Indore Farmers Protest: इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर में पश्चिमी रिंग रोड परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण और मुआवजे को लेकर किसानों का विरोध सोमवार को उस समय तेज हो गया, जब भोपाल कूच कर रहे किसानों के काफिले को पुलिस ने बरलाई गांव के पास रोक दिया। इसके बाद मौके पर तनावपूर्ण स्थिति बन गई। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले, रेड चिली शेल, वाटर कैनन और सीमित बल प्रयोग का सहारा लिया। घटना के बाद कई किसान सड़क पर धरने पर बैठ गए, जबकि कुछ लोगों को हिरासत में लेने की भी जानकारी सामने आई है।
39 गांवों के किसान एक मंच पर, चार गुना मुआवजे की मांग
Indore Farmers Protest: किसान संगठनों और करणी सेना के नेतृत्व में 39 गांवों के किसान बड़ी संख्या में ट्रैक्टर और चार पहिया वाहनों के साथ इंदौर से भोपाल के लिए रवाना हुए थे। उनका उद्देश्य मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को ज्ञापन सौंपकर भूमि अधिग्रहण के बदले चार गुना मुआवजे की मांग करना था।
किसानों का कहना है कि वर्तमान गाइडलाइन दरें बाजार मूल्य से काफी कम हैं। ऐसे में मौजूदा मुआवजे पर जमीन देना उनके लिए आर्थिक रूप से नुकसानदायक होगा। उनका दावा है कि हजारों परिवारों की आजीविका खेती पर निर्भर है और उचित मुआवजा दिए बिना भूमि अधिग्रहण स्वीकार नहीं किया जा सकता।
बरलाई गांव में रोका गया किसानों का काफिला
Indore Farmers Protest: प्रशासन ने कानून-व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था का हवाला देते हुए किसानों के काफिले को बरलाई गांव के पास रोक दिया। पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर उन्हें समझाने का प्रयास किया, लेकिन किसान भोपाल जाने की मांग पर अड़े रहे।इसके बाद मौके पर धक्का-मुक्की और तनाव की स्थिति बन गई। पुलिस के अनुसार, भीड़ को नियंत्रित करने और स्थिति को बिगड़ने से रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए गए।
आंसू गैस, रेड चिली शेल और वाटर कैनन का इस्तेमाल
स्थिति तनावपूर्ण होने पर पुलिस ने पहले आंसू गैस और रेड चिली शेल का उपयोग किया। इसके बाद भी जब प्रदर्शनकारी पीछे नहीं हटे तो वाटर कैनन चलाए गए। अधिकारियों के मुताबिक भीड़ को नियंत्रित करने के लिए सीमित बल प्रयोग भी किया गया।घटनास्थल से कुछ प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिए जाने की भी सूचना है। हालांकि हिरासत में लिए गए लोगों की संख्या को लेकर आधिकारिक जानकारी अभी सामने नहीं आई है।
सड़क पर धरने पर बैठे किसान
पुलिस कार्रवाई के बाद नाराज किसान बरलाई गांव के पास सड़क पर बैठ गए और वहीं धरना शुरू कर दिया। किसान नेताओं ने कहा कि जब तक सरकार उनकी मांगों पर स्पष्ट निर्णय नहीं लेती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मुआवजे और गाइडलाइन दरों को लेकर संतोषजनक समाधान नहीं निकला तो आंदोलन को प्रदेशव्यापी स्वरूप दिया जाएगा।
किसानों का आरोप
Indore Farmers Protest: प्रदर्शनकारी किसानों का आरोप है कि सरकार उचित मुआवजा दिए बिना भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को आगे बढ़ा रही है। उनका कहना है कि कम मुआवजे में जमीन देने से उनके परिवारों की आजीविका पर गंभीर असर पड़ेगा।
प्रशासन ने क्या कहा?
प्रशासन का कहना है कि उसकी प्राथमिकता कानून-व्यवस्था बनाए रखना है। अधिकारियों के अनुसार किसानों के प्रतिनिधियों से लगातार संवाद किया जा रहा है और बातचीत के माध्यम से समाधान निकालने का प्रयास जारी है।प्रशासन ने यह भी कहा कि किसी भी व्यक्ति को कानून-व्यवस्था भंग करने की अनुमति नहीं दी जाएगी और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।







