[Nishanebaaz News]। Gold Import Duty Revenue Collection के क्षेत्र में केंद्र सरकार को बड़ी सफलता हाथ लगी है। सोने के आयात पर कस्टम ड्यूटी (आयात शुल्क) बढ़ाए जाने के महज ढाई महीने के भीतर ही सरकारी खजाने में 10,040 करोड़ रुपये का भारी-भरकम राजस्व जमा हो चुका है। लोकसभा के मानसून सत्र में सोमवार को वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने इस आंकड़े की आधिकारिक जानकारी साझा की।
सरकारी खजाने में कितना आया राजस्व? संसद में जानकारी देते हुए वित्त राज्य मंत्री ने बताया कि सरकार द्वारा 13 मई 2026 को सोने के आयात पर बढ़ाए गए कस्टम ड्यूटी दरों के लागू होने के बाद, 13 मई से 2 अगस्त 2026 की अवधि के दौरान कुल 10,040 करोड़ रुपये की कस्टम ड्यूटी प्राप्त हुई है। इसी दौरान चांदी के आयात से 328 करोड़ रुपये और प्लैटिनम के आयात से 95 करोड़ रुपये का राजस्व जुटाया गया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि ये आंकड़े शुरुआती समीक्षा पर आधारित हैं।
कितनी बढ़ाई गई थी इम्पोर्ट ड्यूटी? उल्लेखनीय है कि मई महीने में सरकार ने सोने और चांदी पर प्रभावी आयात शुल्क को 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 15 प्रतिशत कर दिया था। इसके तहत बेसिक कस्टम ड्यूटी को 10 प्रतिशत और एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर एंड डेवलपमेंट सेस (AIDC) को 5 प्रतिशत बढ़ाया गया था। इस नीतिगत फैसले का मुख्य उद्देश्य सोने-चांदी के अत्यधिक आयात पर अंकुश लगाना था, ताकि देश के चालू खाते के घाटे (Current Account Deficit) और विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव कम हो सके।
तस्करी पर भी कसा गया शिकंजा लोकसभा में पेश रिपोर्ट के अनुसार, 13 मई से 30 जून 2026 के बीच सीमा शुल्क (कस्टम) विभाग ने सोने की अवैध तस्करी के खिलाफ 287 मामले दर्ज किए हैं। इस कार्रवाई के दौरान लगभग 160.91 किलोग्राम अवैध सोना जब्त किया गया और 116 तस्करों को गिरफ्तार किया गया। वहीं, देश के आम घरों में बिना इस्तेमाल के रखे सोने के संबंध में मंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार ऐसा कोई अलग से आधिकारिक डेटा या रिकॉर्ड नहीं रखती है।

