Leader of Opposition Issues Warning: विधानसभा में अविश्वास प्रस्ताव गिरने के बाद चरण दास महंत की दोटूक— “सुधर जाओ, नहीं तो हमारी सरकार सुधारेगी”

VIKASH KHALKHO

Leader of Opposition Issues Warning: रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के भीतर राज्य सरकार के खिलाफ लाया गया अविश्वास प्रस्ताव भले ही संख्या बल के अभाव में गिर गया हो, लेकिन इसे लेकर सियासी तपिश कम होने का नाम नहीं ले रही है। नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरण दास महंत ने आज कांग्रेस भवन में आयोजित एक उच्च स्तरीय प्रेस वार्ता में प्रदेश की साय सरकार और केंद्र की मोदी सरकार पर तीखे तीरों की बौछार कर दी।

नीट (NEET) परीक्षा में हुई देशव्यापी अनियमितताओं को लेकर राहुल गांधी द्वारा चलाए जा रहे राष्ट्रीय कैंपेन के सिलसिले में बुलाई गई इस मीडिया चर्चा में डॉ. महंत ने दोटूक शब्दों में कहा, “सुधर जाओ तो अच्छी बात है। नहीं सुधरोगे तो हमारी सरकार आएगी, हम सुधारेंगे।”

“10 घंटे तक जवाब क्यों दे रहे थे मुख्यमंत्री?”

मुख्यमंत्री द्वारा विपक्ष के अविश्वास प्रस्ताव को ‘लचर’ और ‘कमजोर’ बताए जाने के आरोपों पर पलटवार करते हुए डॉ. चरण दास महंत ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि समझ नहीं आता कि मुख्यमंत्री किस धुन या नशे में रहते हैं। अगर विपक्ष का प्रस्ताव इतना ही लचर और बेअसर था, तो पूरी सरकार और मुख्यमंत्री को सदन में 10-10 घंटे तक खड़े होकर जवाब देने की आवश्यकता क्यों आन पड़ी?

महंत ने आरोप लगाया कि लंबे चौड़े भाषण में मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार की एक भी वास्तविक उपलब्धि या नीति नहीं बताई, बल्कि पूरे समय केवल पूर्ववर्ती भूपेश बघेल सरकार की कमियां निकालने और उनकी बुराई करने में ही समय व्यतीत किया।

“मंत्रीगण सोचें और अपनी दुकानदारी तुरंत बंद करें”

राज्य के कैबिनेट मंत्रियों को कड़े लहजे में आगाह करते हुए नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि लोगों की छोटी सी गलती और भ्रम की वजह से ये लोग सत्ता में आ गए हैं। उन्होंने मंत्रियों को चेतावनी देते हुए कहा:

“मंत्रीगण थोड़ा विचार करें और अपनी-अपनी दुकानदारी चलाना बंद कर दें। हम भी देखेंगे कि आगामी समय में ये कितनी सीटों पर सिमट कर आते हैं। मैं भली-भांति जानता हूं कि प्रदेश में कौन, क्या और कैसे कर रहा है। मैं स्पष्ट रूप से कहना चाहता हूं कि यह अनैतिक दुकानदारी नहीं चलेगी। धान, कोयला, शराब से लेकर रेत तक, हर क्षेत्र में चल रही इस अवैध दुकानदारी के पीछे किसका हाथ है, इसकी पूरी कुंडली मेरे पास है।”

सत्ता के संरक्षण में पनपने वाली महामारी है ‘पेपर लीक’

राहुल गांधी के देशव्यापी आंदोलन और जन-संवाद का जिक्र करते हुए डॉ. महंत ने बताया कि नीट परीक्षा में देश के करोड़ों होनहार छात्रों की चीख, पीड़ा और मानसिक अवसाद को संबल प्रदान करने के लिए कांग्रेस राष्ट्रीय स्तर पर अभियान चला रही है। वर्ष 2014 से लेकर अब तक देश में रिकॉर्ड 152 सरकारी और प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक हो चुके हैं।

