Hours of Chaos on Highway: बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के न्यायधानी बिलासपुर के धूमा क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग-49 (NH-49) पर करीब चार घंटे तक उग्र प्रदर्शन और चक्काजाम करने वाले आंदोलनकारियों के खिलाफ पुलिस ने कड़ा रुख अपनाया है। सिरगिट्टी थाना पुलिस ने कानून व्यवस्था को हाथ में लेने, राष्ट्रीय राजमार्ग को बाधित करने और शासकीय कार्य में बाधा पहुंचाने के आरोप में 5 नामजद आरोपियों समेत अन्य कई ग्रामीणों के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज कर आगे की वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है।
यह पूरा विवाद क्षेत्र में ड्रेनेज (पानी निकासी) की खराब व्यवस्था के कारण उत्पन्न हुए जलभराव की समस्या को लेकर शुरू हुआ था, जिसने शनिवार को एक बड़े आंदोलन का रूप ले लिया।
ड्रेनेज का अधूरा निर्माण बना मुसीबत; 150 से अधिक घर डूबे
तोरवा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले धूमाधाम ग्राम पंचायत के निवासियों का आरोप है कि राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-49) के निर्माण के दौरान जिम्मेदार कार्यदायी संस्था और ठेकेदारों ने पानी निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं की। हाईवे पर बनाए जा रहे पुल और ड्रेनेज (नाली) के निर्माण कार्य को बीच में ही अधूरा छोड़ दिया गया है।
इसके परिणामस्वरूप, पिछले दिनों हुई भारी बारिश का पूरा पानी डाइवर्ट होकर गांव के भीतर घुस गया। ग्रामीणों के मुताबिक, गांव के 150 से अधिक घर पूरी तरह जलमग्न हो चुके हैं, जिससे लोगों का राशन-सामान बर्बाद हो गया है और उनका दैनिक जनजीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गया है। इसी समस्या से आक्रोशित होकर ग्रामीण शनिवार सुबह करीब 9 बजे सड़क पर उतर आए और दोपहर 1 बजे तक हाईवे को पूरी तरह ब्लॉक रखा।
एंबुलेंस और सैकड़ों वाहन फंसे; आम जनता को हुई भारी परेशानी
शनिवार सुबह पीक आवर्स के दौरान किए गए इस अचानक चक्काजाम के कारण राष्ट्रीय राजमार्ग पर वाहनों की कई किलोमीटर लंबी कतारें लग गईं। बिलासपुर को जोड़ने वाले इस मुख्य मार्ग पर न केवल मालवाहक ट्रक और यात्री बसें फंसी रहीं, बल्कि आपातकालीन चिकित्सा सेवा में लगी एंबुलेंस भी घंटों तक जाम के बीच फंसी रही। भीषण गर्मी और उमस के बीच यात्रियों और आम नागरिकों को इस प्रदर्शन की वजह से बेहद गंभीर दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
पुलिस की समझाइश भी रही बेअसर:
चक्काजाम की सूचना मिलते ही सिरगिट्टी थाना पुलिस और स्थानीय प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची थी। अधिकारियों ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि उनकी जलभराव की समस्या का जल्द ही तकनीकी समाधान निकाला जाएगा और एनएच के अधिकारियों से बात की जाएगी। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को कई बार समझाइश देकर सड़क खाली करने का अनुरोध किया, लेकिन प्रदर्शनकारी टस से मस नहीं हुए और ड्रेनेज का काम तुरंत शुरू करने की मांग पर अड़े रहे।
शासकीय कार्य में बाधा सहित कई गंभीर धाराओं में केस दर्ज
दोपहर 1 बजे के बाद जैसे-तैसे जाम को खुलवाया जा सका, लेकिन सार्वजनिक यातायात को बंधक बनाने और प्रशासनिक निर्देशों की अवहेलना करने पर पुलिस ने इसे गंभीरता से लिया है।
सिरगिट्टी थाना पुलिस ने आम जनता को परेशान करने, राष्ट्रीय राजमार्ग पर आवागमन पूरी तरह से बाधित करने और डयूटी पर तैनात शासकीय अधिकारियों के कार्य में बाधा उत्पन्न करने के मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की सुसंगत धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि वीडियो फुटेज और मौके की रिपोर्ट के आधार पर 5 मुख्य सूत्रधारों को नामजद किया गया है, जबकि प्रदर्शन में शामिल अन्य ग्रामीणों की पहचान कर आगे की दंडात्मक कार्रवाई की जा रही है।







