Tuesday, September 1, 2026
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Bemetara Horrific Crime: बेमेतरा में इंसानियत शर्मसार: महिला की हत्या के बाद शव से किया दुष्कर्म, फिर आरी से हाथ-पैर काटकर शिवनाथ नदी में फेंका; शातिर आरोपी गिरफ्तार

Bemetara Horrific Crime: बेमेतरा। मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ की सीमाओं से सटे बेमेतरा जिले में इंसानियत को पूरी तरह से तार-तार कर देने वाला एक बेहद ही खौफनाक और जघन्य अपराध सामने आया है। जिले के चंदनू थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले एक गांव में 50 वर्षीय महिला दुकलिहिन बाई बंजारे की लापता होने और हत्या के मामले का पुलिस ने बेहद सनसनीखेज खुलासा किया है। पुलिस की सघन जांच में यह खौफनाक सच सामने आया कि गांव के ही एक आदतन अपराधी ने पुरानी रंजिश के चलते पहले महिला की निर्मम हत्या की, फिर मृतका के शव के साथ दुष्कर्म जैसी घिनौनी वारदात को अंजाम दिया। इसके बाद कानूनी कार्रवाई और पहचान से बचने के लिए शव के टुकड़े कर नदी में बहा दिए। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।

सूने घर में घुसकर फावड़े के बेंट से किया हमला

बेमेतरा पुलिस अधीक्षक (SP) त्रिलोक बंसल ने इस पूरे अंधकत्ल का पर्दाफाश करते हुए बताया कि आरोपी रामप्रसाद सोनवानी उर्फ बंगाली (उम्र 42 वर्ष) और मृतका एक ही गांव के निवासी थे। यह पूरी वारदात बीते 6 जुलाई की रात लगभग 10:00 बजे की है। उस समय दुकलिहिन बाई अपने घर में बिल्कुल अकेली थीं। इसी का फायदा उठाकर आरोपी रामप्रसाद सोनवानी उनके घर के भीतर दाखिल हुआ और महिला के साथ जबरदस्ती करने का प्रयास करने लगा। जब महिला ने अपनी अस्मत बचाने के लिए उसका कड़ा विरोध किया और शोर मचाने की कोशिश की, तो आरोपी ने हिंसक होते हुए पास ही रखे फावड़े के भारी बेंट (लकड़ी के हत्थे) से उनके सिर पर ताबड़तोड़ कई वार कर दिए। सिर पर गंभीर और प्राणघातक चोट लगने के कारण महिला की मौके पर ही तड़प-तड़प कर मौत हो गई।

हत्या के बाद शव से दरिंदगी और टुकड़े करने का भयावह सच

पुलिस जांच और आरोपी के कबूलनामे में सबसे रूह कंपा देने वाला खुलासा यह हुआ कि महिला की मौत के बाद भी आरोपी का राक्षसी रूप शांत नहीं हुआ। उसने मृतका के बेजान शव के साथ भी दुष्कर्म किया। इसके बाद अपराध को पूरी तरह से छिपाने और पुलिस को गुमराह करने के लिए उसने एक खौफनाक साजिश रची।

आरोपी रामप्रसाद ने घर में ही रखी लकड़ी काटने वाली धारदार आरी उठाई और उससे मृतका के दोनों हाथ और दोनों पैरों को काटकर धड़ से अलग कर दिया। इसके बाद उसने कटे हुए अंगों और धड़ को अलग-अलग दो बड़ी कपड़े की गठरियों में बांधा और दिन के उजाले में पकड़े जाने के डर से उन गठरियों को अपनी झोपड़ी के भीतर ही छिपाकर रख दिया।

शव को नष्ट करने के लिए शिवनाथ नदी का लिया सहारा:

घटना के अगले दिन जब रात का घना अंधेरा छा गया, तो आरोपी दोनों गठरियों को चुपचाप लेकर शिवनाथ नदी के किनारे पहुंचा। उसने दोनों गठरियों को गहरे पानी में इस उम्मीद के साथ फेंक दिया कि तेज बहाव में बह जाने और पानी में गल जाने के बाद शव पूरी तरह नष्ट हो जाएगा, जिससे मृतका की शिनाख्त कभी नहीं हो पाएगी और पुलिस कभी भी उस तक नहीं पहुंच सकेगी।

पहले भी हत्या के मामले में काट चुका है जेल

पुलिस अधीक्षक त्रिलोक बंसल ने बताया कि आरोपी की यह चालाकी काम नहीं आ सकी और पुलिस की विशेष विंग व स्थानीय गोताखोरों की मदद से साक्ष्य जुटाकर आरोपी रामप्रसाद सोनवानी को घेराबंदी कर हिरासत में लिया गया। कड़ाई से की गई पूछताछ में उसने अपना पूरा जुर्म कबूल कर लिया है।

पुलिस रिकॉर्ड खंगालने पर यह भी पता चला है कि आरोपी बंगाली एक आदतन और बेहद क्रूर किस्म का अपराधी है, जो इससे पहले भी एक अन्य व्यक्ति की हत्या के मामले में न्यायालय द्वारा दोषी ठहराया जा चुका है और जेल की लंबी सजा काट कर बाहर आया था। चंदनू थाना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ हत्या, शव का अपमान करने, साक्ष्य मिटाने और दुष्कर्म की सुसंगत कड़क धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उसे जेल भेजने की वैधानिक कार्रवाई पूरी कर ली है।

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