Indore Cyber Crime: इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर में क्राइम ब्रांच ने शेयर ट्रेडिंग और ऑनलाइन इन्वेस्टमेंट के नाम पर करोड़ों रुपये की साइबर ठगी करने वाले नेटवर्क का बड़ा खुलासा किया है। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने फर्जी बैंक खाते उपलब्ध कराने वाले गिरोह के तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी देशभर में सक्रिय साइबर ठगों को बैंक खाते और बैंकिंग किट उपलब्ध कराकर ठगी की रकम का लेन-देन करवाते थे।
पूछताछ में खुला साइबर सिंडिकेट का राज
क्राइम ब्रांच के मुताबिक, पहले गिरफ्तार किए गए आरोपियों से पूछताछ के दौरान इस गिरोह की जानकारी मिली थी। इसके आधार पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तीन अन्य आरोपियों को दबोच लिया। जांच में पता चला कि आरोपियों की भूमिका फर्जी बैंक खाते खुलवाने और उनसे जुड़ी बैंकिंग किट साइबर अपराधियों तक पहुंचाने की थी।
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15 मोबाइल, बैंक दस्तावेज और स्कॉर्पियो जब्त
Indore Cyber Crime: पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 15 मोबाइल फोन, कई पासबुक, सिम कार्ड, बैंक दस्तावेज और एक स्कॉर्पियो वाहन जब्त किया है। जब्त किए गए दस्तावेजों और डिजिटल साक्ष्यों की जांच की जा रही है। आशंका है कि इनका इस्तेमाल देशभर में हुई कई साइबर ठगी की वारदातों में किया गया है।
करोड़ों रुपये के संदिग्ध लेन-देन का खुलासा
जांच के दौरान पुलिस को आरोपियों के बैंक खातों में करोड़ों रुपये के संदिग्ध लेन-देन की जानकारी मिली है। शुरुआती जांच में यह भी सामने आया है कि इन खातों का उपयोग शेयर ट्रेडिंग, ऑनलाइन इन्वेस्टमेंट और अधिक मुनाफे का लालच देकर लोगों से ठगी करने वाले साइबर गिरोह करते थे।
मास्टरमाइंड की तलाश जारी
Indore Cyber Crime: क्राइम ब्रांच अब इस पूरे साइबर फ्रॉड सिंडिकेट की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है। पुलिस का कहना है कि गिरोह के मास्टरमाइंड सहित अन्य फरार आरोपियों की तलाश की जा रही है। जल्द ही इस नेटवर्क से जुड़े और लोगों की गिरफ्तारी होने की संभावना है।
देशभर में फैला हो सकता है नेटवर्क
Indore Cyber Crime: पुलिस अधिकारियों के अनुसार, प्रारंभिक जांच से संकेत मिले हैं कि यह गिरोह केवल इंदौर या मध्य प्रदेश तक सीमित नहीं था, बल्कि देश के कई राज्यों में सक्रिय साइबर अपराधियों को बैंक खाते उपलब्ध कराता था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस डिजिटल साक्ष्यों और बैंकिंग रिकॉर्ड की गहन जांच कर रही है।







