MP Education Scam: रीवा में बड़ा शिक्षा घोटाला! 8वीं तक मान्यता, लेकिन 9वीं-10वीं की चल रही थी पढ़ाई; कलेक्टर के आदेश पर स्कूल सील

Anuj Nirala

MP Education Scam: रीवा। मध्य प्रदेश के रीवा जिले में निजी स्कूलों की मान्यता को लेकर बड़ा मामला सामने आया है। रेलवे स्टेशन के पास संचालित सन ब्राइट स्कूल में केवल आठवीं कक्षा तक की मान्यता होने के बावजूद नौवीं और दसवीं कक्षा के विद्यार्थियों का प्रवेश लेकर पढ़ाई कराई जा रही थी। मामले की शिकायत स्थानीय लोगों द्वारा जिला कलेक्टर से किए जाने के बाद जांच कराई गई, जिसमें शिकायत सही पाई गई। इसके बाद कलेक्टर ने स्कूल को सील करने और छात्रों के भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए उन्हें अन्य मान्यता प्राप्त विद्यालयों में प्रवेश दिलाने के निर्देश जारी किए हैं।

शिकायत के बाद कलेक्टर ने लिया संज्ञान

जानकारी के अनुसार, स्थानीय नागरिकों ने जिला प्रशासन को शिकायत दी थी कि रेलवे स्टेशन के समीप स्थित सन ब्राइट स्कूल में निर्धारित मान्यता से अधिक कक्षाओं का संचालन किया जा रहा है। शिकायत मिलने के बाद जिला कलेक्टर ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) को जांच के निर्देश दिए।

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जांच में खुली अनियमितताओं की परतें

MP Education Scam: जिला शिक्षा अधिकारी की जांच में सामने आया कि स्कूल को केवल आठवीं कक्षा तक संचालन की अनुमति प्राप्त है, लेकिन स्कूल प्रबंधन ने नियमों की अनदेखी करते हुए नौवीं और दसवीं के छात्रों का प्रवेश लेकर नियमित पढ़ाई शुरू कर रखी थी। जांच रिपोर्ट में शिकायत को सही पाए जाने के बाद प्रशासन ने सख्त कार्रवाई का फैसला लिया।

स्कूल सील करने के आदेश

जांच रिपोर्ट के आधार पर रीवा कलेक्टर ने जिला शिक्षा अधिकारी को सन ब्राइट स्कूल को तत्काल सील करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही यह भी कहा गया है कि स्कूल में पढ़ रहे नौवीं और दसवीं के विद्यार्थियों के भविष्य को किसी प्रकार का नुकसान न हो, इसके लिए उन्हें जल्द ही अन्य मान्यता प्राप्त विद्यालयों में प्रवेश दिलाया जाए।

शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल

MP Education Scam: इस पूरे मामले ने जिला शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप है कि निजी स्कूलों को मान्यता देने और उनकी निगरानी की प्रक्रिया में भारी लापरवाही बरती जा रही है। बताया जा रहा है कि विद्यालयों द्वारा प्रस्तुत दस्तावेजों और वास्तविक स्थिति में बड़ा अंतर होने के बावजूद समय पर कार्रवाई नहीं की गई।

पहले भी विवादों में रहा शिक्षा विभाग

रीवा जिला शिक्षा विभाग पहले भी अनुकंपा नियुक्ति और अनुरक्षण मद (मेंटेनेंस फंड) से जुड़े कथित घोटालों को लेकर चर्चा में रहा है। अब निजी विद्यालयों की मान्यता में कथित अनियमितताओं का मामला सामने आने के बाद विभाग की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में है।

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प्रशासन ने दिए सख्त कार्रवाई के संकेत

MP Education Scam: जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिले में संचालित सभी निजी विद्यालयों की मान्यता और संचालन की जांच की जाएगी। यदि कोई विद्यालय निर्धारित नियमों का उल्लंघन करते हुए अधिक कक्षाओं का संचालन करता पाया गया, तो उसके खिलाफ भी नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का कहना है कि छात्रों के भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

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