MP Education News: शहडोल। मध्य प्रदेश के शहडोल जिले से शिक्षा व्यवस्था को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। जहां स्कूल में बच्चों के हाथों में किताबें और कॉपियां होनी चाहिए थीं, वहीं उन्हें बरसात के मौसम में घनी और जहरीली झाड़ियों की सफाई कराई जा रही थी। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं।
सबसे गंभीर बात यह है कि बरसात के मौसम में झाड़ियों के बीच सांप, बिच्छू और अन्य जहरीले जीव-जंतुओं का खतरा बना रहता है। इसके बावजूद मासूम बच्चों से सफाई कराए जाने को लेकर अभिभावकों और स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी है।
सरकारी स्कूल में बच्चों से कराया गया सफाई कार्य
MP Education News: यह मामला आदिवासी बाहुल्य शहडोल जिले के जयसिंहनगर विकासखंड स्थित शासकीय प्राथमिक शाला मासियारी का है। वायरल वीडियो में स्कूल परिसर के भीतर कई छोटे बच्चे झाड़ियां काटते और कचरा साफ करते दिखाई दे रहे हैं।
वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि बच्चे पढ़ाई छोड़कर स्कूल परिसर की सफाई में लगे हुए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह कार्य बच्चों से नहीं बल्कि कर्मचारियों के माध्यम से कराया जाना चाहिए था।
बरसात में बढ़ा था जहरीले जीवों का खतरा
MP Education News: घटना ऐसे समय सामने आई है जब लगातार बारिश के कारण स्कूल परिसर में घास और झाड़ियां काफी बढ़ गई थीं। ऐसे मौसम में सांप, बिच्छू और अन्य जहरीले जीव झाड़ियों में छिपे रहते हैं।
इसके बावजूद मासूम बच्चों को बिना किसी सुरक्षा व्यवस्था के झाड़ियों के बीच सफाई के लिए भेज दिया गया। यदि कोई जहरीला जीव बच्चों पर हमला कर देता, तो बड़ा हादसा हो सकता था।
वीडियो बनाने पर महिला का विवादित जवाब
MP Education News: वायरल वीडियो के दौरान एक स्थानीय नागरिक ने बच्चों से सफाई कराने पर आपत्ति जताई और इसका वीडियो बनाते हुए सवाल पूछा कि आखिर बच्चों से यह काम क्यों कराया जा रहा है।
इस पर वीडियो में दिखाई दे रही एक महिला ने कथित तौर पर कहा—
“अगर स्कूल के अंदर बच्चों से सफाई नहीं कराएंगे तो क्या किसी के घर में कराएंगे… जाओ, वीडियो बनाकर वायरल कर दो।”महिला का यह कथित बयान अब सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है और लोग इसे बच्चों के अधिकारों की अनदेखी बता रहे हैं।
बाल संरक्षण नियमों पर उठे सवाल
MP Education News: शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE) और बाल संरक्षण से जुड़े नियमों के अनुसार विद्यालयों में बच्चों से किसी भी प्रकार का जोखिम भरा या श्रम जैसा कार्य कराना उचित नहीं माना जाता।
विद्यालय का उद्देश्य बच्चों को सुरक्षित वातावरण में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है, न कि उनसे सफाई या अन्य श्रम संबंधी कार्य कराना।वीडियो वायरल होने के बाद हरकत में आया शिक्षा विभाग
वीडियो वायरल होने के बाद शिक्षा विभाग भी सक्रिय हो गया है।
MP Education News:जिला परियोजना समन्वयक (DPC) ने कहा कि मामला पहले उनके संज्ञान में नहीं था। अब वीडियो सामने आने के बाद पूरे मामले की जांच कराई जाएगी और तथ्य सामने आने पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।वहीं जयसिंहनगर के बीईओ राजेंद्र तिवारी ने बताया कि मामले की जांच के लिए बीआरसी को निर्देश दिए गए हैं। संबंधित शिक्षिका को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है।उन्होंने स्पष्ट कहा कि बरसात के मौसम में बच्चों से इस तरह झाड़ियों की सफाई कराना पूरी तरह गलत है और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
अभिभावकों में नाराजगी, कार्रवाई की मांग
घटना सामने आने के बाद अभिभावकों और स्थानीय लोगों ने जिम्मेदार शिक्षकों और अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि बच्चों को पढ़ाई के बजाय सफाई कार्य में लगाना शिक्षा व्यवस्था की गंभीर लापरवाही है।लोगों ने मांग की है कि स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए और भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए जाएं।







