Bhupesh Baghel on Raipur Violence: रायपुर बवाल पर भूपेश बघेल का बयान सामने आया है। रायपुर में भाजपा और कांग्रेस के प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा और पथराव के बाद पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर भाजपा और पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस कार्यालय पर हुआ हमला सुनियोजित था और इसमें सत्ता पक्ष के मंत्री भी शामिल थे।
रायपुर बवाल पर भूपेश बघेल का बयान में उन्होंने कहा कि भाजपा के घेराव कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस मुख्यालय पर हमला किया गया। उनके अनुसार, यह हमला लोकतांत्रिक और संवैधानिक मर्यादाओं के विपरीत था। उन्होंने दावा किया कि प्रदर्शन के नाम पर कांग्रेस कार्यालय और कार्यकर्ताओं को निशाना बनाया गया।
‘हद में रहिए भाजपा वालो’
रायपुर बवाल पर भूपेश बघेल का बयान में उन्होंने भाजपा पर तीखा हमला करते हुए लिखा, “हद में रहिए भाजपा वालो।” उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शन में शामिल लोगों ने कांग्रेस कार्यालय पर पथराव किया और हालात बिगाड़ने की कोशिश की।
हद में रहिए भाजपा वालो!!!
कल घेराव के नाम पर भाजपा के लोगों ने रायपुर में कांग्रेस मुख्यालय पर हमला किया.
भाजपा के सारे मंत्री भी लोकतांत्रिक और संवैधानिक मर्यादाओं को ताक में रखकर इसमें शामिल हुए.
आदतन उपद्रवी इन तत्वों ने कांग्रेस मुख्यालय और हमारे कार्यकर्ताओं पर पत्थर… pic.twitter.com/4xM1qj41uZ
— Bhupesh Baghel (@bhupeshbaghel) July 23, 2026
पुलिस की कार्रवाई पर भी उठाए सवाल
रायपुर बवाल पर भूपेश बघेल का बयान में पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठाए गए। उन्होंने कहा कि घटना में कांग्रेस कार्यकर्ता और कुछ पत्रकार घायल हुए, लेकिन एफआईआर कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं के खिलाफ दर्ज की गई। उन्होंने निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की।
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पुलिस अधिकारियों को दी चेतावनी
रायपुर बवाल पर भूपेश बघेल का बयान में उन्होंने पुलिस अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि भाजपा की सरकार स्थायी नहीं है। उन्होंने लिखा कि “भाजपा कुछ महीनों की मेहमान है, फिर मिलेंगे।” इस टिप्पणी के बाद प्रदेश की राजनीति में बयानबाजी और तेज होने की संभावना है।
क्या है पूरा मामला?
रायपुर बवाल पर भूपेश बघेल का बयान उस घटना के बाद आया है जिसमें भाजपा द्वारा आयोजित प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यालय के बाहर दोनों पक्षों के बीच तनाव बढ़ गया था। घटना के दौरान पथराव हुआ, कई पुलिसकर्मी और अन्य लोग घायल हुए। पुलिस ने इस मामले में कांग्रेस के 12 नेताओं और कार्यकर्ताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। पुलिस का आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान पथराव किया गया, जबकि कांग्रेस इन आरोपों को खारिज करते हुए भाजपा पर हिंसा भड़काने का आरोप लगा रही है।
रायपुर बवाल पर भूपेश बघेल का बयान आने के बाद मामले ने राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। फिलहाल पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है। घटना को लेकर दोनों राजनीतिक दल एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं। मामले में आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों के आधार पर होगी।







