Gwalior Cyber Fraud: ग्वालियर। मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले में पुलिस ने एक बड़े अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश करते हुए फर्जी इंटरनेशनल कॉल सेंटर का खुलासा किया है। मोहना थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए विदेशी नागरिकों, विशेष रूप से अमेरिकी लोगों से ऑनलाइन ठगी करने वाले चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी खुद को अमेरिका की प्रतिष्ठित “Lending Club” कंपनी का एजेंट बताकर लोगों को लोन दिलाने का झांसा देते थे और फिर उनसे बैंकिंग जानकारी एवं प्रोसेसिंग फीस के नाम पर ठगी करते थे।इस पूरे रैकेट का मास्टरमाइंड प्रवल प्रताप सिंह परिहार बताया जा रहा है, जो फिलहाल फरार है। पुलिस उसकी तलाश में जुटी हुई है।
होटल के कमरे से चल रहा था फर्जी इंटरनेशनल कॉल सेंटर
पुलिस को सूचना मिली थी कि मोहना थाना क्षेत्र स्थित एनएच-46 के जैनपथ होटल में कुछ युवक संदिग्ध गतिविधियां संचालित कर रहे हैं। सूचना के आधार पर पुलिस ने होटल में दबिश दी।कार्रवाई के दौरान होटल के कमरा नंबर-6 में चार युवक लैपटॉप पर विदेशी नागरिकों से बातचीत करते मिले। पूछताछ में संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर पुलिस ने उन्हें हिरासत में लेकर जांच शुरू की।
ये आरोपी हुए गिरफ्तार
Gwalior Cyber Fraud: पुलिस ने जिन चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, उनकी पहचान इस प्रकार हुई है—
- अभिषेक राजपूत
- शिवेंद्र नरेंद्र सिंह परिहार
- आर्यन राजपूत उर्फ लाला (झांसी)
- शुभोम घोष उर्फ शुभम (निवासी दीमापुर, नागालैंड)
पूछताछ में सामने आया कि सभी आरोपी पिछले लगभग पांच महीनों से इस फर्जी इंटरनेशनल कॉल सेंटर में काम कर रहे थे।
अमेरिकी नागरिकों को बनाते थे निशाना
Gwalior Cyber Fraud: पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी व्हाट्सएप और ई-मेल के माध्यम से अमेरिकी नागरिकों का निजी डेटा प्राप्त करते थे। इसके बाद उन्हें फोन कर खुद को Lending Club कंपनी का अधिकृत प्रतिनिधि बताते हुए कम ब्याज पर लोन उपलब्ध कराने का झांसा देते थे।
विश्वास जीतने के बाद आरोपी पीड़ितों से—
- सोशल सिक्योरिटी नंबर
- बैंक अकाउंट की जानकारी
- व्यक्तिगत दस्तावेज
- प्रोसेसिंग शुल्क
के नाम पर जानकारी और भुगतान हासिल करते थे।
गिफ्ट कार्ड के जरिए करते थे ठगी
Gwalior Cyber Fraud: पुलिस के मुताबिक आरोपी सीधे बैंक खाते में पैसा नहीं मंगवाते थे। वे पीड़ितों से Apple Gift Card, Nike Gift Card और अन्य डिजिटल गिफ्ट वाउचर खरीदवाकर उनके कोड हासिल कर लेते थे। बाद में इन्हीं गिफ्ट कार्ड्स को कैश में बदलकर ठगी की रकम हासिल की जाती थी।
फर्जी विदेशी नामों का करते थे इस्तेमाल
विदेशी नागरिकों को विश्वास में लेने के लिए आरोपी अंग्रेजी बोलते थे और अपने असली नाम छिपाकर विदेशी नामों का इस्तेमाल करते थे।
जांच में सामने आया कि आरोपी—
- FRANK
- LUIS HAMILTON
- BRUCE
जैसे नामों से अमेरिकी नागरिकों से बातचीत करते थे, ताकि उन्हें संदेह न हो।
15 से 20 हजार रुपये वेतन और 5 प्रतिशत कमीशन
Gwalior Cyber Fraud: पुलिस के अनुसार, फरार मास्टरमाइंड प्रवल प्रताप सिंह परिहार इस पूरे नेटवर्क का संचालन कर रहा था। वह कॉल सेंटर में काम करने वाले युवकों को ₹15,000 से ₹20,000 प्रतिमाह वेतन देता था। इसके अलावा प्रत्येक सफल ठगी पर 5 प्रतिशत कमीशन भी दिया जाता था।
बड़ी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त
पुलिस ने मौके से साइबर ठगी में इस्तेमाल होने वाला सामान भी बरामद किया है। जब्त सामग्री में शामिल हैं—
- 4 लैपटॉप
- 7 मोबाइल फोन
- 4 हेडफोन
- अंग्रेजी में तैयार ठगी की स्क्रिप्ट
- विदेशी ग्राहकों का डेटा
- अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज और डिजिटल सामग्री
इन सभी उपकरणों को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा जा रहा है।
मास्टरमाइंड की तलाश जारी
Gwalior Cyber Fraud: पुलिस ने चारों आरोपियों के खिलाफ साइबर अपराध सहित संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। साथ ही फरार मास्टरमाइंड प्रवल प्रताप सिंह परिहार की तलाश तेज कर दी गई है।जांच एजेंसियां अब यह भी पता लगा रही हैं कि इस अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी नेटवर्क से और कितने लोग जुड़े हुए हैं तथा अब तक कितने विदेशी नागरिक इस गिरोह का शिकार बन चुके हैं।







