Wednesday, September 9, 2026
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CGPSC Scam: CGPSC भर्ती घोटाले में ED की बड़ी कार्रवाई, पूर्व चेयरमैन टामन सोनवानी गिरफ्तार, आज कोर्ट में होगी पेशी

CGPSC Scam
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CGPSC Scam: रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित CGPSC भर्ती घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) के पूर्व अध्यक्ष टामन सोनवानी को गिरफ्तार कर लिया है। इससे पहले इस मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) भी उन्हें गिरफ्तार कर चुकी है। अब ईडी मामले में मनी लॉन्ड्रिंग के पहलुओं की जांच कर रही है।

CGPSC Scam: ईडी आज टामन सोनवानी को विशेष अदालत में पेश करेगी। एजेंसी उनसे पूछताछ के लिए रिमांड मांगेगी, ताकि भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं, धन के लेन-देन और अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका की गहराई से जांच की जा सके।

CGPSC Scam: क्या है CGPSC भर्ती घोटाला?

CGPSC Scam: यह मामला वर्ष 2020 से 2022 के बीच आयोजित CGPSC भर्ती परीक्षाओं से जुड़ा है। इन परीक्षाओं के जरिए डिप्टी कलेक्टर, डीएसपी सहित कई महत्वपूर्ण पदों पर भर्ती की गई थी। भर्ती परिणाम आने के बाद तत्कालीन अध्यक्ष टामन सोनवानी के रिश्तेदारों और कुछ प्रभावशाली लोगों के परिजनों के चयन को लेकर सवाल उठे। आरोप लगे कि नियमों की अनदेखी कर अपने करीबी लोगों को फायदा पहुंचाया गया।

CGPSC Scam: इन्हीं शिकायतों के आधार पर राज्य सरकार ने मामले की जांच सीबीआई को सौंपी। सीबीआई ने 9 जुलाई 2024 को एफआईआर दर्ज की थी। यह कार्रवाई छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा 16 फरवरी और 10 अप्रैल 2024 को जारी अधिसूचनाओं के आधार पर की गई थी।

CGPSC Scam: CBI पहले ही कर चुकी है गिरफ्तारी

CGPSC Scam: सीबीआई की जांच में पूर्व अध्यक्ष टामन सोनवानी और बजरंग पावर एंड इस्पात लिमिटेड के निदेशक श्रवण कुमार गोयल को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। जांच एजेंसी का आरोप है कि भर्ती प्रक्रिया के दौरान पद का दुरुपयोग कर अपने रिश्तेदारों और अन्य प्रभावशाली लोगों के परिजनों का चयन कराया गया।

CGPSC Scam: 2021 भर्ती प्रक्रिया पर सबसे ज्यादा सवाल

CGPSC Scam: सीबीआई की एफआईआर के अनुसार, वर्ष 2021 की भर्ती प्रक्रिया में 1,29,206 अभ्यर्थियों ने प्रारंभिक परीक्षा दी थी। इनमें से 2,548 उम्मीदवार मुख्य परीक्षा के लिए चयनित हुए। मुख्य परीक्षा के बाद 509 अभ्यर्थियों का इंटरव्यू हुआ और अंत में 170 उम्मीदवारों का विभिन्न प्रशासनिक पदों पर चयन किया गया। इसी चयन सूची को लेकर सबसे अधिक विवाद सामने आया।

CGPSC Scam: अब ईडी इस पूरे मामले में कथित मनी लॉन्ड्रिंग और आर्थिक लेन-देन के पहलुओं की जांच कर रही है। एजेंसी की कार्रवाई से मामले में जुड़े अन्य लोगों पर भी शिकंजा कसने की संभावना जताई जा रही है।

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