उन्होंने कहा कि यह कोई साधारण प्रशासनिक चूक या तकनीकी खराबी का मामला नहीं है, बल्कि यह सीधे तौर पर सत्ता के शीर्ष संरक्षण में फलने-फूलने वाली एक भयानक संगठित महामारी है, जो देश के युवाओं के भविष्य को दीमक की तरह चाट रही है।

इतिहास पीड़ित छात्रों को मुआवजा और दोषियों को मिले कड़ी सजा

डॉ. महंत ने आंकड़ों का हवाला देते हुए शिक्षा के बढ़ते बाजारीकरण पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि व्यापक परीक्षण में सामने आया है कि पूरा नीट एग्जाम 41 लाख रुपये में और उत्तराखंड जैसे राज्यों में पटवारी परीक्षा 15 लाख रुपये में बिक रही है। पूरे देश में 52 प्रमुख स्थानों पर व्यवस्थित रूप से पेपर लीक किए गए, जिसके कारण छत्तीसगढ़ की एक होनहार बेटी सहित देश भर में कई मासूम छात्रों ने हताशा में आकर आत्महत्या जैसा आत्मघाती कदम उठा लिया।

कांग्रेस ने मांग की है कि वर्तमान शिक्षा महानिदेशालय और विभिन्न यूनिवर्सिटीज में की गई संदिग्ध नियुक्तियों को तुरंत खारिज किया जाए, 125 से अधिक पेपर लीक के असली गुनाहगारों को जेल भेजा जाए और पीड़ित व प्रताड़ित छात्रों को सरकार की ओर से उचित आर्थिक मुआवजा दिया जाए।

धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा रोका गया, वांगचुक पर केंद्र मौन

प्रेस वार्ता के अंतिम चरण में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के पद पर बने रहने के सवाल पर डॉ. महंत ने एक बड़ा राजनीतिक दावा किया। उन्होंने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए स्वेच्छा से अपना इस्तीफा सौंप रहे थे, परंतु शीर्ष नेतृत्व द्वारा उन्हें ऐसा करने से जबरन रोका गया है। अब इसके पीछे क्या राजनीतिक मजबूरी है, यह तो स्वयं शिक्षा मंत्री ही स्पष्ट कर सकते हैं।

इसके साथ ही, दिल्ली में पर्यावरणविद् और वैज्ञानिक सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी और उनकी बिगड़ती सेहत पर चिंता जताते हुए उन्होंने केंद्र सरकार पर संवेदनहीनता का आरोप लगाया और कहा कि इतने बड़े वैज्ञानिक के जीवन संकट में होने के बावजूद सरकार मूकदर्शक बनी हुई है।

(इस महत्वपूर्ण प्रेस वार्ता में नेता प्रतिपक्ष के साथ पूर्व कैबिनेट मंत्री शिव कुमार डहरिया, श्री कुमार मेनन, पंकज शर्मा, आकाश शर्मा, पप्पू बंजारे सहित कांग्रेस के अनेक वरिष्ठ पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता विशेष रूप से उपस्थित रहे।)

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विकास कुमार खलखो एक डिजिटल पत्रकार, समाचार संपादक और SEO कंटेंट क्रिएटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में एक दशक से अधिक का अनुभव है। उन्होंने BJMC, Master of Journalism (MJ) और M.Phil. (मीडिया स्टडीज़) की डिग्री हासिल की है और दबंग दुनिया, हमर छत्तीसगढ़ योजना, हरिभूमि, सन स्टार डेली न्यूज़ और छत्तीसगढ़ की आवाज़ जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है। उन्हें हिंदी पत्रकारिता, ब्रेकिंग न्यूज़ कवरेज, SEO-फ्रेंडली कंटेंट राइटिंग, डिजिटल पब्लिशिंग, कंटेंट स्ट्रैटेजी, थंबनेल डिज़ाइन और सोशल मीडिया मैनेजमेंट में विशेष महारत हासिल है। उनका उद्देश्य सटीक, निष्पक्ष और विश्वसनीय पत्रकारिता के माध्यम से पाठकों तक प्रभावशाली समाचार पहुँचाना और साथ ही उच्च गुणवत्ता वाला डिजिटल कंटेंट तैयार करना है।
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