CG Paper Leak Controversy: रायपुर (छत्तीसगढ़)। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के घटनाक्रम के बाद अब छत्तीसगढ़ में भी शिक्षा विभाग और उसके नेतृत्व के खिलाफ आक्रोश की लहर तेज हो गई है। प्रदेश के शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव के इस्तीफे की मांग को लेकर रविवार को राजधानी रायपुर के व्यस्ततम आंबेडकर चौक में सैकड़ों छात्र-छात्राएं एकजुट हुए। 12वीं बोर्ड परीक्षा के हिंदी विषय के पेपर लीक मामले से शुरू हुआ यह असंतोष अब एक बड़े राजनीतिक और सामाजिक आंदोलन का रूप लेता नजर आ रहा है। इस प्रदर्शन को भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (NSUI) का भी सीधा समर्थन मिला है।
12वीं हिंदी पेपर लीक मामले से आक्रोशित हैं छात्र
प्रदर्शन में शामिल विद्यार्थियों ने बताया कि 12वीं बोर्ड परीक्षा के हिंदी विषय का पर्चा सार्वजनिक और लीक हो जाने से उनकी महीनों की मेहनत पर पानी फिर गया है।
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भविष्य के साथ खिलवाड़: छात्रों का आरोप है कि प्रदेश में बार-बार सामने आ रही पेपर लीक की घटनाओं से युवा पीढ़ी का भविष्य अंधकारमय हो रहा है और निष्ठापूर्वक पढ़ाई करने वाले अभ्यर्थियों का मनोबल टूट रहा है।
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नैतिक जिम्मेदारी का सवाल: आंदोलनकारियों का कहना है कि जब केंद्रीय स्तर पर जवाबदेही तय हो सकती है, तो राज्य में इतनी बड़ी लापरवाही पर प्रदेश के शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव को भी अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए।
पेपर लीक के खिलाफ सख्त और प्रभावी कानून बनाने की मांग
प्रदर्शन के दौरान केवल इस्तीफे की ही नहीं, बल्कि व्यवस्थागत सुधारों की भी पुरजोर मांग उठी। छात्रों ने सरकार से आग्रह किया कि:
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कड़ा कानून: पेपर लीक जैसी सामाजिक और प्रशासनिक बुराई पर हमेशा के लिए रोक लगाने के लिए अत्यंत सख्त, गैर-जमानती और प्रभावी कानून लागू किया जाए।
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दोषियों पर त्वरित कार्रवाई: पेपर लीक कराने वाले गिरोहों, कोचिंग माफिया और विभाग के भीतर छिपे दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।
मृतका हरिका राव के परिवार को न्याय और मुआवजे की मांग
आंबेडकर चौक पर चल रहे इस प्रदर्शन में री-नीट (Re-NEET) परीक्षा से जुड़ी दुखद घटनाओं के बाद आत्महत्या करने वाली छात्रा हरिका राव का मुद्दा भी जोर-शोर से गूंजा। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि हरिका राव के शोक संतप्त परिवार को अविलंब उचित मुआवजा दिया जाए और मामले की निष्पक्ष जांच कराकर पीड़िता को न्याय दिलाया जाए।
एनएसयूआई (NSUI) का खुला समर्थन
छात्रों के इस स्वतःस्फूर्त आंदोलन को उस समय और मजबूती मिली, जब एनएसयूआई के पदाधिकारी व कार्यकर्ता बड़ी संख्या में झंडे और तख्तियां लेकर आंबेडकर चौक पहुंचे।
एनएसयूआई नेताओं ने कहा कि वे छात्रों के इस न्यायपूर्ण संघर्ष में पूरी तरह उनके साथ हैं। जब तक शिक्षा मंत्री इस्तीफा नहीं देते और पेपर लीक के दोषियों पर कड़ी कार्रवाई नहीं होती, तब तक यह आंदोलन रायपुर की सड़कों से लेकर पूरे प्रदेश में जारी रहेगा।







