Jabalpur Vaccine Scam: जबलपुर। मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले में स्वास्थ्य विभाग उस समय सुर्खियों में आ गया, जब पाटन ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर डॉ. आदर्श विश्नोई पर कथित वैक्सीन घोटाले समेत कई गंभीर आरोप लगाए गए। आरोपों के सामने आने के बाद मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) ने मामले की जांच के लिए उच्च स्तरीय तीन सदस्यीय समिति का गठन कर दिया है।
समाजवादी पार्टी के प्रदेश सचिव आशीष मिश्रा ने आरोप लगाया है कि बच्चियों और किशोरियों के लिए आई सरकारी वैक्सीन को कथित रूप से निजी अस्पतालों में बेच दिया गया, जिससे लगभग 25 से 30 लाख रुपये के वैक्सीन घोटाले की आशंका है।
कई अन्य गंभीर आरोप भी लगाए गए
Jabalpur Vaccine Scam: शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि योग्य युवाओं की अनदेखी कर कथित रूप से पैसों के लेन-देन के आधार पर आउटसोर्स कर्मचारियों की फर्जी नियुक्तियां की गईं। इसके अलावा बिना विभागीय अनुमति विदेश यात्राएं करने और आय से अधिक बेनामी संपत्ति अर्जित करने जैसे आरोप भी लगाए गए हैं।इन आरोपों के बाद स्वास्थ्य विभाग में हलचल तेज हो गई है।
तीन सदस्यीय जांच समिति गठित
Jabalpur Vaccine Scam: मामले की गंभीरता को देखते हुए सीएमएचओ डॉ. नवीन कोठारी ने तीन सदस्यीय जांच समिति का गठन किया है। समिति में वर्तमान जिला टीकाकरण अधिकारी (DIO) डॉ. विनोद गुप्ता, पूर्व डीआईओ एवं स्टोर प्रभारी डॉ. दहिया तथा जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. विनीता पॉल को शामिल किया गया है।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, समिति को प्रशासनिक और टीकाकरण कार्यक्रमों का व्यापक अनुभव है। समिति को पूरे मामले की जांच कर सात दिनों के भीतर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
शिकायतकर्ताओं ने दी न्यायालय जाने की चेतावनी
Jabalpur Vaccine Scam: शिकायतकर्ताओं का कहना है कि यदि मामले की निष्पक्ष जांच नहीं हुई और दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं की गई, तो वे न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगे। फिलहाल स्वास्थ्य विभाग की जांच समिति पूरे मामले की जांच में जुट गई है।







