Strike by Patwaris Across Chhattisgarh: दो सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदेशभर के पटवारी एक दिवसीय हड़ताल पर; राजस्व सेवाएं प्रभावित

0
28

Strike by Patwaris Across Chhattisgarh: बलौदाबाजार (छत्तीसगढ़)। छत्तीसगढ़ में राजस्व व्यवस्था की रीढ़ माने जाने वाले पटवारियों ने अपनी लंबित दो सूत्रीय मांगों को लेकर शासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। सोमवार को प्रदेशभर के पटवारी एक दिवसीय सांकेतिक हड़ताल पर रहे। इसी क्रम में बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के पटवारियों ने जिला मुख्यालय स्थित दशहरा मैदान में एकत्रित होकर जोरदार प्रदर्शन किया और शासन का ध्यान अपनी समस्याओं की ओर आकृष्ट कराया।

हड़ताल के कारण प्रदेशभर के तहसील और राजस्व कार्यालयों में नामांतरण, सीमांकन, आय-जाति और निवास प्रमाण पत्र से संबंधित आम जनता के कई काम प्रभावित रहे।

क्या हैं पटवारियों की दो प्रमुख मांगें?

पटवारी संघ के प्रतिनिधियों ने बताया कि वे लंबे समय से अपनी जायज मांगों को लेकर शासन-प्रशासन के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन कोई ठोस समाधान नहीं निकला है। उनकी मुख्य मांगें निम्नलिखित हैं:

  1. प्रमोशन में 50-50% का कोटा: प्रदेश में राजस्व निरीक्षकों (RI) और नायब तहसीलदारों की भारी कमी है। संघ की मांग है कि इन पदों पर पदोन्नति (Promotion) के लिए 50% स्थान वरिष्ठता (Seniority) के आधार पर और शेष 50% स्थान विभागीय परीक्षा (Departmental Exam) के माध्यम से पटवारियों को प्राथमिकता देकर भरे जाएं।

  2. वेतन विसंगति का निवारण: पटवारियों के वेतनमान में लंबे समय से चली आ रही विसंगति (Salary Discrepancy) को तत्काल दूर किया जाए।

2013 के बाद से अटका है पदोन्नति का मामला

प्रदर्शनकारी पटवारी संघ के सदस्यों ने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि वर्ष 2013 के बाद से आज तक पटवारियों का प्रमोशन नहीं हुआ है। कई पटवारी एक ही पद पर सेवा देते हुए सेवानिवृत्त होने की कगार पर पहुंच चुके हैं।

संघ का कहना है कि राजस्व निरीक्षकों के पद खाली होने के बावजूद विभागीय स्तर पर पटवारियों को पदोन्नति नहीं दी जा रही है, जिससे कर्मचारियों में गहरा असंतोष है।

उग्र आंदोलन की दी चेतावनी

बलौदाबाजार के दशहरा मैदान में आयोजित इस धरना-प्रदर्शन के माध्यम से पटवारी संघ ने साफ किया कि आज का प्रदर्शन केवल एक दिवसीय सांकेतिक विरोध था। यदि शासन द्वारा उनकी दो सूत्रीय मांगों पर जल्द ही सहानुभूतिपूर्वक विचार कर कोई सकारात्मक कदम नहीं उठाया गया, तो प्रांतीय निकाय के आह्वान पर चर्चा कर आगे के लिए अनिश्चितकालीन हड़ताल या उग्र आंदोलन की रणनीति तय की जाएगी।

Share The News

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here