भी की जा रही है कि तंत्र क्रिया के पीछे कितने लोग शामिल थे और क्या इस पूरी घटना की योजना पहले से बनाई गई थी।
चीफ जस्टिस की तस्वीर का रहस्य क्या है?
बिलासपुर तंत्र-मंत्र केस का सबसे बड़ा सवाल चीफ जस्टिस की तस्वीर को लेकर ही था। तस्वीर सामने आने के बाद इस मामले को लेकर कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई थीं। लेकिन पुलिस जांच के मुताबिक तस्वीर का इस्तेमाल सीधे चीफ जस्टिस को नुकसान पहुंचाने की साजिश के तौर पर नहीं किया गया था।फिलहाल पुलिस के दावे जांच के आधार पर सामने आए तथ्य हैं। मामले की पूरी तस्वीर आरोपियों से पूछताछ और आगे की जांच के बाद और स्पष्ट हो सकती है।
जांच के बाद सामने आएगी पूरी सच्चाई
बिलासपुर तंत्र-मंत्र केस में पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है। जांच का फोकस तांत्रिक से संपर्क, कथित 1 लाख रुपये के विवाद, पीड़ित परिवार को दी गई धमकियों और श्मशान घाट में हुई गतिविधि के बीच संबंध तलाशने पर है।फिलहाल इस मामले ने बिलासपुर में कानून-व्यवस्था और अंधविश्वास से जुड़े मामलों को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं। पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि इस पूरी घटना में किसकी क्या भूमिका थी और कथित तंत्र क्रिया की योजना किस स्तर पर तैयार की गई थी।