Janjgir-Champa News: जांजगीर-चांपा। जिले में पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय ने विवेचना कार्य में लापरवाही बरतने वाले पुलिस अधिकारियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। इसी क्रम में नैला चौकी में पदस्थ उपनिरीक्षक भवानी सिंह चौहान को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर रक्षित केंद्र से संबद्ध कर दिया गया है।यह कार्रवाई गंभीर आपराधिक मामलों की जांच में लापरवाही और लंबे समय तक प्रकरणों को लंबित रखने के आरोपों के बाद की गई है।
गंभीर मामलों की जांच में बरती लापरवाही
पुलिस विभाग के अनुसार, उपनिरीक्षक भवानी सिंह चौहान के पास अपहरण, चोरी, छेड़छाड़ और मारपीट जैसे गंभीर मामलों की विवेचना की जिम्मेदारी थी।आरोप है कि उन्होंने इन प्रकरणों की जांच को बिना किसी उचित कारण के लंबे समय तक लंबित रखा और मामलों के निराकरण में अपेक्षित गंभीरता तथा सक्रियता नहीं दिखाई। इससे न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित होने की आशंका बनी रही।
SP ने माना कर्तव्य के प्रति गंभीर लापरवाही
पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय ने पूरे मामले की समीक्षा के बाद इसे कर्तव्य के प्रति गंभीर लापरवाही माना। इसके बाद तत्काल प्रभाव से उपनिरीक्षक को निलंबित करने के आदेश जारी किए गए।निलंबन के साथ ही उन्हें आगे की प्रशासनिक कार्रवाई तक रक्षित केंद्र से संबद्ध कर दिया गया है।
पीड़ितों को समय पर न्याय दिलाना प्राथमिकता
Janjgir-Champa News: एसपी ने स्पष्ट कहा कि लंबित मामलों का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निराकरण पुलिस विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। विवेचना में अनावश्यक देरी से पीड़ितों को न्याय मिलने में बाधा आती है, जिसे किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
लापरवाही पर आगे भी होगी सख्त कार्रवाई
पुलिस अधीक्षक ने जिले के सभी पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को स्पष्ट संदेश दिया है कि विवेचना कार्य में लापरवाही, उदासीनता या अनुशासनहीनता किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।उन्होंने कहा कि भविष्य में भी यदि किसी अधिकारी या कर्मचारी द्वारा कर्तव्य के निर्वहन में कोताही बरती जाती है तो उसके खिलाफ इसी तरह की कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।







