Rudreshwar Corridor: धमतरी। छत्तीसगढ़ के ऐतिहासिक और प्राकृतिक रूप से समृद्ध धमतरी जिले को धार्मिक पर्यटन के क्षेत्र में एक अभूतपूर्व और वैश्विक सौगात मिलने जा रही है। मध्य प्रदेश के उज्जैन में निर्मित विश्वप्रसिद्ध ‘महाकाल लोक’ की भव्य परिकल्पना के आधार पर अब धमतरी में जीवनदायिनी महानदी के तट पर ‘रुद्रेश्वर कॉरिडोर’ का निर्माण किया जाएगा। जिला प्रशासन द्वारा इस बहुप्रतीक्षित परियोजना का अत्याधुनिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित विजन वीडियो जारी किया गया है, जिसने भविष्य में विकसित होने वाले रुद्रेश्वर महादेव मंदिर परिसर की अलौकिक और भव्य तस्वीर को जनता के सामने ला दिया है।
इस एआई विजन ने न केवल धमतरी बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के श्रद्धालुओं और प्रकृति प्रेमियों के बीच उत्साह का माहौल निर्मित कर दिया है।
महानदी पर भव्य घाट और गंगा आरती की तर्ज पर महा-आरती, महाकाल लोक जैसा होगा स्वागत द्वार
जारी किए गए एआई (AI) आधारित विजन वीडियो में महानदी के विहंगम तट पर स्थापित होने वाली एक अत्यंत विशालकाय और ध्यानमग्न महादेव प्रतिमा को प्रदर्शित किया गया है। इसके साथ ही, वाराणसी और ऋषिकेश की तर्ज पर महानदी के किनारों पर बेहद खूबसूरत व पक्के ‘भव्य घाटों’ का जाल बिछाया जाएगा, जहां प्रत्येक संध्या को संगीतमय महा-आरती का आयोजन होगा।
परियोजना के ब्लूप्रिंट के अनुसार, रुद्रेश्वर धाम के मुख्य प्रवेश मार्ग पर उज्जैन कॉरिडोर की तर्ज पर एक नक्काशीदार भव्य स्वागत द्वार, देव-कथाओं को प्रदर्शित करती आकर्षक मूर्तियां, सुंदर बगीचे (लैंडस्केप गार्डन), चौड़ी सड़कें और मंदिर परिसर की सुंदर सजावट के साथ सैलानियों के सुगम आवागमन की मुकम्मल व्यवस्था की गई है।
20 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान, गंगरेल-रुद्री पर्यटन क्लस्टर के रूप में होगा उदय
धमतरी कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने परियोजना की प्रशासनिक प्रगति साझा करते हुए बताया कि यह एआई वीडियो रुद्रेश्वर कॉरिडोर के प्रारंभिक आर्किटेक्चरल विजन को हूबहू रेखांकित करता है। इसका मूल उद्देश्य यह प्रदर्शित करना है कि निर्माण कार्य पूर्ण होने के उपरांत यह पावन धाम किस विस्मयकारी स्वरूप में नजर आएगा। कलेक्टर ने कहा कि:
“मुख्यमंत्री द्वारा धमतरी जिले को धार्मिक और इको-टूरिज्म के क्षेत्र में यह एक ऐतिहासिक अनुपम भेंट दी गई है। पर्यटन मंत्री और धमतरी महापौर के सतत प्रयासों से इस परियोजना की फाइलें तेजी से आगे बढ़ रही हैं। करीब 20 करोड़ रुपये की इस महा-परियोजना को राज्य शासन द्वारा बजट में विधिवत शामिल कर लिया गया है और जल्द ही इसकी औपचारिक प्रशासनिक व वित्तीय स्वीकृति मिलते ही धरातल पर काम शुरू हो जाएगा।”
स्थानीय व्यापार, रोजगार और धमतरी की अर्थव्यवस्था को मिलेगी नई उड़ान
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, इस कॉरिडोर के भीतर केवल धार्मिक स्थल ही नहीं, बल्कि दूर-दराज से आने वाले पर्यटकों और विदेशी सैलानियों के ठहरने के लिए सर्वसुविधायुक्त होटल, विश्राम गृह, नौकायन (बोटिंग) पॉइंट और अन्य आधुनिक नागरिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
रुद्रेश्वर कॉरिडोर के पूर्ण रूप से आकार लेने के बाद प्रसिद्ध गंगरेल बांध और रुद्री अंचल मिलकर एक एकीकृत ‘गंगरेल-रुद्री पर्यटन क्लस्टर’ के रूप में स्थापित होंगे। इस क्लस्टर के माध्यम से बस्तर और रायपुर संभाग के मध्य धमतरी एक मुख्य पर्यटन केंद्र बनेगा, जिससे स्थानीय स्तर पर छोटे-बड़े व्यापारियों, हस्तशिल्प कलाकारों, गाइडों और युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे तथा जिले की अर्थव्यवस्था को एक मजबूत गति प्राप्त होगी।







