Chhattisgarh Shiva Temples: रायपुर। सावन माह के दूसरे सोमवार पर पूरा छत्तीसगढ़ भक्तिमय नजर आ रहा है। सुबह से ही प्रदेशभर के शिवालयों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। भगवान भोलेनाथ के दर्शन, जलाभिषेक और पूजा-अर्चना के लिए भक्त लंबी कतारों में खड़े नजर आए। मंदिर परिसर ‘हर-हर महादेव’ और ‘बोल बम’ के जयकारों से गूंज उठे।
सावन सोमवार को भगवान शिव की आराधना के लिए विशेष माना जाता है। यही वजह है कि दूसरे सोमवार के मौके पर रायपुर समेत प्रदेश के प्रमुख शिव मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। कई श्रद्धालु कांवड़ लेकर भी मंदिरों तक पहुंचे और भगवान शिव का जलाभिषेक किया।
रायपुर के शिवालयों में सुबह से लगी भक्तों की कतार
सावन के दूसरे सोमवार पर राजधानी रायपुर के अलग-अलग शिव मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ देखने को मिली। भक्तों ने भगवान शिव को जल, दूध, बेलपत्र, धतूरा और फूल अर्पित कर पूजा-अर्चना की। कई श्रद्धालु परिवार के साथ मंदिर पहुंचे, जबकि बड़ी संख्या में कांवड़िए भी ‘बोल बम’ के जयकारे लगाते हुए शिवालयों तक पहुंचे।मंदिरों में भक्तों की भीड़ को देखते हुए पूजा समितियों और स्थानीय स्तर पर व्यवस्थाएं की गई हैं। सुबह से ही मंदिरों के आसपास धार्मिक माहौल बना हुआ है।
सावन सोमवार और प्रदोष व्रत का विशेष संयोग
इस बार सावन के दूसरे सोमवार का धार्मिक महत्व और बढ़ गया है। सावन सोमवार के साथ प्रदोष व्रत का भी संयोग बना है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सोमवार भगवान शिव को समर्पित होता है, जबकि प्रदोष व्रत भी भगवान शिव की आराधना से जुड़ा महत्वपूर्ण व्रत माना जाता है।इसी कारण बड़ी संख्या में श्रद्धालु सोमवार का व्रत रखकर भगवान शिव की पूजा कर रहे हैं और मंदिरों में विशेष जलाभिषेक कर रहे हैं।
कांवड़ियों में भी दिखा खास उत्साह
Chhattisgarh Shiva Temples: सावन के दूसरे सोमवार पर प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों से कांवड़िए शिवालयों की ओर पहुंच रहे हैं। कंधे पर कांवड़ और जुबां पर ‘बोल बम’ के जयकारों के साथ श्रद्धालु भगवान शिव का जलाभिषेक करने पहुंच रहे हैं।
कई स्थानों पर कांवड़ियों के स्वागत और उनके लिए पेयजल समेत अन्य व्यवस्थाएं भी की गई हैं। शिवभक्तों की टोलियां पूरे रास्ते धार्मिक गीतों और जयकारों के साथ आगे बढ़ती दिखाई दे रही हैं।
छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध शिव मंदिरों में भी उमड़ी भीड़
Chhattisgarh Shiva Temples: सावन के अवसर पर छत्तीसगढ़ के प्राचीन और प्रसिद्ध शिव मंदिर श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र बने हुए हैं। प्रदेश में कई ऐसे ऐतिहासिक शिवालय हैं, जिनका धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व काफी पुराना है।
इनमें कुलेश्वर मंदिर राजिम, भोरमदेव मंदिर कबीरधाम, लक्ष्मणेश्वर महादेव मंदिर शिवरीनारायण, भूतेश्वर महादेव मंदिर मरोदा, सुरंग टीला मंदिर सिरपुर, पातालेश्वर महादेव मंदिर मल्हार, देवबलोदा का प्राचीन शिव मंदिर और महादेव मंदिर पाली समेत कई प्रमुख मंदिर शामिल हैं।
इन प्राचीन शिव मंदिरों में भी पहुंच रहे श्रद्धालु
- कुलेश्वर मंदिर, राजिम – रायपुर क्षेत्र
- भोरमदेव मंदिर – कबीरधाम
- लक्ष्मणेश्वर महादेव मंदिर – शिवरीनारायण, जांजगीर-चांपा
- भूतेश्वर महादेव मंदिर – मरोदा, गरियाबंद
- सुरंग टीला मंदिर – सिरपुर
- पातालेश्वर/केदारेश्वर महादेव मंदिर – मल्हार, बिलासपुर
- देवबलोदा का प्राचीन शिव मंदिर – दुर्ग
- अडभार का प्राचीन शिव मंदिर – शक्ति क्षेत्र
- महादेव मंदिर, पाली – कोरबा
- शिव मंदिर, गतौरा – बिलासपुर
- महादेव मंदिर, बेलपान – बिलासपुर
- महादेव मंदिर, बस्तर – जगदलपुर क्षेत्र
Chhattisgarh Shiva Temples: सावन के दूसरे सोमवार पर इन मंदिरों में भी भक्तों की आवाजाही बढ़ी है। श्रद्धालु भगवान शिव के दर्शन और जलाभिषेक कर सुख-समृद्धि की कामना कर रहे हैं। पूरे प्रदेश में सुबह से ही धार्मिक उत्साह और भक्ति का माहौल बना हुआ है।

