Major Controversy Over Minor Student Case: (कबीरधाम/रायपुर)। छत्तीसगढ़ के कबीरधाम (कवर्धा) शहर स्थित निजी आवासीय विद्यालय ‘गुरुकुल पब्लिक स्कूल’ में 10वीं कक्षा में अध्ययनरत एक नाबालिग आदिवासी छात्रा द्वारा बच्चे को जन्म देने का मामला अब गंभीर राजनीतिक और सामाजिक तूल पकड़ चुका है। मुख्य आरोपी के खिलाफ बीजापुर जिले के थाने में एफआईआर दर्ज होने के बाद अब गुरुकुल स्कूल प्रबंधन की कार्यप्रणाली, हॉस्टल की सुरक्षा व्यवस्था और वार्डन की निगरानी प्रणाली पर तीखे सवाल उठ रहे हैं।
सरकारी उत्कर्ष योजना के तहत बीजापुर की रहने वाली यह नाबालिग छात्रा कबीरधाम के गुरुकुल स्कूल हॉस्टल में रहकर पढ़ाई कर रही थी। आरोपों के मुताबिक, छुट्टियों के दौरान गांव में उसके साथ अनाचार हुआ था। इसके बाद वह करीब आठ से नौ महीने तक लगातार स्कूल हॉस्टल में ही रहकर पढ़ाई करती रही। 5 फरवरी को अचानक तबीयत बिगड़ने पर परिजन उसे घर ले गए, जहां 12 फरवरी को उसने बच्चे को जन्म दिया। इस मामले में बीजापुर पुलिस ने आरोपी पर शून्य में अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू कर दी है।
बीजापुर/कबीरधाम: छुट्टी के दौरान महिला से अनाचार का मामला आया सामने। बच्चे के जन्म के बाद कबीरधाम में लोगों का गुस्सा भड़का, जिसके बाद बीजापुर में एफआईआर (FIR) दर्ज की गई है। मामले में कड़ी कार्रवाई की मांग की जा रही है।#Chhattisgarh #Kabirdham #Bijapur #JusticeForVictim #CG pic.twitter.com/eZw3RmpThg
— News (@khalkho_ji) August 6, 2026
इस पूरे घटनाक्रम ने हॉस्टल प्रबंधन और महिला स्टाफ की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सवाल यह उठ रहा है कि लगभग 8-9 महीने की पूरी गर्भावस्था के दौरान हॉस्टल वार्डन, महिला कर्मचारियों और स्कूल प्रबंधन को इसकी भनक क्यों नहीं लगी? पूर्व में भी इस स्कूल का नाम एक अन्य नाबालिग छात्रा से जुड़े अनाचार के मामले में आ चुका है, जिसमें तत्कालीन प्राचार्य और एक कर्मचारी पर कानूनी कार्रवाई हुई थी। वर्तमान प्राचार्य मनोज राय का कहना है कि यह घटना उनके कार्यकाल से पहले की है और छात्रा की स्वास्थ्य जांच संबंधी विषय तत्कालीन प्रबंधन के अधिकार क्षेत्र का है।
| मुख्य मापदंड / विषय | घटनाक्रम एवं प्रशासनिक जांच से संबंधित विवरण |
| पीड़ित छात्रा का विवरण | 10वीं कक्षा की नाबालिग छात्रा (शासकीय उत्कर्ष योजना के तहत अध्ययनरत) |
| घटनास्थल व स्कूल | गुरुकुल पब्लिक स्कूल एवं हॉस्टल (कबीरधाम/कवर्धा) |
| कानूनी कार्रवाई | मुख्य आरोपी के विरुद्ध बीजापुर जिले के संबंधित थाने में FIR पंजीकृत |
| प्रमुख मांग | आदिवासी विकास परिषद द्वारा मामले की SIT (विशेष जांच दल) जांच की मांग |
| सामाजिक प्रतिक्रिया | आदिवासी समाज के नेता कामू बैगा द्वारा निष्पक्ष जांच न होने पर बड़े आंदोलन की चेतावनी |
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए आदिवासी विकास परिषद के नेता कामू बैगा ने आरोपी के साथ-साथ हॉस्टल प्रबंधन और स्कूल प्रशासन की भूमिका की गहन जांच की मांग की है। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार और पुलिस प्रशासन ने त्वरित एसआईटी (SIT) का गठन कर संस्थागत लापरवाही बरतने वालों पर सख्त कदम नहीं उठाए, तो पूरे प्रदेश में उग्र आंदोलन किया जाएगा।




