Ram Mandir Scam: सभी 8 आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया; अयोध्या के वकीलों ने केस न लड़ने का लिया बड़ा फ़ैसला

Ram Mandir Scam: अयोध्या। विश्व प्रसिद्ध श्री राम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावा (दान) चोरी के अति-संवेदनशील मामले में उत्तर प्रदेश पुलिस और विशेष अनुसंधान दल (SIT) ने अपनी विधिक जांच की रफ्तार तेज कर दी है। सोमवार को पुलिस की दो विशेष टीमों ने जेल में बंद सभी 8 मुख्य आरोपियों के वित्तीय लेन-देन का पता लगाने के लिए स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) की अयोध्या धाम शाखा में विधिक दबिश दी।

इस दौरान पुलिस ने 7 नामजद आरोपियों के बैंक खातों के विधिक स्टेटमेंट और वित्तीय दस्तावेज अपने कब्जे में लिए। बैंक प्रबंधन को आवश्यक विधिक नोटिस जारी करते हुए पुलिस अब इस बिंदु पर गहनता से वित्तीय फॉरेंसिक जांच कर रही है कि मंदिर ट्रस्ट में नियुक्ति के बाद से इन आरोपियों के खातों में कब-कब और कितनी संदिग्ध विधिक राशियां जमा की गईं।ayodhya ram mandir news | ram mandir donation scam case ayodhya | राम मंदिर दानपत्र विवाद |

सुप्रीम कोर्ट ने तत्काल सीबीआई जांच से किया इनकार, कहा— छुट्टियों के बाद होगी विधिक सुनवाई

इस बीच, यह बहुचर्चित मामला देश की सर्वोच्च विधिक संस्था, उच्चतम न्यायालय (सुप्रीम कोर्ट) की चौखट पर भी पहुंच गया है। अधिवक्ता अनूप अवस्थी द्वारा इस पूरे महाघोटाले की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) से स्वतंत्र विधिक जांच कराने की मांग वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने तुरंत सुनवाई करने से साफ विधिक इनकार कर दिया है।

न्यायालय ने याचिकाकर्ता से पूछा कि “इस मामले में इतनी जल्दबाजी क्या है?” सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि ग्रीष्मकालीन अवकाश (छुट्टियों) की समाप्ति के पश्चात ही इस याचिका पर नियमित विधिक पीठ द्वारा विचार किया जाएगा।

सभी आरोपी 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजे गए; अयोध्या के वकीलों ने किया विधिक बहिष्कार

सोमवार को ही विधिक प्रक्रिया के तहत पुलिस ने गिरफ्तार किए गए रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू सहित सभी 8 आरोपियों को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) की अदालत में पेश किया। पुलिस द्वारा रिमांड की मांग न किए जाने पर अदालत ने सभी आरोपियों को 14 दिन की विधिक न्यायिक हिरासत (Judicial Custody) के तहत 13 जुलाई 2026 तक जेल भेज दिया है।अयोध्या के वकीलों का बड़ा फैसला, राम मंदिर चढ़ावा चोरी के आरोपियों का केस नहीं लड़ेंगे | Ayodhya lawyers big decision not fight the case of those accused in Ram temple fund

दूसरी ओर, अयोध्या के स्थानीय अधिवक्ता संघ ने एक आपातकालीन बैठक आयोजित कर इस गंभीर धार्मिक और विधिक अपराध के विरोध में एक ऐतिहासिक विधिक प्रस्ताव पारित किया है। वकीलों ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया है कि राम मंदिर में चोरी करने वाले किसी भी आरोपी का केस अयोध्या का कोई भी विधिक वकील नहीं लड़ेगा। साथ ही, पूर्व पदाधिकारियों के अयोध्या छोड़ने की विधिक मांग को लेकर आंदोलन की चेतावनी भी दी गई है।

एसआईटी (SIT) की रिपोर्ट के बाद हुई थी गिरफ्तारियां, डायरी और निवेश पत्रों से खुलेंगे राज

उल्लेखनीय है कि इस महाचोरी का विधिक खुलासा पहली बार 7 जून को हुआ था, जिसके बाद राज्य सरकार ने 13 जून को एसआईटी का गठन किया था। एसआईटी द्वारा 23 जून को एडिशनल चीफ सेक्रेटरी (गृह) संजय प्रसाद को सौंपी गई विधिक जांच रिपोर्ट के आधार पर 25 जून को ट्रस्ट के सदस्य कृष्ण मोहन की विधिक शिकायत पर एफआईआर दर्ज की गई थी।

विगत दिनों आरोपियों के निवास स्थानों पर दी गई विधिक दबिश के दौरान मुख्य आरोपी टिन्नू के घर से भारी मात्रा में आभूषण, नकदी तथा वित्तीय निवेश के विधिक दस्तावेज बरामद हुए हैं। वहीं, सह-आरोपी अनुकल्प मिश्रा के घर से मिली एक गुप्त डायरी को पुलिस इस पूरे विधिक रैकेट का सबसे बड़ा सुराग मान रही है, जिससे इस विधिक मामले में कई अन्य सफेदपोशों के चेहरों से पर्दा उठने की प्रबल विधिक संभावना है।

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