Wednesday, September 9, 2026
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Chhattisgarh High Court: सौतेली बेटी से दुष्कर्म करने वाले पिता को हाईकोर्ट से राहत नहीं, 20 साल की सजा बरकरार

Chhattisgarh High Court:
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Chhattisgarh High Court: बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने 13 वर्षीय सौतेली बेटी से दुष्कर्म के मामले में दोषी करार दिए गए पिता की अपील खारिज कर दी है। हाईकोर्ट ने निचली अदालत के फैसले को सही मानते हुए आरोपी को सुनाई गई 20 साल की कठोर कैद और जुर्माने की सजा को बरकरार रखा है। अदालत ने अपने फैसले में कहा कि पीड़िता की गवाही पूरी तरह भरोसेमंद है और केवल उसके बयान के आधार पर भी दोष सिद्ध किया जा सकता है, यदि वह विश्वसनीय और स्पष्ट हो।

Chhattisgarh High Court: मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा और न्यायमूर्ति रवींद्र कुमार अग्रवाल की डिवीजन बेंच ने मामले की सुनवाई करते हुए आरोपी की सभी दलीलों को खारिज कर दिया। कोर्ट ने कहा कि ट्रायल कोर्ट ने उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर सही निर्णय दिया था और उसमें हस्तक्षेप करने का कोई कारण नहीं है।

Chhattisgarh High Court: 31 जुलाई 2024 को हुई थी वारदात

Chhattisgarh High Court: यह मामला दुर्ग जिले के सुपेला थाना क्षेत्र का है। 31 जुलाई 2024 को हुई इस घटना ने पूरे इलाके को झकझोर दिया था। पुलिस के अनुसार, पीड़िता की मां रोज की तरह काम पर गई हुई थी। घर में 13 वर्षीय बच्ची और उसकी छोटी बहन मौजूद थीं। इसी दौरान आरोपी ने अपनी सौतेली बेटी को अकेला पाकर उसके साथ दुष्कर्म किया।

Chhattisgarh High Court: पीड़िता ने विरोध किया और शोर मचाने की कोशिश की, लेकिन आरोपी ने उसके मुंह में कपड़ा ठूंस दिया ताकि उसकी आवाज बाहर न जा सके। घटना के बाद बच्ची डरी-सहमी रही। बाद में उसकी छोटी बहन ने पूरी घटना अपनी मां को बताई। इसके बाद पीड़िता की मां तुरंत पुलिस के पास पहुंची और आरोपी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई।

Chhattisgarh High Court: पुलिस ने तत्काल की कार्रवाई

Chhattisgarh High Court: शिकायत मिलने के बाद सुपेला थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया और अन्य जरूरी साक्ष्य जुटाए। मामले की जांच पूरी होने के बाद अदालत में चालान पेश किया गया।

Chhattisgarh High Court: जांच के दौरान पुलिस ने पीड़िता और उसकी छोटी बहन के बयान दर्ज किए। इसके अलावा घटनास्थल से मिले साक्ष्य और वैज्ञानिक जांच रिपोर्ट भी अदालत में पेश की गई। पुलिस का कहना था कि जांच के दौरान मिले सबूत आरोपी के खिलाफ पर्याप्त थे।

Chhattisgarh High Court: विशेष अदालत ने सुनाई थी 20 साल की सजा

मामले की सुनवाई दुर्ग स्थित चतुर्थ एफटीएससी (फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट) में हुई। अदालत ने पीड़िता, उसकी मां, छोटी बहन और अन्य गवाहों के बयान के साथ मेडिकल और फारेंसिक रिपोर्ट का परीक्षण किया।

Chhattisgarh High Court: सभी साक्ष्यों पर विचार करने के बाद विशेष अदालत ने 31 अक्टूबर 2025 को आरोपी को दोषी करार दिया। अदालत ने उसे 20 वर्ष के कठोर कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई। कोर्ट ने अपने फैसले में कहा था कि आरोपी ने अपने ही परिवार के विश्वास को तोड़ा है और एक मासूम बच्ची के साथ गंभीर अपराध किया है, इसलिए उसे कड़ी सजा दी जाना जरूरी है।

 

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